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प्रतिलेख
Hindi (हिंदी)
चाहे आप कोई भी खेल खेलते हों,
हम सभी ज़िंदगी का खेल खेल रहे हैं।
खेलों में, हर कोच के पास
अपनी टीम को जिताने के लिए एक 'गेम प्लान' होता है।
हमारी ज़िंदगी में,
ईश्वर ही सबसे बड़े और सच्चे कोच हैं।
ईश्वर ने ही सब कुछ बनाया है,
यहाँ तक कि आपको भी।
और वही एकमात्र सच्चे स्रोत हैं
अच्छाई और जीवन के।
उनके पास एक बेहतरीन योजना है हम सभी के लिए।
एक न एक दिन, हर खिलाड़ी से
कोई न कोई गलती (फाउल) होती है, और हर गलती
की एक सजा (पेनल्टी) होती है।
अगर हर खिलाड़ी अपने
कोच और खेल के नियमों को नज़रअंदाज़ कर दे,
तो मैदान पर
पूरी तरह से अफरा-तफरी मच जाएगी।
ठीक उसी तरह, पाप हमारे
जीवन में भी उथल-पुथल, बिखराव
और शर्मिंदगी पैदा कर सकता है।
ईश्वर के विरुद्ध किए गए
पाप की सजा उनसे हमेशा के लिए अलग हो जाना है।
ईश्वर हमें उम्मीद देते हैं अपनी
महानतम बलि के ज़रिये।
क्योंकि ईश्वर ने दुनिया से इतना प्यार किया,
कि उन्होंने अपने पुत्र यीशु को भेजा
ताकि वो हमारी जगह ले सकें और उस
मौत की सजा को सह सकें जिसके हकदार हम थे।
क्रूस पर उन्होंने हमारी सजा ले ली,
और उनके दोबारा जी उठने ने
हमारी जीत पक्की कर दी।
उन्हीं की वजह से,
हम उस इनाम का आनंद ले पा रहे हैं
जो उन्होंने हमारे लिए जीता है।
यीशु मरे और फिर से जी उठे
ताकि आप पा सकें
नई ज़िंदगी का इनाम
उनके साथ एक रिश्ता जोड़कर।
ऐसा करने के लिए, आपको ईश्वर से
अपने पापों की माफ़ी मांगनी होगी और
यीशु को अपने उद्धारकर्ता के रूप में अपनाना होगा।
क्या आप तैयार हैं कि ईश्वर
आपकी ज़िंदगी के सबसे बड़े कोच बनें
और आपको राह दिखाएं?