2. Sin & Separation from God
Creation to Christ3 of 8Episode 3 of 8
2. Sin & Separation from God
Humanity’s perfect relationship with God was broken and sin entered the world when the man and the woman disobeyed God after being tempted by the devil.
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Shareपरमेशर यहोवा जितणे बणो रे डांगर बणाए थे, तिना सबी बीचा ते साप चलाक था। तिने तेसा जवाणसा खे बोलेया, “क्या ये सच्च ए कि परमेशरे बोली राखेया एस बगीचे रे केसी बी डाल़ो रा कोई बी फल़ नि खाणा?”जवाणसे सापो खे बोलेया, “एते बगीचे रे फल़ आसे खाई सकूँए। पर जो डाल़ बगीचे बीचे ए, तिजी रे फल़ो रे बारे दे परमेशरे बोली राखेया कि ना तो तुसे से खाणा ओर ना ई से छूँणा, नई तो तुसे मरी जाणे।” तेबे सापे जवाणसा खे बोलेया, “तुसे पक्का नि मरने। बल्कि परमेशर आपू बी जाणोआ कि जेस दिने तुसा तिजी रा फल़ खाणा, तेस दिने ई तुसे समजदार ऊई जाणे ओर तुसे खरे ओर बुरे रा ज्ञान पाई की परमेशरो जेड़े ऊई जाणे।” इजी खे जेबे तेसे जवाणसे देखेया कि तेस डाल़ो रा फल़ खाणे खे अच्छा ए ओर देखेणे खे सुन्दर ए ओर अक्ल देणे खे चाणे जोगा बीए, तेबे तेसे तिजी ते तोड़ी की खाया ओर आपणे लाड़े खे बी दित्तेया ओर तिने बी खाया।फेर तिना दुँईं रिया आखी खुली गिया ओर तेबे तिना खे पता लगेया कि आसे नांगे ए, तेबे तिने दाऊगल़े रे डाल़ो रे पत्ते जोड़ी-जोड़ी की लंगोटिया बणाई तिया।
पवित्र परमेशरो रा वचन बघल्याणी भाषा दे
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