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(यूहञा रचित सुसमाचार) यीशु का जीवन18 / 49अध्याय 18 / 49
यीशु कहते हैं कि दुनिया उनसे नफरत करती है क्योंकि वह उन्हें बताते है कि उन लोगों कें कर्म बुरे हैं, यीशु के धर्मग्रंथों के व्यापक ज्ञान से यहूदी हैरान हैं, यीशु सिखाते हैं कि वह सिर्फ परमेंश्वर की महिमा चाहतें हैं न कि अपने धर्म के धर्मी बनना. वह सिखातें है कि हमें अपनी इच्छा को परमेश्वर की इच्छा के साथ जोड़कर देखना चाहिए.