(यूहञा रचित सुसमाचार) यीशु का जीवन26 / 49अध्याय 26 / 49
यीशु यहूदियों के एक समूह को बतातें है कि वह और पिता एक ही हैं. तब वे क्रोधित हो जाते हैं और उसे निन्दा के लिए मारने की इच्छा रखतें हैं क्योंकि वे उस पर विश्वास नहीं करते.