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(यूहञा रचित सुसमाचार) यीशु का जीवन22 / 49अध्याय 22 / 49
यीशु सिखाता है कि यदि यहूदी अपने वचन में रहते हैं तो उन्हें सच्चाई का पता चलेगा और सत्य उन्हें स्वतंत्र करेगा. पाप से मुक्त. उसने उन लोगों से कहा जो उसे स्वीकार नहीं करतें हैं कि वे उनके पिता , शैतान के हैं जों सभी झूठों का पिता हैं .