यीशु का क्रूस पर चढ़ाया जाना
Anticipate the Resurrection20 / 29अध्याय 20 / 29
यीशु का क्रूस पर चढ़ाया जाना
जहाँ क्रूसों को तैयार किया गया वह उस स्थान पर पहुँचे। दूसरों को उनके क्रूसों के साथ बाँध दिया गया। यीशु के कपड़े उतारे और उनको क्रूस पर ले जाया गया। और उन्हें नीचे गिराया गया। वहाँ चिल्लाने की अवाजे आ रही थी क्योकि देसरों को क्रूस पर चढ़ाया जा रहा था। फिर कीलों को यीशु के कलाईयों और पैरों में गाढ़ा गया। जैसे ही वह चिल्लाए, धीरे-धीरे रोमियों ने रस्सियों को खींचकर क्रूस को सीधा किया। यीशु हवा में ऊँचे उठते नज़र आए। वह क्रूस पर लटके हुए, थके हुए और पीड़ा में थे। वह उस भीड़ में लोगों के लिए प्रार्थना करते हैं। वह परमेश्वर से उन्हें माफ करने के लिए कहते है क्योंकि करने वाले नहीं जानते कि वह क्या कर रहे हैं। भीड़ क्रूस के पास खडे हो कर बुड़बुड़ाती है। हन्ना और काइफा टिप्पणी करते कि यीशु सबको बचाते हैं तो अपने आप को क्यों नहीं बचा पा रहे, इसपर भीड़ मज़ाक उड़ाने लगी। उन्होंने उनसे विनती की अपने आप को बचाओ पर यीशु ने ऐसा नहीं किया।