JESUS36 of 61Chapter 36 of 61
Jesus, His disciples, and a large crowd of followers approach Jerusalem. When it's in sight, Jesus stops and looks out over it. He talks of how Jerusalem could not see and understand a path to peace.
जिब यीशु यरुशलेम नगर कै धोरै आया तो नगर नै देखकै माणसां खात्तर रोया अर बोल्या, “कितना भला होन्दा के तू, हाँ, तू ए आज इतणाए समझ लेन्दा की परमेसवर के साथ शान्ति का के मतलब सै, पर यो तेरे तै लह्को के राख्या गया सै। क्यूँके वे दिन तेरे म्ह आवैंगे के तेरे बैरी मोर्चा बाँधकै तन्नै घेर लेवैगें, अर चौगरदे तै तन्नै दबावैंगें ताके थारा राह बन्द होज्या, अर तेरा बैरी तन्नै अर तेरे बाळकां ताहीं जो तेरे म्ह सै, माट्टी म्ह मिलावैंगें, अर तेरे म्ह पत्थर पै पत्थर भी कोनी रहवैगा, जो गेरया ना जावैगा, क्यूँके तन्नै उस मौक्कै ताहीं जिब तेरे पै दया की निगांह होई थी तो तन्नै कोनी पिच्छाणा।”
हरियाणवी भाषा म्ह पवित्र शास्त्र
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