यीशु·61 अध्याय

यह फिल्म लूका रचित सुसमाचार के द्वारा यीशु का सही परिचय है। यीशु लगातार लोगों को उनके अद्भुत जन्म से लेकर उनके कब्र में से जी उठने के द्वारा आश्चर्यचकित कर रहें। लूका की पुस्तक में से यीशु के जीवन से आश्चर्यकर्म, शिक्षाएँ और जोश का अनुसरण करो। परमेश्वर ने सब की सृष्टि की और मान जाति से प्यार करते है। मगर मानव जाति परमेश्वर की आज्ञाओं का उलंघंन करती है। परमेश्र और मानन जाति अलग हो गए, मगर परमेश्वर मान जाति से बहुत प्यार करती है, उन्होंने उनको बचाने के लिए एक रास्ता तैयार किया। उन्होंने अपने पुत्र यीशु को भेजा हमारे लिए एक सही बलिदान के रूप में सब कुछ सुधारने के लिए। यीशु के आने के पहले परमेश्वर ने मानव जाति को तैयार किया। भविष्यद्वकताओं ने यीशु के जन्म, जीवन और मृत्यु के बारे में बातें की। यीशु लोगों का ध्यान खीचते हैं। वह दृष्टांतों में बातें करते हैं और लोग उसे नहीं समझ सके, वह अन्धों को रौशनी देते है। और उन्होंने उनकी मदद की जो मदद योग्य नहीं समझे जाते। यहूदी अगुवे यीशु से डरते हैं, वह उन्हें एक खतरे के रूप में देखते हैं। यहूदा जो गद्यार था और रोमन शासकों द्वारा यीशु को क्रूस पर चढ़ा देते हैं। वह सोचते हैं कि मामला सुलझ गया है। मगर जो स्त्री यीशु की सेवा करती थी कब्र को खाली पाती है। चेलों में खलबली मच जाती है। जब यीशु सामने आए तो वह उन पर शक करने लगते हैं। मगर वैसे ही हुआ जैसा वह कह रहे थे, वही उनके सही बलिदान हैं, उनके उद्धारकर्ता और मृत्यु पर जय प्राप्त करने वाले। वह स्वर्ग में उठा लिए जाते हैं, वह अपने चेलों के दूसरों को उनके बारे में और उनकी शिक्षाओं के बारे में बताने के लिए कहते है।

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Hindi (हिंदी)
आरंभ में परमेश्वर ने संपूर्ण सृष्टि की रचना की। उन्होने आकाश, पृथ्वी और उसमें जो कुछ है उसे रचा। जब हम देखते है कि परमेश्वर ने क्या क्या रचा हैं तो हम आश्चर्य चकित रह जातें हैं जो कुछ परमेश्वर ने रचा वो सब अच्छा था। हर वस्तु उनकी महानता, भलाई और साम्थर्य को प्रकट करती हैं। परमेश्वर ने विभिन्‍न प्रकार के पेड़-पौधें जन्‍तु और पशु-पक्षी बनाये। तब उन्होने मिट्टी ले कर पहले मनुष्य को बनाया और उसके नथनों में जीवन फूँका। पहला मनुष्य आदम कहलाया। तब परमेश्वर ने आदम की पसली निकाली और उससे स्त्री को आदम की पत्नि और साथी होने के लिए रचा । उसे हव्वा नाम दिया गया । परमेश्‍वर ने अपने स्वरूप में स्‍त्री और पुरुष रचा इसलिए वह उनके साथ मिल जुलकर रहने का आनन्‍द उठाते वो बग़ीचे में आनंद से उनकी उपस्‍थिति में रहते थे। जो परमेश्‍वर ने उनके लिए रचा था। बग़ीचे को अदन की वाटिका कहा गया। वहा कोई पीढ़ा या मृत्यु नही थी परमेश्‍वर ने आदम से कहा तुम हर एक पेड़ का फल खा सकते हो केवल एक को छोड़कर अगर उसका फल खाओगे तो तुम निश्चय ही मर जाओगे। परंतु एक दिन शैतान जो दुष्ट आत्माओं का प्रधान हैं उसने हव्वा को परीक्षा में डालनें की कोशिश की। उस ने फल तोड़ा और कुछ खाया और उसने अपने पति को भी खिलाया । उसी क्षण परमेश्वर के साथ उनका सबंध टूट गया। क्योंकी परमेश्‍वर पवित्र है और उनकी आज्ञा तोड़ने वाले उनकी उपस्थिति में नही रह सकतें। परमेश्‍वर ने आदम और हव्‍वा को अदन की वाटिका से बाहर कर दिया उन्होनें परमेश्‍वर की आज्ञा को नहीं माना, इसलिए उन्हे लज्जित होना पड़ा। उसके परिणामस्‍वरूप, आदम, हव्‍वा और उनका सारा वंश दुःख और मृत्यु के भागीदार हुए। लेकिन परमेश्‍वर बहुत दयालु है उन्होंने मनुष्‍य से प्रेम करना नहीं छोड़ा। उन्होनें मनुष्य को फिर से अपनी अपनी संगति में उन्होनें मनुष्य को फिर से अपनी संगति में लाने का रास्ता पहलें से ही तैय्यार कर लिया था। पवित्रशास्त्र में परमेश्वर ने अपनी इस योजना को प्रगट किया जिसके द्वारा वे मनुष्य को उस दंड से जिसके वे लायक है बचायेगें और उनके पाप और लज्जा को दूर करके अपनी संगति में वापस लायेगें। भविष्यवक्ता अब्राहम पर उन्होने अपनी इस योजना का एक भाग प्रगट किया अब्राहम ने परमेश्वर पर विश्वास किया और उनका आदर किया। परमेश्वर ने उसे आशीष देने की प्रतिज्ञा की और कहा कि उसके द्वारा वो सब राष्ट्रों के लोगो को आशीष देगें। परमेश्वर ने उससे प्रतिज्ञा की कि वे उसके वंश को सागर तट की रेत के कणों और आकाश के तारों के समान कर देगें। अब्राहम ने परमेश्वर पर विश्वास किया और परमेश्वर ने उसके इस विश्वास के कारण उसे धर्मी ठहराया और लोगों ने उसे परमेश्वर का मित्र माना। एक दिन परमेश्वर ने अब्राहम की परीक्षा ली कि वो उन पर विश्वास करता है या नही और उनकी आज्ञाओं को मानता है या नहीं। परमेश्वर ने उससे अपने बेटे की बलि देने को कहा अब्राहम जानता था कि इस एक पुत्र के द्वारा परमेश्वर ने वादा किया है कि वो उसे बहुत बड़ा वंश देगें, फिर भी उसने परमेश्वर पर विश्वास किया और उनकी आज्ञा मानी। इसलिए अपने बेटे को परमेश्वर के लिए बलि चढ़ाने की तैय्यारी कर ली। अब्राहम ने अपना खंजर उठाया, लेकिन तभी परमेश्वर ने कहा “अब्राहम बालक को नुकसान न पहुँचा। मैं जानता हूँ तू मेरा भय मानता है और मेरी आज्ञाओं को मानने के लिए तैयार है। तब अब्राहम ने अपने पास एक मेढ़ा देखा, जो अपने सींग से झाडियों में फंसा हुआ था अब्राहम ने उस मेढे़ को लिया जो परमेंश्वर ने दिया था और परमेश्वर के लिए उसे अपने पुत्र के बदले बलि चढ़ाया। जब परमेश्वर ने अब्राहम के बेटे की जगह मेढ़ा उपलब्ध कराया, उन्होने लोगों के लिए अपने महान प्रेम को प्रगट किया। उनका प्रेम उस सच्चे पिता के प्रेम जैसा है जो अपने पुत्र से प्रेम रखते हैं। इस घटना के द्वारा परमेश्वर ने ये प्रगट किया कि वे मनुष्यों के बदलें एक बलि उपलब्ध करायेगें। बहुत समय पहले परमेश्वर ने भविष्यवक्ताओं पर ये प्रगट किया कि वे एक पाप रहित व्यक्ति को आदम के वंशजों के बदले मरने के लिए भेजेगें और उनके पाप और लज्जा को दूर करेगें। एक महान बलिदान के द्वारा वे उनके लिए जो उन पर विश्वास करेगें एक मार्ग तैयार करेगें कि वे परमेश्वर के साथ हमेशा के लिए मेल-मिलाप से रह सके। भविष्यद्वक्ताओं ने इस व्यक्ति को मसीह कहा। उन्होंने कहा कि परमेश्वर मसीह को अपने लोगों को बचाने के लिए भेजेगें और वो उनके राजा होगें और परमेश्वर के नाम से हमेशा उन पर राज्य करेगें। उनके आने से कई सौ साल पहले भविष्यद्वक्ताओं ने बताया कि मसीही क्या् क्या करेगें और उनके साथ क्या होगा। भविष्यद्वक्ता दाउद ने कहा कि परमेश्वर मसीह के बारे में यह घोषणा करेगें कि तू मेरा पुत्र है। यशायाह भविष्यद्वक्ता ने कहा कि एक कुंवारी गर्भवती होंगी और एक पुत्र उत्पन्न होगें और एक पुत्र उत्पन्न होगें उनका वो पुत्र परमेश्वर का अनंत वचन होगा जिसे जिसे परमेश्वर ने कुंआरी के गर्भ से मनुष्य के रुप में संसार के सम्मुख प्रगट करने के लिए भेजा भविष्यवक्ताओं ने ये भी लिखा कि मसीह का जन्म बेतलेहम में होगा उन्होने भविष्यवाणीं की कि वो यरुश्लेम में उनके राजा के रुप में प्रवेश करेगें।, उन्होने ये भी लिखा कि तीस चांदी के टुकड़ों के बदले उनका एक नजदीकी मित्र उन्हे धोखा देगा। भविष्यद्वक्ताओं ने कहा कि मसीह अपने जीवन का बलिदान करेगें लेकिन परमेश्वर तीसरे दिन उन्हे मृतकों से जिवित कर देगें। भविष्यद्वक्ताओं ने मसीही को मनुष्य का पुत्र कहा और बताया कि वे दोबारा आयेगें बादलों पर और परमेश्वर की उपस्थिति में प्रवेश करेगें और परमेश्वर उन्हे सब लोगों और राष्ट्रों के ऊपर हमेशा के लिए अधिकार देगें। दो हज़ार बर्ष पहले एक ऐसे ही व्यक्ति इस संसार में रहते थे जिनका नाम यीशु था। क्या यीशु का जीवन उन सब बातों को जो भविष्यवक्ताओं ने मसीह के बारें में कही पूरा करता है? ये फिल्म ये बताती है कि यीशु कौन है और उन्होने क्या कहा और क्या किया, जैसा धर्मशास्त्र में लिखा है। इस फिल्म में एक कलाकार ने यीशु का पात्र निभाया है। वैसे तो कोई भी इस कार्य के योग्य नहीं लेकिन इस फिल्म को इसलिए बनाया गया कि लोग यीशु के बारें में और उनके जीवन के बारे में जान सकें और उस आशीष को जिसकी प्रतिज्ञा परमेश्वर ने की है प्राप्त कर सकें। प्रिय थियुफिलुस, मैं आपको क्रमानुसार उन सभी घटनाओं के बारे में लिख रहा हूँ जो हमारे बीच घटी ताकि आप हर बात के बारे में सम्पूर्ण सत्य को जान सकें। जिन दिनों अगस्तुस कैसर रोम का शासक और महान हेरोदेस यहूदिया का राजा था, परमेश्वर ने नासरत शहर की एक कुंवारी के पास जिब्राईल स्वर्गदूत को भेजा । उस कुंवारी का नाम था मरियम। भयभीत न हो मरियम, आप पर परमेश्वर का अनुग्रह हुआ है। आप गर्भवती होंगी और एक पुत्र उत्पन्न होगें और आप उनका नाम “यीशु” रखना। यह कैसे हो सकता है ? मैं तो कुंवारी हूँ। पवित्र आत्मा आप पर उतरेगा। इस कारण वे पवित्र बालक परम प्रधान परमेश्वर के पुत्र कहलायगें तथा उनके राज्य का कभी अंत ना होगा। मरियम यहूदिया के एक नगर अपनी चचेरी बहन इलीशिबा के पास गई, जो स्वंयम अद्भभु्त रूप से गर्भवती थी। इलीशिबा ! मरियम! बहन मरियम! तुम सब स्त्रियों में धन्य हो, धन्य है वो बालक जो तुम जनोंगी। कि जैसे ही मैंने तुम्हारा प्रणाम सुना, बच्चा आनंद से मेरे, गर्भ में उछल पड़ा। मेरा प्राण प्रभु की स्तुति करता है, और मेरी आत्मा मेरे उद्धारकर्ता परमेश्वर में खुश हुई। अब से सब युग के लोग मुझे धन्य कहेंगे. नासरत नगर के सब लोग सुनो कि कैसर अगस्तुस की आज्ञा से गलील और यहूदिया प्रांत के सभी निवासियों की गिनती होगी । इसीलिए सभी लोगों को अपने वतन में जाकर शीघ्र ही नाम दर्ज करवाना होगा. और मरियम अपने मंगेतर युसुफ के साथ नाम लिखाई के लिये यहूदिया के नगर बेतलेहम गईं। पर बेतलेहम में उन्हें ठहरने की जगह न मिली। उन्हें केवल गौशाला में ही जगह मिल सकी. देश के उस भाग में कुछ चरवाहे रात के समय अपनी भेड़ों की देखभाल कर रहे थे।, तभी परमेश्वर का स्वर्गदूत प्रगट हुआ और परमेश्वर के तेज ने उन्हें घेर लिया। आज के दिन दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्में है अर्थात मसीही प्रभु। चरवाहे शीघ्र ही चरनी में जन्मे नवजात शिशु को देखने चल पड़े। वे उन प्रथम लोगों में गिने गये जिन्होंने कुवांरी माता द्धारा उद्धारकर्ता के जन्म का सुसमाचार फैलाया। एक हफ्ते के बाद, जब बालक के खतने का समय आया तो उसका नाम यीशु रखा गया। युसुफ़ और मरियम बालक को परमेश्वर के सम्मुख प्रस्तुत करने यरूशलेम ले गये। अराधनालय में शिमौन नामक एक धर्मी और भक्त पुरूष थे जिन्हे पवित्र आत्मा से आश्वासन मिला था कि जब तक वे बालक मसीह का दर्शन न कर लें मृत्यु को न देखेंगे। परमेश्वर, अब आप अपने सेवक को अपने वचन अनुसार शांति से अपने पास बुला ले. मेरी आँखों ने आज आपके उद्धार को देख लिया है. ये बालक परमेश्वर का चुना हुआ है. तुम दोनों को आशीष मिले. मूसा की व्यवस्था अनुसार जब वे धार्मिक कर्तव्यों को पूरा कर चुके तो यरूशलेम से वापस नासरत लौट आये। जब यीशु बारह वर्ष के हुए तो मरियम और युसुफ उन्हें फसह के पर्व के लिये यरूशलेम ले गये। लौटते समय उन्होंने सोचा कि बालक यीशु उनके साथ हैं परन्तु यीशु पीछे ही छूट गये थे। उन्हें ढूंढने के लिये वापस शहर लौटे और तीसरे दिन यीशु को आराधनालय में धार्मिक गुरुओं के साथ वार्तालाप करते पाया। ये किसका पुत्र है जो ऐसे प्रश्न पूछता है ? हम नासरत से है . हमने सोचा ये हमारे साथ ही हैं. कृप्या आप इसे क्षमा किजिए। बालक यीशु की बातों ने सब को चकित कर दिया। बेटा, तुमने हमारे साथ ऐसा क्यों किया ? तुम्हें ढूँढ़ते ढूँढ़ते तुम्हारे पिता जी और मैं कितने चिंतित थें। आप मुझे क्यों ढूँढ़ते थे? क्या आप नहीं जानते कि मुझे परमपिता के कार्यों को पूरा करना हैं। और यीशु उनके साथ नासरत लौटे और परमेश्वर एवंम मनुष्य के अनुग्रह में बुद्धि और शरीर से बढनें लगें। सम्राट तिबिरियुस के राज्य के पंद्रहवें वर्ष में पुन्तियुस पिलातुस यहूदिया का शासक था, और हेरोदेस गलील का राजा, हन्ना और कैफा महायाजक थे । रेगिस्तान में परमेश्वर का वचन, यूहन्ना को प्राप्त हुआ और वे यर्दन नदी के आसपास के प्रदेशों में पापों की क्षमा तथा पश्चाताप के बपतिस्में का प्रचार करने लगे. अपने पापों से पश्चाताप करों और बपतिस्मा लो, तो परमेश्वर तुम्हारें पाप क्षमा करेगें. जैसे यशायाह भविष्यवक्ता की पुस्तक में लिखा है. रेगिस्तान में कोई पुकार रहा है: प्रभु के लिये मार्ग तैयार करो. प्रभु की यात्रा के लिये सीधा मार्ग बनाओ. हर एक घाटी अवश्य भरी जाये. हर एक पहाड़ और टीला समतल किया जाये! टेढ़े-मेढ़े मार्ग सीधे करों और उबड़-खाबड़ मार्ग सपाट और सारी मानव जाति परमेश्वर के उद्धार को देखेगी. हम क्या करें ? हाँ हमें बतायें हम क्या करें ? ए सांप के बच्चों. बताइये हम क्या करें? हमें बतायें हम किस मार्ग पर जायें। अगर किसी के पास दो कमीजें हैं, वो एक उस मनुष्य को दे जिसके पास नहीं है। और जिसके पास भोजन हैं, वो अवश्य बाँटे। हे गुरु, हम चुंगी लेने वाले हैं। हम क्या करें? निर्धारित से अधिक चुंगी तुम मत लो. और हमें बतायें ? हमें क्या करना चाहिए ? किसी से भी जबरन धन मत लो. और न किसी पर झूठा दोष लगाओं. अपनी कमाई में संतुष्ट रहो. हमें बतायें क्या आप मसीह हैं ? मैं तुम्हें पानी से बपतिस्मा देता हूँ परन्तु एक आ रहें हैं, जो मुझसे कहीं अधिक महान हैं. मैं तो उनके जूतों के बंधन खोलने लायक भी नहीं। वे तुम्हें पवित्र आत्मा और आग से बपतिस्मा देंगे। उनका सूप उनके हाथो में है ताकि वे गेहूँ को भूसी से अलग करके अपने खत्ते में रखें। और पवित्र आत्मा कबूतर के रूप में यीशु पर उतरा। और स्वर्ग से आवाज आई - तुम मेरे प्रिय पुत्र हो, मैं तुमसे प्रसन्न हूँ। लगभग तीस वर्ष की आयु में यीशु ने अपनी सेवा आरम्भ की। पवित्र आत्मा से परिपूर्ण यीशु यरदन से लौटे। आत्मा से प्रेरित वो चालीस दिन तक ब्याबान में रहे, जहाँ शैतान उनकी परीक्षा करता रहा। इस बीच उन्होंने कुछ नहीं खाया. तब शैतान ने उनसे कहा. यदि आप परमेश्वर के पुत्र हैं तो इस पत्थर को रोटी बन जाने की आज्ञा दें. ये लिखा है. मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं पर परमेश्वर के हर वचन से जीवित रहेगा। तब शैतान उन्हें ऊँचे स्थान पर ले गया और पलभर में जगत के सारे राज्य दिखाए। ये सब अधिकार और वैभव मैं आपको दूँगा। ये सब मुझे सौंपा गया है और जिसे मैं चाहूँ उसे ये सब दे सकता हूँ। यदि आप मुझे प्रणाम करें तो ये सब आपका हो जायेगा। ये भी लिखा है कि तुम प्रभु अपने परमेश्वर की उपासना करो और तुम केवल उन्हीं की सेवा करो. फिर शैतान उन्हें यरूशलेम अराधनालय के गुंबद पर ले गया. यदि आप परमेश्वर के पुत्र हैं तो अपने आपको यहां से गिरा दे क्योंकि पवित्र शास्त्र में लिखा है कि परमेश्वर अपने स्वर्गदूतों को आज्ञा देगें कि वे आपकी रक्षा करें वे आपको हाथों हाथ उठा लेगें ताकि आपके पांव को पत्थर से ठेस तक न लगे. धर्मशास्त्र कहता है तुम प्रभु अपने परमेश्वर की परीक्षा न करों. फिर यीशु नासरत आये जहां वो पले-बढ़े थे. कैसी हो? अच्छी हूँ सब्त यानी विश्राम के दिन नियमानुसार वे अराधनालय गये. और उन्हें यशायाह भविष्यवक्ता की पुस्तक से एक भाग पढ़ने को कहा गया. परमेश्वर का आत्मा मुझ पर है, क्योंकि उन्होंने मुझे दीनों को शुभ सन्देश सुनाने के लिये चुना है। उन्होंने मुझे भेजा है कि मैं बंदियों को मुक्ति और अंधों को दृष्टि पाने का संदेश दूँ. सताये हुऐ लोगो को मुक्त करने के लिये और ये घोषणा करने के लिये कि समय आ गया है जब परमेश्वर अपने लोगों को बचायें। वे ठीक कहते हैं. आज धर्मशास्त्र का ये लेख पूरा हुआ जैसा तुमने अभी सुना. क्या परमेश्वर का वचन सच्चा ठहरा? ये प्रतिज्ञा तो केवल मसीह ही पूरा कर सकते हैं. हम कैसे जानेंगे ? नि:संदेह तुम मुझसे यह कहावत कहोगे - वैद्य जी स्वंयम को चंगा करो। तुम मुझसे यह भी कहोगे, अपने शहर में भी वही करो जैसा हमने सुना कि आपने कफ़रनहूम में किया. मैं तुमसे कहता हूँ कि कोई भी भविष्यवक्ता अपने शहर में सम्मान नहीं पाता. इस प्रकार येशू ने अपना परिचय परमेश्वर द्धारा अभिषिक्त संसार के उद्धारकर्ता के रूप में दिया, परन्तु यहूदियों ने उन्हें मसीहा स्वीकार नहीं किया. उन्हें लोगों ने पहाड़ी से गिराना चाहा, परन्तु वो भीड़ से निकल कर अपनी राह चले गये और गलील के नगर कफ़रन्हूम पहुंचे. उस समय देश रोमी साम्राज्य के अधीन था और लोग उनके अत्याचार से छुटकारा पाने के लिये मसीहा की प्रतिक्षा में थे. तुम्हें शांति मिले. आपको भी स्वामी. तुम्हारी नाव में आ सकता हूँ, शिमौन? क्यों नहीं. येशु हमें छोड़ कर नहीं जा रहे हैं न ? स्वामी हमें कुछ बताईये। हमें कुछ बतायें ! प्रभु येशु हमें उपदेश दें ! एक बार दो व्यक्ति प्रार्थना करने मंदिर गये, एक धार्मिक गुरू और दूसरा चुंगी लेने वाला . धार्मिक गुरू अलग खड़ा होकर यूं प्रार्थना करने लगा, परमेश्वर मैं आपका धन्यवाद करता हूँ कि मैं दूसरों की तरह लालची, बेईमान और व्यभिचारी नहीं, मैं आपका धन्यवाद करता हूँ कि मैं इस चुंगी लेने वाले जैसा नहीं. सप्ताह में दो बार उपवास रखता हूँ. आमदनी का दसवां अंश आपको देता हूँ.. परन्तु चुंगी लेने वाले ने दूर ही खड़े होकर स्वर्ग की ओर आँखें उठाये बिना अपनी छाती पीट - पीट कर ये कहा, हे परमेश्वर, मुझ पापी पर दया कर. मैं तुमसे कहता हूँ. धार्मिक गुरू नहीं परन्तु यही चुंगी लेने वाला परमेश्वर की दृष्टि में धर्मी ठहरा और अपने घर गया. जो अपने आपको बड़ा मानेगा. वो छोटा किया जायेगा, परन्तु जो अपने आपको छोटा मानेगा वो बड़ा किया जायेगा. अपनी नाव को वहाँ गहरे पानी में ले चलो. और अपने साथियों के साथ मछलियों के लिये जाल डालो. ओ, स्वामी. हमने सारी रात कड़ा परिश्रम किया परन्तु कुछ न पकड़ा. यदि आप कहते हैं तो मैं जाल डाले देता हूँ . याकूब ! यूहन्ना ! ( हंसते हैं ) याकूब ! युहन्ना !अपनी नाव इधर ले आओ और हमारी सहायता करो ! जल्दी! हम नहीं आ सकते बहुत काम है. ( हंसते हैं ) बस काफी है, इतनी मछलियाँ बहुत हैं। प्रभु मेरे पास से चले जाइये मैं एक पापी मनुष्य हूँ। तुम डरो मत. अब से तुम लोगों को मेरे पास लाओगे. मेरे पास आओ और मेरे वचन सुनो, मेरी मानो और तुम जीवन पाओगे. प्रभु को खोजो जब तक वो मिल सके, उन्हें पुकारो जबकि वो पास है. दुष्ट अपनी दुष्टता और अधर्मी अपने बुरे विचार छोड़कर परमेश्वर के पास आयें और वे उन पर दया करेंगे और उन्हें पूर्ण क्षमादान देंगे. तुम आनंदित रहोगे और तुम्हें शांति मिलेगी. वे आ रहें हैं! वे यहीं हैं !देखो. येशु ! येशु ! मेरी इकलौती बेटी को बचा लें प्रभु. मुझ पर दया करें. मेरी बेटी केवल बारह वर्ष की है और मरने को है कृपया करके मेरे साथ चललए! याईर, मुझे बड़ा दुख है. येशु ! तुम्हारी बेटी नहीं रही इसलिये गुरू को कष्ट न दें. डरो नहीं. विश्वास रखो वो ठीक हो जाएगी. तुम रोओ मत वो मरी नहीं है वो तो बस सो रही है बेटी ! उठो ! इसे कुछ खाने को दो ध्यान रहे यहाँ जो हुआ है किसी से न कहना. उसके बाद उसने चुंगी लेने वाले मत्ती लेवी को चुंगी स्थल पर बैठे देखा. मेरे पीछे आओ और येशु प्रार्थना करने पहाड़ी पर गये. जहाँ वे सारी रात परमेश्वर से प्रार्थना करते रहे. और अगले दिन उन्होंने बारह शिष्यों का अभिनंदन कर उन्हे प्रेरित कहा। शिमौन जिसे उन्होंने पतरस नाम दिया और उसका भाई अन्द्रियास याकूब और यूहन्ना, फिलिप्पुस और बरतुलमय और मत्ती और थोमा याकूब हलफई का पुत्र और शिमौन जो जेलोतेस कहलाता था. यहूदा जो याकूब का भाई था. और यहूदा इस्करयोति जो विश्वासघाती निकला. धन्य हो तुम जो दीन हो. परमेश्वर का राज्य तुम्हारा है, धन्य हो तुम जो भूखे हो, क्योकि तुम तृप्त किये जाओगे. धन्य हो तुम जो रोते हो, तुम हर्षित होगे. धन्य हो तुम, जब लोग धिक्कारे, नकारे और अपमानित करें और मेरे कारण तुम्हें बुरा कहें. जब ऐसा हो तो तुम आनंदित और मगन होना क्योंकि तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा प्रतिफल है, उनके पूर्वजों ने भी भविष्यवक्ताओं के साथ ऐसा ही किया. सोलह... सत्रह... अट्ठारह... उन्नीस... बीस मेरे पास बस इतना ही है. क्या मतलब है तुम्हारा इतना ही है तुम्हारे पास. हाय तुम पर जो अब धनी हो, तुमने आराम का जीवन बिता लिया. ( हंस रहा है ) जो धनी न बनना चाहे. वो कोई पागल ही होगा. हाय तुम पर जो अब हँसते हो, तुम रोओगे और विलाप करोगे. अफसोस, जब लोग तुम्हारी बड़ाई करें क्योंकि उनके पूर्वजों ने भी झूठे भविष्यवक्ताओं के लिये यही किया पर मैं तुम लोगों से कहता हूँ शत्रुओं से प्रेम रखो. घृणा करने वालों का भला करो ! जो श्राप दें उन्हें आशीष दो ! बुरा करने वालों के लिये प्रार्थना करो, तुम्हारे एक गाल पर कोई थप्पड़ मारे तो उसकी ओर दूसरा भी फेर दो. कोई तुम्हारा अंगरखा ले तो अपनी कमीज भी उसे दे दो. किसी भी मांगने वाले को मना मत करो. यदि कोई तुम्हारी वस्तु ले ले तो उसे वापस मत मांगो. तुम वही करो जैसा व्यवहार तुम दूसरों से चाहते हो. यदि तुम अपनों से प्रेम रखने वालों से प्रेम रखते हो तो तुम्हें आशीष क्योंकर मिलेगी. पापी भी अपने प्रेम रखने वालों से प्रेम रखते हैं और यदि स्वयंम पर भलाई करने वालों की भलाई करते हो तुम क्योंकर आशीष पाओगे. पापी भी ऐसा ही करते हैं. वे इसे कैसे छू सकते है? वो उससे कैसे बात कर सकता है. बेशर्म नहीं शत्रुओं से प्रेम रखो. उनका भला करो उधार देकर वापसी की आशा न रखो. तब तुम्हें बड़ा प्रतिफल मिलेगा, तुम परमप्रधान परमेश्वर की संतान ठहरोगे, वो दुष्टों और आभार न मानने वालों पर भी कृपालु है, दयावंत बनो जैसा तुम्हारा परमपिता दयावंत है. येशु ! हमें बचाइये ! आरोप मत लगाओ तो तुम पर भी नहीं लगेगा. दोष मत लगाओ, तो तुम पर भी दोष नही लगेगा. क्षमा करो तो तुम्हें भी क्षमा मिलेगी, प्रभु हमें अपने मार्ष पे चलायें. दो तो तुम्हें भी दिया जाएगा. जिस नाप से नापोगे उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जायेगा. अंधा अंधे को मार्ग नहीं दिखा सकता, ऐसा करने पर दोनों ही गड्ढे में गिरेगे, अपने भाई की आँख के तिनके को क्यों देखते हो जबकि अपनी ही आँख का लट्ठा नहीं देख पाते. प्रभु हमारा मार्गदर्शन करें ! प्रभु हमें आपकी आवश्यकता है. धन्य है वो माता जिन्होंने आपको जन्म दिया और पाला. ( हंसते हुए ) पर वे कितने धन्य है. जो परमेश्वर का वचन सुनते और मानते है. मैं इस व्यक्ति को जानना चाहूंगा. तुम्हारा क्या ख्याल है ! वे मसीह है ? इस धर्मगुरु ने यीशु को रात्रि भोज पर बुलाया। यीशु उनके घर गये और भोजन करने बैठे। चलो बच्चों , यहाँ से चले जाओ । तुमने सुना नहीं, जाओ बड़े शरारती हैं ये बच्चे। ये यहाँ क्या, कर रही है ? मुझे नहीं पता. ये कर क्या रही है ? यदि ये मनुष्य सचमुच कोई भविष्यवक्ता होता तो जान लेता कि ये स्त्री कैसी है. जो उसे छू रही है. वो जानता कि वो कैसा पापमय जीवन जी रही है. मैं जानता हूँ कि ये स्त्री कौन है, शिमौन ! मैं तुम्हें एक बात बताता हूँ किसी महाजन के दो कर्जदार थे. एक पर पाँच सौ और दूसरे पर पचास रूपये का कर्ज था. दोनों ही कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं थे, उसने दोनों का कर्ज माफ कर दिया उससे अधिक प्रेम कौन करेगा ? मेरे ख्याल से जिसका अधिक कर्ज माफ हुआ हो. तुमने ठीक कहा ! इस स्त्री को देखो, मैं तुम्हारे घर आया, तुमने मुझे पैर धोने के लिये पानी भी नहीं दिया, पर इसने आँसुओं से मेरे पैर धोकर अपने बालों से पोछा . मैं तुम्हारे घर आया, तुमने मुझे पैर धोने के लिये पानी भी नहीं दिया, पर इसने आँसुओं से मेरे पैर धोकर अपने बालों से पोछा . तुमने चुंबन से मेरा अभिनंदन नहीं किया पर जब से मैं आया हूँ तब से इसने मेरे पाँव चूमना न छोड़ा, तुमने मेरे सिर पर तेल नहीं मला पर इसने मेरे पाँव पर इत्र उण्डेला है. मैं तुमसे कहता ह कक इस स्री का अत्यधिक प्रेम लसद्द करता है कक इसके पाप जो बहुत थे, क्षमा हुए पर जिसे थोड़ी क्षमा मिली वह थोड़ा ही प्रेम करेगा। तुम्हारे पाप क्षमा हुए. ये कौन होता है पाप क्षमा करने वाला ऐसे कैसे कह सकता है? ये कैसे पाप क्षमा कर सकता है? तुम्हारे विश्वास ने बचा लिया। शांति से जाओ. प्रभु यीशु जगह जगह परमेश्वर के राज्य का शुभ संदेश देने लगे। उनके साथ थे बारह शिष्य और दुष्ट आत्माओं से मुक्त की गयी कुछ स्त्रियाँ । मरियम जो मगदलीनी कहलाती थी. योन्ना जिसका पति खोजा हेरोदेस के दरबार में भंडारी था और सुसन्ना. गलील के शासक हेरोदेस ने यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले को बंदीगृह में डलवा दिया क्योंकि यूहन्ना ने उसके द्धारा अपनी भाभी से विवाह की निंदा की थी. कहो ? जब हम लोग नाईन नगर के द्धार पर पहुँचे तब लोग एक अर्थी को लेकर जा रहे थे. मरा हुआ व्यक्ति एक विधवा का इकलौता पुत्र था। जब यीशु ने उस विधवा की तरफ देखा, उनका हृदय दया से भर उठा, उन्होंने कफन उठाया और कहा, ए नौजवान मैं तुमसे कहता हूँ उठो, और मरा हुआ युवक उठ बैठा यीशु ने उसे उसकी माँ को सौंप दिया। उनसे पूछो. क्‍या आप वही हैं? जिनके आने के विषय में यूहन्ना ने प्रचार किया था, या फिर हम किसी और की प्रतिक्षा करें. गुरुजी ! गुरुजी ! यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले ने हमें ये पूछने भेजा है क्या आप वही हैं जो आने वाले थे, या हम किसी और के आने की प्रतीक्षा करें. जो कुछ तुमने देखा और सुना जाकर यूहन्ना से कहो, अंधे देख सकते हैं, लंगड़े चल सकते हैं धन्य हैं वे लोग जो मझ पर संदेह नही करते। कृप्या, मुझे उठा लीजिये. आ जाओ मेरे कंधे पर, अब तुम देख सकते हो ? हाँ, मैं यीशु को देख सकता हूँ। एक बीज बोने वाला बीज बोने निकला. बोते समय कुछ बीज मार्ग के किनारे गिरे और रौंद डाले गये और पक्षियों ने उन्हें चुग लिया. और कुछ पथरीली भूमि पर गिरे, जब वो उगे तो पानी न मिलने के कारण वे सब मुर्झा गये और कुछ झाड़ियों के बीच में गिरे झाड़ियों ने साथ - साथ बढ़कर उन्हें दबा दिया, परन्तु कुछ बीज अच्छी भूमि पर गिरे और सभी पौधों ने उगकर फल दिया. प्रत्येक ने सौ गुना. गुरुजी. जब भीड़ जमा होती है तो आप उदाहरणों में क्यों बातें करते हैं ? परमेश्वर के राज्य के रहस्यों का ज्ञान तुम्हें दिया गया है परन्तु औरों को उदाहरणों में सुनाया जाता है, क्योंकि वो देखते हुए भी नही देख पाते सुनते हुए भी नही समझते इस उदाहरण का अर्थ ये है बीज परमेश्वर का वचन है मार्ग के किनारे गिरे बीज उन्हें दर्शाते हैं जो वचन सुनते हैं पर शैतान आकर उनके मन में से वचन चुरा लेता है ताकि वे विश्वास करके कहीं मुक्ति ना पा लें. पथरीली भूमि पर गिरे बीज उन्हें दर्शाते हैं जो वचन सुनकर आनंद से ग्रहण करते हैं पर जड़ नहीं पकड़ पाते. वे कुछ देर तक विश्वास करते हैं और परीक्षा की घड़ी आने पर टिक नहीं पाते. झाड़ियों में गिरे बीज उन्हें दर्शाते हैं जो वचन सुनते हैं परन्तु जीवन की चिंताओं, धन मोह व भोग विलास में फंसने से उनके फल कभी नहीं पकते. वे बीज जो अच्छी भूमि पर गिरे उन लोगों के प्रतीक हैं जो वचन सुनकर उसे भले और आज्ञाकारी मन से ग्रहण करते हैं और फलवन्त होने तक उन्हें संभाले रखते हैं। दीया जलाकर कोई बर्तन से नहीं ढाकता और न ही खाट के नीचे रखता है। बल्कि उसे दीवार पर रखता है ताकि भीतर आने वालों को उससे प्रकाश मिले. जो कुछ छिपा है वो बाहर लाया जायेगा और जो ढका है उसे ढूँढकर प्रकाश में लाया जायेगा. जो कुछ छिपा है वो बाहर लाया जायेगा और जो ढका है उसे ढूँढकर प्रकाश में लाया जायेगा. इसलिये सचेत रहो कि तुम कैसे सुनते हो क्योंकि जिसके पास है उसे और दिया जायेगा और जिसके पास नहीं है उससे वो भी ले लिया जाएगा जो उसके पास है। गुरुजी... आपके माता और भाई वहाँ बाहर खड़े हैं। आपसे मिलना चाहते हैं. मेरी माँ और मेरे भाई वे हैं जो परमेश्वर का वचन सुनते और मानते हैं. एक दिन प्रभु यीशु अपने शिष्यों के साथ एक नाव पर बैठे और उनसे कहा, आओ हम झील के पार चलें. नाव चल रही थी, और यीशु सो गये. स्वामी ! स्वामी ! प्रभु यीशु ! हम नाश हुए जाते हैं. हमें लहरें घेर रही हैं. हम डूब जायेंगे हमें बचाईये ! अब हम बच जायेंगे ! कहाँ गया तुम्हारा विश्वास ? और वे गिरासेनियों के देश पहुँचे जो झील के पार गलील के सामने था. (गुर्राता हुआ ) (गुर्राता हुआ ) यीशु परमप्रधान परमेश्वर के पुत्र आप मुझसे क्या चाहते हैं. मैं आपसे विनती करता हूँ. मुझे दण्ड न दें. क्या नाम है तुम्हारा ? सेना प्रभु विनती करते हैं हमें नरक के कुण्ड में न भेजें पर सुअरों के उस झुण्ड में भेज दें. हे लौट आओ ! रुको ! रुको ! और दुष्ट आत्माएं उसमें से निकलकर सुअरों में समा गयीं. आ जाओ! यहाँ से चले जा हे जादूगर हमें छोड़ दे यहाँ से दूर चला जा. हमें छोड़ दें यहाँ से चला जा. आप जहाँ जायेंगे मैं भी साथ चलूँगा मुझे अपने साथ आने दें. घर लौट जाओ परमेश्वर ने जो किया है वो बताओ प्रभु यीशु व उनके शिष्य भीड़ से अलग होने के लिये बेतसैदा पहुँचे पर भीड़ को इसका पता चल गया तो वो प्रभु के पीछे हो ली। शाम को पतरस ने कहा... स्वामी, इन लोगों को भेज दें कि वे आसपास के गांवों और बस्तियों में जाकर अपने लिए भोजन और रहने की जगह ढूंढ सकें. यह एक सुनसान जगह है। तुम स्वयं इनके भोजन का प्रबंध करो. लेकिन हमारे पास केवल पाँच रोटियाँ और दो मछलियाँ ही हैं धन्य हैं आप प्रभु परमेश्वर सृष्टि के मालिक, जो धरती पर अन्न उपजाते हैं. ये तो चमत्कार है. विश्वास नहीं होता. लोग मेरे बारे में क्या कहते हैं ? कई आपको यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला कहते हैं. तो कोई आपको एलिय्याह भी कहते हैं और कितनों का तो ये कहना है कि कोई प्राचीन भविष्यवक्ता फिर जी उठे है. तुम क्या कहते हो ? तुम बताओ कौन हूँ मैं ? आप परमेश्वर के मसीह हैं. तुम ये बात किसी से न कहना, मेरे लिए आवश्यक है कि मै दुख उठाऊँ तिरस्कृत किया जाऊँ और जान से मार डाला जाऊँ परन्तु तीसरे दिन मृतकों में से जी उठूं. क्या तुममें से कोई मेरे साथ आएगा ? मैं आपके पीछे चलूँगा गुरुजी पर पहले जाकर अपने घर वालों से विदा ले लूं. जो कोई अपना हाथ हल पर रखकर पीछे देखता है वो परमेश्वर के राज्य के योग्य नहीं यदि कोई मेरे साथ चलना चाहता है तो वह स्वयं से इन्कार करे और प्रतिदिन अपना क्रूस उठा कर मेरे पीछे हो ले. क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहेगा वो उसे खोएगा और जो कोई मेरे लिये अपने प्राण खोएगा वो उसे बचायेगा. यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त कर अपने प्राण खो दे तो क्या लाभ ? जो कोई मुझसे और मेरी शिक्षाओं से लजाता है तो मै भी अपनी और पिता की व स्वर्गदूतों की महिमा सहित जब आऊगाँ तो उस मनुष्य से लजाऊगाँ. सच कहता हूँ यहाँ कुछ ऐसे भी हैं कि जब तक परमेश्वर का राज्य न देख लें मृत्यु नही देखेंगे. तब प्रभु यीशु यूहन्ना, याकूब और पतरस के साथ पहाड़ पर प्रार्थना के लिये गये. प्रार्थना के दौरान उनके चेहरे का स्वरूप बदल गया और वस्त्र सफेद होकर जगमगाने लगे. अचानक स्वर्गीय महिमा से परिपूर्ण भविष्यवक्ता मूसा और एलियाह प्रभु यीशु से बातें करने लगे. आप परमेश्वर का उद्देश्य पूरा करेंगे. आपकी मृत्यु यरूशलेम में होगी. जाते समय पतरस ने प्रभु यीशु से कहा, स्वामी ! ये कितना अच्छा है कि हम यहाँ पर हैं. हम तीन मण्डप बनायेंगे. एक आपके लिये, पतरस यह कह ही रहा था कि एक बादल ने उन्हें घेर लिया और शिष्य डर गये एक मूसा के लिये और एक एलियाह के लिये. और बादलों से आवाज आयी. ये मेरा पुत्र है. जिसे मैंने चुना है, इसकी सुनो. गुरु जी! गुरु जी! कृपया करके मेरे बेटे को देखिये. दया करके उसकी सहायता कीजिये. ये मेरी अकेली संतान है, मैंने आपके चेलों से दुष्टात्मा निकालने की विनती की परन्तु वे इसे न निकाल पाये. ऐ अविश्वासी और हठीले लोगों में तुम्हारे साथ कब तक रहूँ और तुम्हें सहता रहूँ. अपने पुत्र को यहाँ लाओ. अरे इसका चेहरा भी ठीक हो गया, विश्वास नही होता! हमें प्रार्थना करना सिखायें. जैसे यूहन्ना ने अपने शिष्यों को सिखाया. तुम इस तरह प्रार्थना करो, हे हमारे पिता, आप जो स्वर्ग में है आपका नाम पवित्र माना जाये. आपका राज्य आये. आपकी इच्छा जैसे स्वर्ग में वैसे ही पृथ्वी पर भी पूरी हो. हमारी प्रतिदिन की रोटी आज हमें दें. हमारे अपराधों को क्षमा करें जैसे हमने अपने अपराधियों को क्षमा किया है और हमें परीक्षा में न पड़ने दें परन्तु बुराई से बचायें. माँगो तो तुम्हे दिया जायेगा. ढूँढो तो तुम पाओगे, खटखटाओ तो तुम्हारे लिये द्वार खोला जायेगा क्योंकि जो माँगता है उसे दिया जाता है और जो ढूँढता है वो पाता है और जो खटखटाता है उसके लिये द्वार खोला जाता है. (हँस) तुममें से ऐसा कौन पिता होगा जो अपने पुत्र को रोटी मांगने पर पत्थर देगा या पानी मांगने पर उसे जहर देगा. जब तुम बुरे होकर अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएं देना जानते हो तो तुम्हारा परमपिता परमेश्वर अपने मांगने वालों को पवित्र आत्मा क्यों न देगा ! मैं कहता हूँ. अपने प्राणों की चिन्ता न करो कि हम क्या खायेंगे और न ही अपने शरीर की कि क्या पहनेंगे क्योंकि प्राण भोजन से बढ़कर है और शरीर वस्त्र से बढ़कर पक्षियों पर ध्यान दो वे न बोते हैं न काटते हैं और न ही उनके कोई भण्डार हैं फिर भी परमेश्वर उन्हें खिलाता हैं और तुम तो पक्षियों की तुलना में कही बढ़कर हो. तुममें से कौन चिन्ता करके अपनी आयु बढ़ा सकता है. जब तुम यह छोटा सा काम नहीं कर सकते तो बाकी चिन्ता क्यों करते हो ? इन फूलों को देखो, ये कैसे बढ़ते हैं, वे किसी तरह का परिश्रम नही करते, राजा सुलैमान इनमें से एक के समान भी सुन्दर वस्त्र न पहन सका. यदि परमेश्वर मैदान की घास को सजाते जो आज है और कल आग में झोंकी जायेगी तो निश्चय ही वो तुम्हें भी वस्त्र पहनायेंगे. हे अल्प विश्वासियों ! हमारे विश्वास को बढ़ाये ! यदि तुम्हारा विश्वास राई के दाने के बराबर भी होता तो तुम इस पेड़ से कहते के जड़ से उखड़कर समुन्द्र में जा लग तो ये तुम्हारी बात मान लेता. पाप में पड़ने की परीक्षाएं अवश्य आती हैं परन्तु अफसोस जिसके द्वारा वे आती हैं जो किसी के लिये पाप का कारण बनता है उसके लिये यही ठीक है कि उसके गले में भारी पत्थर लटकाकर समुन्द्र में डाल दिया जाये. परमेश्वर का राज्य किसके समान है? वो ऐसा है एक मनुष्य राई का दाना लेकर अपने खेत में बोता है और वो पौधा बढ़कर पेड़ बन जाता है और पक्षी उसकी डालियों पर घौंसला बनाते हैं मुझे नहीं पता ये क्या कह रहा हैं ? तुम चुंगी लेने वालो और अन्य पापियों के साथ क्यों खाते पीते हो.? स्वस्थ लोगों को वैद्य की आवश्यकता नहीं होती परन्तु रोगियों को हैं। जो बहिष्कृत है मैं उनको पश्चताप का संदेश देने आया हूँ सम्मानितों को नहीं हमें स्वर्ग के राज्य के बारे में बतायें. क्या और भी कुछ है ? ऐ मेरे लोगों, भयभीत न हो, परमपिता की ये इच्छा है कि तुम्हें राज्य दें। अपना सब कुछ बेचकर पैसा गरीबों को दान कर दो. और ऐसे बटुए बनाओ जो फटते नहीं स्वर्ग में धन इकट्ठा करो जहाँ वो घटता नहीं. क्योंकि कोई चोर वहाँ नहीं पहुँच सकता. न ही कीड़ा उसे नष्ट कर सकता है. जहाँ तुम्हारा धन होगा वहीं तुम्हारा मन भी लगेगा. हे नारी. तुम अपनी बिमारी से मुक्त हुई. देखो, देखो ये चंगी हो गयी. ये तो चमत्कार है देखो ये चंगी हो गई.आओ देखो. प्र प्र प्र परमेश्वर की महिमा हो. अट्ठारह साल परमेश्वर आपको सुखी रखे. हफ्ते में छह दिनो तक हम काम कर सकते हैं तो चंगाई के लिये हम इनमें से किसी भी दिन आ सकते है. मगर विश्राम के दिन नहीं. अरे कपटियों ! क्या विश्राम के दिन तुम में से हर कोई अपने गधे या बैल को खोलकर उन्हें पानी पिलाने नहीं ले जाता. और यहां पर यह स्त्री जो अब्राहम के वंश से है और अट्ठारह वर्ष तक शैतान के बंधन में थी. क्या विश्राम के दिन उसे मुक्त करना उचित न था? हे उत्तम गुरुजी, अनंत जीवन पाने के लिये मुझे क्या करना चाहिये? तुम मुझे उत्तम क्यों कहते हो, कोई भी उत्तम नहीं, परमेश्वर के सिवा तुम आज्ञाएं तो जानते हो, व्यभिचार न करना, हत्या न करना, किसी पर झूठे आरोप न लगाना. अपने माता - पिता का आदर करना. परन्तु ये सभी आज्ञाएँ तो मैं बचपन से ही मानता आया हूँ. तुम्हारे लिये अभी एक काम करना आवश्यक है. अपना सब कुछ बेचकर धन गरीबों को बांट दो. तुम्हें स्वर्ग में धन मिलेगा. फिर मेरे पीछे हो लो. मगर हम तो व्यापारी हैं बहुत धनवान. धनवान का परमेश्वर के राज्य में प्रवेश कितना कठिन है. धनवान के लिये परमेश्वर के राज्य में प्रवेश मुश्किल है, जबकि ऊंट का सूई के नाके से निकलना सहज है. तो फिर कौन मुक्ति पा सकता है? जो मनुष्य के लिये असंभव है वो परमेश्वर के लिये संभव है. वास्तव में कहाँ होगा ये परमेश्वर का राज्य ? परमेश्वर का राज्य प्रकट रूप से नहीं आता. कोई यह नहीं कह सकता कि देखो यह यहाँ है या वहाँ है क्योंकि परमेश्वर का राज्य तुम में है. वो समय आयेगा जब तुम परमेश्वर के पुत्र के आगमन का दिन देखना चाहोगे पर देख न पाओगे, जैसे बिजली आकाश के एक ओर से दूसरी ओर तक प्रज्वलित होती है वैसे ही परमेश्वर का पुत्र भी प्रकट होगा, परन्तु पहले उसे बहुत दुख उठाना होगा और इस युग के लोग उसका तिरस्कार करेंगे. आकाश और पृथ्वी का टल जाना सहज है परन्तु परमेश्वर के वचन का एक शब्द निष्फल न होगा मै कहता हूँ जो तुम देखते और सुनते हो बहुत से भविष्यवक्ताओं और राजाओं ने देखना और सुनना चाहा परन्तु ऐसा न कर सके हम क्या करें? धर्मशास्त्र क्या कहता है ? इसका क्या अर्थ है ? तुम अपने प्रभु परमेश्वर को सम्पूर्ण हृदय, सम्पूर्ण प्राण, सम्पूर्ण साम्थर्य, सम्पूर्ण मन से प्रेम करो पड़ोसी को अपने समान प्रेम करो. तुमने ठीक कहा. यही करो तो जीवित रहोगे. मेरा पड़ोसी कौन है ? वे सैनिक तो नहीं क्या राजा होगा ? एक बार एक मनुष्य यरूशलेम से यरीहो जा रहा था, तब डाकूओं ने हमला किया और लूटकर उसे अधमरा छोड़कर चले गये. तब एक धर्मगुरू वहाँ से गुजरा और उसे देखकर वहाँ से कतरा कर चला गया. इसी प्रकार एक पुरोहित भी वहाँ से निकला, पास आया और उस व्यक्ति को देखा और मुंह फेर कर चला गया. परन्तु एक दलित ने मार्ग से गुजरते समय उस घायल मनुष्य को देखा और उसका हृदय दया से भर गया. उसने घायल के पास जाकर घावों को साफ किया, फिर उसे अपनी सवारी पर बैठाकर वो एक सराय में ले गया. जहां उसकी सेवा टहल की. दूसरे दिन मालिक को कुछ रुपयें देकर उसकी देखभाल करने को कहा। और कहा जो कुछ खर्च आयेगा मैं लौटने पर तुम्हें दे दूंगा. इन तीनों में से किसने डाकुओं द्वारा लूटे व्यक्ति से अच्छे पड़ोसी का फ़र्ज निभाया ? जिसने उस पर दया की फिर तुम भी यही करो आह ! बच्चों को मेरे पास आने दो और उन्हें मना मत करो क्योंकि परमेश्वर का राज्य ऐसों का ही है. मैं तुमसे सच कहता हूँ जो कोई परमेश्वर के राज्य को एक बालक की तरह ग्रहण नहीं करता वो उसमें कभी प्रवेश न करेगा. जो कोई मेरे नाम से इस बालक का स्वागत करता है, मेरा करता है जो मुझे स्वीकार करता है, मेरे भेजने वाले को करता है. तुममें से सबसे छोटा ही सबसे महान है. हे, यहां क्या हो रहा है ? कौन जा रहा है ? नासरत के येशु यहां से जा रहे हैं. येशु प्रभु येशु ! हे दाऊद की संतान मुझ पर दया करें. मैं तुम्हारे लिये क्या करुँ ? मैं फिर से देखना चाहता हूँ. तो देखो तुम्हारे विश्वास ने तुम्हें चंगा किया. मैं देख सकता हूँ ! मुझे दिखाई पड़ रहा है! मै देख रहा हूँ! येशु ! परमेश्वर की स्तुति हो! वह देख सकता है! ये तो चमत्कार है! उसकी आँखें चंगी हो गयीं! आश्चर्य जनक कितना अद्भभुत है! यरूशलेम जाते समय हर जगह प्रभु यीशु को भारी भीड़ मिली. लोग उनसे उद्धार का मार्ग और परमेश्वर के राज्य के बारे में और जानना चाहते थे। ये मनुष्य भविष्यवक्ता है. मेरे प्रभु और स्वामी, मुझे बचाईये! हे प्रभु हमें बचाये, हमें बचाये! प्रभु की स्तुति हो. हमें सच्ची राह दिखाइयें, प्रभु ! लोगो ने प्रभु यीशु को अपने प्रभु और स्वामी के रूप में स्वीकार करना प्रारंभ कर दिया। दर्शन को उत्सुक यरीहो नगर में जक्कई नाम का चुंगी लेने वाला यीशु को देखने की उत्सुकता में पेड़ पर चढ़ गया। ये तो चुंगी लेने वाला है. आहा हा हा जक्कई जल्दी नीचे उतरो क्योंकि आज मुझे तुम्हारे घर ठहरना है. मेरे घर उसके घर कौन ठहरेगा ? जक्कई यीशु को कैसे जानता है ? सुनो मैं अपनी सम्पत्ति का आधा भाग गरीबों को दे दूगाँ. अगर मैंने किसी को ठगा है तो मैं उसे चार गुना लौटा दूगाँ. मैं नहीं मान सकता कि एक चुंगी लेने वाला पैसा वापस करे. असम्भव! आज इस घर में मुक्ति आयी है. ये मनुष्य भी इब्राहिम के वंश से ही है. मैं खोये हुओं को ढूँढने और उनका उद्धार करने आया हूँ। सुनो, हम यरूशलेम जा रहे हैं. जहाँ मेरे विषय में की गई भविष्यवक्ताओं की हर भविष्यवाणी पूरी होगीं। मुझे अन्य जातियों के हाथ सौंपा जाएगा. वे मेरा उपहास करेंगे, मुझे अपमानित कर मुझ पर थूकेंगे. कोडे लगाएंगे और मार डालेंगे, परन्तु तीसरे दिन मैं जी उठूँगा. और प्रभु यीशु दृढ़ निश्चय के साथ यरुश्लेम की ओर चल दिये हालांकि वे जानते थे कि उन्हे मानव जाति के पापों के लिए अपने प्राण देने होगें, फिर भी वे यरुशलेम की ओर बढ़ते गये। बहुत से लोग उनके आगमन पर आन्दिंत हुए और उन्हे अपना राजा मान लिया। गुरु!, अपने शिष्यों को आज्ञा दे कि वे शांत रहें. मैं कहता हूँ यदि ये चुप रहें तो स्वंयम ये पत्थर चिल्ला उठेगें. सबको आशीष मिले! प्रभु यीशु यरूशलेम के निकट पहुँचे, उन्होंने उसे देखा, और रो पड़े. भला होता यदि तू आज अपनी शांति का मार्ग जान लेता, परन्तु तू इसमे असफल रहा। वे दिन आयेंगे जब तेरे शत्रु मोर्चा बांधकर तुझे घेर लेंगे और चारों ओर से तुझ पर प्रहार करेगें। इन्हीं दीवारों के बीच तुझे तबाह कर देगें तुझे और तेरे लोगों को और वो पूरी तरह तेरा सर्वनाश करके रहेगें क्योकि तुने अपने अपने अनुग्रह के समय को नही पहचाना। यरूशलेम का पवित्र मंदिर अराधना का स्थान होने के बजाय व्यापार का केन्द्र बन चुका था. पांच, छह, सात, आठ, नौ, दस, ग्यारह, बारह, तेरह, चौदह, पन्द्रह, सोलह, सत्रह, अट्ठारह, उन्नीस, बीस, इक्कीस, बाईस, तेईस, चौबीस, पच्चीस, छब्बीस, सत्ताईस, अट्ठाईस ये लिखा है... मेरा घर प्रार्थना का घर होगा. परन्तु तुमने उसे डाकूओं की खोह बना दिया. ये मेरे जानवरों को भगा रहा है. रोको उसे रोको उसे पहरेदारों को बुलाओ ! जल्दी बुलाओ ! कुछ राजनीतिज्ञों और धर्मगुरुओं में प्रभु यीशु के प्रति विरोध उभरने लगा क्योंकि लोग उन्हे राजा मानने लगे थे। मैंने तो सुना है कि बहुत से लोगों ने उसे अपना राजा मान लिया है. राजा भिखारियों, वेश्याओं और चोरों का उसके समान हमने बहुत देखे वे आके अपने दावे करके चले जातें हैं लोग भूल जाते हैं. अनजान मत बनो. उसके अनुयायी प्रतिदिन बढ़ रहे हैं. उसकी सराहना करते हैं लोग और सोचते हैं कि वो राजा है. मैं आपको चेतावनी देता हूँ कि अगर इस आदमी ने और शांति भंग की तो आप ही जिम्मेदार होंगे. शायद ये सही कहते हैं. हमें गलीली का सामना करना होगा. और जैसे-जैसे धर्मगुरुओं और शास्त्रियों के पाखंडी वर्ग के प्रति यीशु का तिरस्कार बढ़ने लगा यहूदियों मे उनके अनुयायी भी बढ़ने लगे। दूसरी तरफ उन लोगो का भी विरोध बढ़ा, जिनकी उन्होने आलोनचना की थी। उन लोगो का भी विरोध बढ़ा, जिनकी उन्होने आलोचना की थी। प्रभु यीशु ने मंदिर में ज्यादा नहीं दे सकती? मैं कहता हूँ इस निर्धन विधवा ने सबसे ज्यादा दान दिया है. क्योंकि दूसरों ने अपने बहुत से धन में से थोड़ा सा दिया है. परन्तु इसने गरीब होते हुए भी अपनी सारी जीविका और पूंजी दे दी. हमें बताईये, आपको ऐसा कहने का क्या अधिकार है? किसने दिया आपको ये अधिकार दिया? अब मैं तुमसे एक प्रश्न पूछता हूँ? यूहन्ना को बपतिस्मा देने का अधिकार परमेश्वर से मिला था या मनुष्य से ? हम क्या उत्तर दे? यदि परमेश्वर की ओर से कहेंगे तो वो कहेगा तुमने यूहन्ना का विश्वास क्यों नहीं किया? और यदि मनुष्य की ओर से कहें तो ये भीड़ हमें पत्थरवाह करेगी. क्योंकि ये सब यूहन्ना को भविष्यवक्ता मानते हैं. हमें नहीं मालूम ये अधिकार कहाँ से मिला. तो मैं भी तुम्हें नहीं बताता कि मैं ये सब कुछ किस अधिकार से करता हूँ. एक बार एक मनुष्य ने अंगूर की बारी लगाई उसे ठेके पे देकर लम्बे समय के लिये कही चला गया. जब अंगूरों को इकट्ठा करने का समय आया तो उसने अपने एक दास को भेजा कि फसल में उसका हिस्सा उसको मिल सके. परन्तु ठेकेदारों ने उसे पीटकर खाली हाथ भगा दिया तब उसने दूसरे दास को भेजा. पर ठेकेदारों ने उसे भी पीटा और अपमानित करके उसे भी खाली हाथ लौटा दिया. तब उसने तीसरे दास को भेजा किन्तु ठेकेदारों ने उसे मारपीट के बाग के बाहर ढकेल दिया, तब अंगूर बारी के मालिक ने अपने मन में सोचा, अब मैं क्या करूँ? अब मैं अपने प्रिय पुत्र को भेजूँगा. अवश्य ही वे उसका आदर करेंगे, परन्तु ठेकेदारों ने उसे आते देखकर आपस में कहा, ये तो मालिक का पुत्र है, उसे मार डालें, तो ये जायदाद हमारी हो जाएगी. हमें और बतायें. उन्होंने उसे बारी के बाहर निकाला, और मार डाला. अब देखो मालिक उन ठेकेदारों के साथ क्या करेगा? वो आकर उनको मारेगा और अंगूर की बारी दूसरे को दे देगा. तो इस वचन का क्या अभिप्राय है जिस पत्थर को राज मिस्त्रीयों ने निकम्मा जान नकार दिया, वही पत्थर सबसे श्रेष्ठ सिद्ध हुआ जो कोई इस पत्थर पर गिरेगा वो चकनाचूर हो जाएगा और यदि ये पत्थर किसी पर भी गिरेगा तो उसे पीस कर रख देगा. गुरुजी... हम जानते हैं कि जो आप कहते और सिखाते हैं वो सही है. हम जानते हैं कि आप मनुष्य के पद पर ध्यान नहीं देते, मगर मनुष्य के लिये परमेश्वर की मर्जी का सत्य सिखाते हैं. बतायें. रोमी सम्राट को कर देना हमारे लिये क्या नियम के अनुसार है या नही है ? प्रभु सावधान, वो आपको फसाना चाहते हैं. मुझे एक चांदी का सिक्का दो. इस पर किसका चित्र और नाम अंकित है. राजा का तब जो राजा का है, वो सब राजा को दो. जो परमेश्वर का वो परमेश्वर को दो. तुम्हारा इस विषय में क्या उत्तर है. तब अखमीरी रोटी का पर्व निकट आया जिसे फसह का पर्व कहते हैं। और प्रभु यीशु ने शिमौन पतरस और यूहन्ना को फसह का भोजन तैयार करने पहले ही भेज दिया. मेरी बड़ी इच्छा थी कि दुख भोगने से पहले यह फसह का भोज तुम्हारे साथ खाऊं. मैं तुमसे कहता हूँ. परमेश्वर के राज्य में इसका उद्देश्य पूरा न होने तक मैं इसे नहीं खाऊँगा । धन्य हैं आप प्रभु परमेश्वर सृष्टि के मालिक जो अंगूर की बेल पर फल लाते हैं. इसे लो और आपस में बांटे लो. मैं तुमसे कहता हूँ, कि जब तक परमेश्वर का राज्य ना आ जाये मैं अंगूर का रस नहीं पीऊँगा. धन्य हैं आप, प्रभु परमेश्वर ! सृष्टि के मालिक ! जो धरती पर अन्न उपजाते हैं यह मेरी देह है जो तुम्हारे लिये दी जाती है. मेरी याद में ऐसा ही किया करो. ये प्याला मेरे लहू में नयी वाचा है जो तुम्हारे लिये बहाया जाता है पर देखो मुझे पकड़वाने वाला मेरे साथ इसी मेज पर है, मेरी मृत्यु तो निश्चित है जैसा कि परमेश्वर ने ठहराया है, पर अफसोस उस पर जो मुझे पकड़वायेगा. (शोकार्त) ये नही हो सकता! ये हो ही नही सकता! असंभव कौन है वो धोखेबाज प्रभु? तुममें से सबसे बड़ा सबसे छोटे की तरह बने, और अगुवा सेवक के समान। बड़ा कौन है ? वो जो भोजन पर बैठा है या वो जो सेवा करता है? हाँ वही जो मेज पर बैठा है परन्तु मैं तुम्हारे बीच सेवक की तरह हूँ. मेरी सभी परीक्षाओं में तुम मेरे साथ रहे और जैसा मेरे पिता ने मुझे राज्य करने का अधिकार दिया. ये अधिकार मैं तुम्हें देता हूँ. तुम मेरे राज्य में मेरी मेज पर भोजन करोगे और तुम सिंघासनों पर बैठकर इस्त्राएल के बारह गोत्रों पर राज्य करोगे. तब तो कोई धोखेबाज नहीं शिमौन, शिमौन सुनो शैतान तुम सब की परीक्षा लेना चाहता है, के अच्छे को बुरे से अलग करे, जैसे किसान गेहूँ को भूसी से अलग करता है। परन्तु मैंने प्रार्थना की है कि तुम्हारा विश्वास न डगमगाये और जब तुम मेरी ओर लौटो तो, अपने भाईयों को ढाढ़स बंधाना. प्रभु मैं आपके साथ बंदीगृह जाने के लिए और मरने को भी तैयार हूँ. मैं कहता हूँ, पतरस! कि आज मुर्गे के बांग देने से पहले तुम तीन बार इन्कार करोगे कि मुझे नहीं जानते. मैंने तुम्हें बिना बटुए, झोली और जूते के भेजा, तो कोई कमी हुई ? नहीं, कोई कमी नहीं. अब जिसके पास बटुआ या झोला हो वो उसे ले ले और जिसके पास तलवार न हो वो अपने कपड़े बेचकर खरीद ले. मैं कहता हूँ, धर्मशास्त्र में लिखा है "वो अपराधियों में गिना जाएगा" और मेरे विषय में लिखा सब पूरा हो रहा हैं। देखिये यहाँ दो तलवारें हैं, प्रभु! बहुत हैं और प्रभु यीशु से छुटकारा पाने के लिये धर्मगुरुओं की एक सभा हुई. तब शैतान यहूदा इस्करियोती में समा गया जो बारह शिष्यों में से एक था. उसने धार्मिक गुरुओं के साथ मिलकर प्रभु यीशु को पकड़वाने का षडयंत्र रचा. प्रभु यीशु प्रार्थना करने यरूशलेम से जैतून के पहाड़ पर गए. प्रार्थना करो ताकि तुम परीक्षा में न पड़ो. यहूदा इस्करियोती ने केवल तीस चांदी के सिक्कों के लिये प्रभु यीशु से विश्वास घात किया। प्रभु यीशु जानते थे कि मानव जाति के पापों के लिये उनके प्राण देने की घड़ी आ पहुँची है और वे प्रार्थना करने लगे. हे पिता ! अगर आप चाहें तो ये प्याला मेरे पास से हटा लें. तौभी मेरी नहीं आपकी इच्छा पूरी हो. और प्रभु यीशु को सामर्थ देने के लिये एक स्वर्गदूत प्रगट हुआ और उनका पसीना लहू की बड़ी-बड़ी बूँदे बनकर भूमि पर गिर रहा था. तुम क्यों सो रहे हो ? उठो ! और प्रार्थना करो कि तुम परीक्षा में न पड़ो . यहूदा ! क्या तुम चुम्बन लेकर मुझे पकड़वा रहे हो ? प्रभु क्या इसे तलवार से मार दें ? आह आह चलो इसे पकड़ लो. बस, बहुत हो गया. चमत्कार मुझे डाकू समझकर तुम तलवारें और लाठियाँ लेकर आये हो. मैं मन्दिर में हर दिन तुम्हारे साथ था, तब तुमने मुझे नहीं पकड़ा. ये तुम्हारे सक्रिय होने की घड़ी है। जबकि अंधकार का सम्राज्य है. पकड़ लो इसे. इस पे निगरानी रखो तब सिपाही उन्हें पकड़कर आंगन में लाये और यहूदियों का राजा कहकर उनका ठट्ठा करने लगे. अरे राजा के कपड़े तो देखो बता अब क्या होने वाला है क्या तू हमें बचाएगा ओ महाराज? एं क्या तू बचाएगा? ये मनुष्य भी येशु के साथ था. बहन, मैं तो उसे जानता तक नहीं. मैंने दोनों को साथ देखा हैं हम तो तेरे नौकर हैं हा हा बड़े बनते थे अब कैसा लगता है? तू भी तो उनमें से एक है? वो मैं नहीं. इसमें कोई शक नहीं कि ये मनुष्य यीशु के साथ था क्योकि ये भी गलील से ही है। अरे होगा. पता नही तुम किसके बारें में बात कर रहे हों। प्रभु यीशु ने मुड़कर सीधे पतरस को देखा तब पतरस को यीशु की वो बात याद आयी कि आज मुर्गे की बांग देने से पहले तुम तीन बार मेरा इन्कार करोगे प्रभु जी! हम विनती करते हैं, कि आप अपने महानता के अनुसार हम पर दया करें। प्रभु जब हमारे पूर्वजों ने आपका विरोध किया, तब आप उनसे क्रोधित थे फिर भी उनका नाश नही किया। परन्तु क्षमा किया आपने अपने प्रेम वाचा तथा विश्वास योग्यता के कारण उन्हें उन्हें क्षमा कर दिया. बोल तुझे किसने मारा? भविष्यवाणी कर! अब तुझे कौन मारेगा ? बस करो! ये सब बंद करो इसे सभा के सामने ले आओ चल! प्रभु येशु से पूछताछ के लिये धर्मगुरूओं ने एक सभा बुलाई हमें बता क्या तू ही मसीह है? यदि मैं बताऊँगा तो तुम विश्वास न करोगे. और यदि मैं तुमसे प्रश्न पूछूँ, तब तुम उत्तर न दे सकोगे। लेकिन अब से मै निश्चय ही सर्वशक्तिमान परमेश्वर की दाहिनी ओर बैठुँगा तो क्या तू परमेश्वर पुत्र है? हाँ मैं हूँ. किसने इसे ये कहने का अधिकार दिया है ? दोषी है ! हमने खुद अपने कानों से सुना कि इसने क्या कहा ? हम इसे पिलातुस के पास ले जायेंगे. हां, हां, इसे ले चलो। ! चलो. और वे प्रभु यीशु को क्रूर रोमी शासक पिलातुस के पास ले गये। जो हजारों को क्रूस पर चढ़ाने के लिए जिम्मेदार था. इतनी सुबह सुबह तुम लोग मुझसे क्या चाहते हो? हमनें इसे लोगों को बहकाते हुए पकड़ा है. इसने मंदिर के बाजार में खलबली मचा दी. इसकी सजा क्या होगी? इसे दण्ड दो ! मैं इस मनुष्य में दण्ड देने योग्य कोई अपराध नहीं पाता। हमने इसे दोषी पाया. रोमी सम्राट को कर देने को मना करता है. मसीह होने का दावा करता है और राजा भी राजा ? क्या आप यहूदियों के राजा हैं ? तुमने खुद कहा. इसने ये सब गलील में आरम्भ किया था अब यहाँ भी आ पहुँचा है. गलील में ? क्या ये मनुष्य गलीली है ? ऐसा है तो इसे राजा हेरोदेस को सौंप देना चाहिये. वो अभी भी यरूशलेम में ही है न ? इसे वहाँ ले जाओ. तो अपने विषय में क्या कहते हो तुम ? वे कौन हैं जिन्हें तुम अपना शिष्य कहते हो ? मैने बहुतों से सुना है कि तुम आश्चर्य कर्म भी करते हो. फिर मेरे लिये भी कुछ करो. महाराज ये सभी लोगों को बहका रहा है. और अपने आप को राजा कहता है. ये मनुष्य ? राजा ? (हंसी उपहास) महाराज इसे खूब पीटो ले जाओं इसे पिलातुस के पास ये उसी के प्रांत का है. इस व्यक्ति ने मृत्युदंड के योग्य कोई अपराध नहीं किया. तो मैं इसे कोड़े लगवा कर छोड़े देता हूँ. इस त्योहार के समय हमारे लिये आप एक आदमी को छोड़ने का अधिकार रखते है. हमारे लिये छोड़ दे बराब्बा को बराब्बा को बराब्बा हाँ और इस मनुष्य को दंड दे. हाँ, हमें बराब्बा चाहिए इसे क्रूस पर चढ़ाओ हाँ, इसे क्रूस पर चढ़ाओ तुम तुम इसे कोड़े लगाओ आप किसका इंतजार कर रहे हैं पिलातुस ? ये येशु है उन्हे ऐसी पीढ़ा क्यों देते हों? छोड़ दो, ये मसीही है ! ये निर्दोष है. इसे उठाओ ! वो जोर जोर से चिल्लाते रहे थे कि यीशु को क्रूस पर चढ़ाया जाये, तो पिलातुस ने यीशु को मृत्यु दंड दिया। बदले में हत्या और दगें के लिये बदी बराब्बा को रिहा कर दिया गया और क्रूस पर चढ़ाने के लिये यीशु को उनके हवाले कर दिया. वापस जाओ उससे दूर रहो! पीछे हटो दूर रहो उससे दूर रहो पीछे हटो पीछे हटो पीछे हट जाओ रास्ता खाली करो हट जा ऐ, रास्ते में से हट जा चलो जब मैं कहता हूँ! उठो उठ जा ऐ क्या नाम है तुम्हारा ? हुजूर, मुझे शमौन कुरेनी कहते है। इधर आओ तुम ! रस्सियाँ काटो तुम उसे उठाओ अब आगे चलो! हटो! पीछे हटो! छोड़ो उसे चलो आगे बढ़ते रहो हटो! पीछे हटो, हटो पीछे हम आपके लिये रोते हैं, प्रभु जी, इसे पीजिए, प्रभु जी, पी लिजिए प्रभु जी. यरूशलेम की स्त्रियों मेरे लिये नही अपने और अपने बच्चों के लिये रोओ जब ये लोग मेरे साथ ऐसा व्यवहार कर रहे है, तो तुम्हारे साथ क्या कुछ न होगा। परमेश्वर आपकी सहायता करें. हम आपके लिये प्रार्थना करेंगे. चलो, यहाँ खड़े हो, चलते रहो, जल्दी, जल्दी अब तो जाओ चलते रहो , आगे बढ़ो , जल्दी से, जल्दी से अब तुम चलो, चलो, अब तुम आगे बढ़ो जल्दी अपना काम करते रहो उठाओ तू, खूंटा गाड़! रस्से ढीले करो हे पिता इन्हें क्षमा कर ये नहीं जानते कि ये क्या करते हैं इसनें औरों को बचाया अब अपने आप को बचाये यदि तू मसीह है तो अपने आप को बचा, हाँ, क्रूस पर से उतर आ. हमारे सामने भी एक आश्चर्यकर्म करे. और यीशु को क्रूस पर दो चोरों के बीच लटकाया गया, इस प्रकार परमेश्वर के भविष्यवक्ताओं द्वारा सैकड़ों वर्ष पूर्व की गयी भविष्यवाणी पूरी हुई. ये कपड़ा किसी मामूली आदमी का नहीं. (laugh हंसी.) (हँसी) ऐ रहने दो नही इसे मत फाड़ो, मैं बताता हूँ इसका क्या करें चलो, पर्चियाँ डालें आह! अरे तुझे मिल गया, अब तू इसका क्या करेगा? उनके सिर के उपर एक तख्ती लटकाई गई जिस पर लिखा था कि ये यहूदियों का राजा है. यदि तू यहूदियों का राजा है तो बचा ले अपने आपको क्या तू तो मसीह है न फिर हमें और अपने और अपने आपको बचा ले. क्या तुम परमेश्वर से नहीं डरते ? उनको वही सजा मिल रही है जो हमें मिली, पर इनका तो कोई अपराध नहीं है मुझे याद रखना यीशु जी जब आप अपने राज्य में आयेंगे. मैं वचन देता हूँ कि तुम आज ही स्वर्ग में होगे मेरे साथ दोपहर हो चुकी थी और तीन घंटे तक सारे देश में अंधकार छाया रहा. और मंदिर का पर्दा उपर से लेकर नीचे तक फट गया हे पिता आपके हाथों में मैं अपनी आत्मा सौंपता हूँ. सौनिकों के सूबेदार ने ये देखकर परमेश्वर की बड़ाई करते हुए कहा परमेश्वर की महिमा हो! निश्चय ही ये एक धर्मी मनुष्य थे। धार्मिक सभा के एक नेक सदस्य अरमितिया के युसुफ ने जो इस कार्य से सहमत नहीं था जाकर पिलातुस से अनुमति ली कि प्रभु यीशु की लोथ को विश्राम के दिन से पहले ही कब्र में रखा जा सके ! क्षमा किजिए हम प्रभु की लोथ के पीछे पीछे आ रहे थे। आप सभी आ सकते है। मगर चलें विश्राम दिन शुरू होने वाला है. रविवार की सुबह तड़के ही स्त्रियाँ सुगन्धित वस्तु्एँ तैयार करके कब्र पर आईं. उन्होंने कब्र से पत्थर को लुढ़का हुआ पाया और जब वे अंदर गईं, तो प्रभु यीशु की लोथ वहाँ नहीं थी. तुम जिवित को मरे हुओं में क्यों ढूँढ़ती हो। वे यहाँ नहीं हैं पर जी उठे हैं। तुम्हे याद है किे गलील में उन्होने क्या कहा था वे पापियों के हाथ पकड़वाये जायेंगे, क्रूस पर चढ़ाये जायेंगे और तीसरे दिन जी उठेंगे. सुनो ! कब्र का पत्थर लुढ़का हुआ था. हम अंदर गये पर हमारे प्रभु का शव वहाँ नहीं है. क्या ?प्रभु का शव नहीं है. और दो मनुष्य हमें दिखें। स्वर्गदूत, चमकते, सूर्य समान और हमसे ये कहा, तुम जिवित को मृतकों में क्यों ढूँढ़ती हो ? ये सच है. विश्वास कीजिये विश्वास कीजिये. हमने उनको देखा ! आप भी जाकर देखें ।कब्र खाली है। प्रभु वहाँ नहीं है. पतरस, आप हमारा विश्वास करें. प्रभु यीशु दो शिष्यों पर प्रगट हुए। और वे उत्साह भरे अपने साथियों के पास गये. प्रभु सचमुच जी उठे हैं. वे पतरस को दिखाई दिये. हम जब रास्तें में थें उन्हे नहीं पहचान सके. पर रोटी तोड़ने पर ही हमने उन्हें पहचाना. इम्माऊस में, वे वहाँ कैसे पहुँच गए? तुम्हें शांति मिले. तुम क्यों इतने चिंतित हो ? तुम्हारे मन में शंका क्यों उठ रही हैं ? देखो, मेरे हाथ और मेरे पाँव और जान लो कि मैं ही हूँ मुझे छुओ तो पहचान लोगे. क्योंकि आत्मा के हड्डी और मांस नहीं होता जैसा मुझमें देखते हो. मै यही बातें तो करता था, जब तुम्हारे साथ था। कि मेरे विषय में मूसा की व्यवस्था भविष्यवक्ताओं के लेखों और भजन संहिता में लिखा सब पूरा होना था. यही तो लिखा है कि मसीह को दुख उठाना और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठना है. और उनके नाम से पश्चाताप और पाप क्षमा का संदेश यरूशलेम से लेकर सारे संसार में प्रचारित किया जायेगा. तुम इन सब बातों के साक्षी हो और मैं स्वयं अपने पिता का वचन तुम्हारे लिए पूरा करुँगा स्वर्ग से तुम साम्थर्य पाने तक यरूशलेम में ही प्रतीक्षा करते रहना। परमेश्वर तुम्हारी रक्षा करें और आशीष दें स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये, जाकर सब जातियों के लोगों को शिष्य बनाओ और उन्हें पिता, पुत्र और पवित्रात्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैंने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ । और देखो मैं जगत के अंत तक सदैव तुम्हारे साथ हूँ। आमीन! हजारों साल पहले पवित्र शास्त्र में भविष्यद्वक्ताओं ने लिखा कि परमेश्वर पापियों को बचाने और अपने साथ मेल मिलाप करने के लिए मसीह को भेजेगें। यीशु का जीवन स्पष्ट रीती से ये बताता है कि वो वही उद्धारकर्ता है, जिन्हे भेजने के लिए परमेश्वर ने वचन दिया भविष्यद्वक्ता यशायाह ने कहा कि एक कुँवारी गर्भवती होगीं और एक पुत्र को उत्पन्न करेंगी और ऐसा ही हुआ भी। परमेश्वर की साम्थर्य से मरियम जो एक कुँवारी थी गर्भवती हुई और उन्होंने यीशु को जन्म दिया। जैसा शास्त्र वचन में लिखा है उनका अद्धभुत रीति से जन्म लेना परमेश्वर की ओर से ये चिन्ह है कि वो बालक जो जन्मा है मसीह है जिसे परमेश्वर अपना पुत्र कहते है। जब लोगों ने यीशु को देखा तो उन्होंने उनमे परमेश्वर के चरित्र और साम्थर्य को देखा। उन्होंने लोगों को चंगाई दी और उनके पापों को क्षमा किया। उन्होंने लोगो से वादा किया कि उन्हे अनंत राज्य में स्थान मिलेगा। यीशु ने अपना जीवन बलिदान किया और सब मनुष्यों दण्ड स्वयम सहा। उन्होने मृतकों में से जी उठने के द्धारा ये प्रकट किया कि उनकी साम्थर्य मृत्यु की साम्थर्य से कही ज्यादा है। यीशु जो मसीह है कहा कि मेरे पास अपने प्राण देने की भी साम्थर्य है और साथ ही उसे वापस लेने की भी। उनका जीवन बिल्कुल ऐसा था जैसा भविष्यद्वक्ताओं ने मसीह के विषय में लिखा था। इस बात का पक्का प्रमाण कि परमेश्वर का वचन पूर्णतया पवित्र, सत्य और कभी न बदलने वाला है। यीशु ही परमेश्वर का वचन है। परमेश्वर यीशु के द्वारा अपने आप को लोगों पर प्रगट करते है। यीशु हमें परिपुर्ण जीवन देने आए, आदि में परमेश्वर ने आदम और हव्वा की रचना की थी, ताकि वे उनकी उपस्थिति में आनंद से रह सके लेकिन उन्होने परमेश्वर पर अविश्वास किया और उनकी आज्ञा को नही माना। उस लज्जा जनक कार्य ने उन्हे परमेश्वर से दूर कर दिया। पवित्र शास्त्र में लिखा है कि सभी मनुष्‍यों ने पाप किया है और पाप का परिणाम मृत्यु है। जो लोग पाप करते है वो परमेश्वर के साथ संगति नही कर सकते। जिस प्रकार परमेश्वर ने एक मेढ़ा अब्राहम के पुत्र की जगह मरने के लिए उपलब्ध कराया इसी प्रकार परमेश्वर ने यीशु को आदम के वंशजों की जगह मरने के लिए भेजा। उन्होने ये ये इसलिए किया कि जो कोई भी यीशु पर विश्वास करते हैं वो उनकी उपस्थिति में आ सकते हैं। इसलिये जो यीशु के पीछे चलते हैं वे पाप के दंड से छुटकारा पाकर सदैव परमेश्वर के साथ रहेंगे। जब यीशु मुर्दों में से जी उठे तो उन्होने अपने चेलों से कहा, हर राष्ट्र में मेरे नाम से लोगों में ये प्रचार किया जाएगा कि परमेश्वर उनके अपराध क्षमा करते है जो अपने पापों को छोड़कर उनकी ओर फिरेंगे। यीशु ने ये भी कहा कि परमेश्वर पवित्र आत्मा को भेजेगें कि वे उनके चेलों के साथ रहे और उन्हें साम्थर्य दे कि वे परमेश्वर के मार्ग पर चल सकें। जब एक पापिन स्त्री ने अपने पापों से मन फिराया और यीशु के पीछे चलना शुरू किया, तब यीशु ने उससे कहा तेरे पाप क्षमा हुए। तेरे विश्वास ने तुझे बचा लिया। यीशु ने कहा जब लोग पूर्ण सच्चाई से परमेश्वर से प्रेम करते हैं तो उसका प्रमाण है कि परमेश्वर ने उनके अपराध क्षमा किए। जो यीशु के शिष्य बनने का निर्णय लेते हैं वे यीशु के साथ अपने सबंध की शुरूआत इन शब्दों के इस्तेमाल से कर सकते हैं। पिता परमेश्वर आप धर्मी हैं मैं धन्यवाद करता हूँ कि आप मुझसे प्रेम करते हैं। मुझे इस बात का पछतावा है कि मैंने आपकी आज्ञाओं को नहीं माना और आपके विरुद्ध पाप किया। मैं धन्यवाद देता हूँ कि आपने यीशु को मेरी जगह क्रूस पर मरने के लिए भेजा और वो तीसरे दिन जी उठें। मैं धन्यवाद देता हूँ कि उन्होने मेरे पापों का दंड सहा। मैं आपके मार्ग पर चलना चाहता हूँ और यीशु को अपने उद्धारकर्ता और प्रभु के रूप में ग्रहण करना चाहता हूँ। ममैं धन्यवाद देता हूँ कि आपने मेरे पापों को क्षमा किया और हमेशा के लिए अपने साथ अपने राज्य में रहने के लिए द्वार खोल दिये। मैं विन्नती करता हूँ कि अपना पवित्र आत्मा मुझे दें ताकि वो मेरे साथ रहे और मुझे आपका मार्ग दिखाए। वो मुझे साम्थर्य दे ताकि मैं अपने पूरे मन से आपसे प्रेम रख सकूँ ताकि मैं ऐसा जीवन जीऊँ जो आपको पसंद हो। और इस दुनिया में हर जगह लोग आपकी स्तुति करें आमीन। यीशु ने अपने शिष्यों के बारे में कहा मेरी भेड़े मेरा शब्द सुनती हैं और मैं उन्हें जानता हूँ और वो मेरे पीछे चलती हैं। यीशु के शिष्य आपस में मिलते हैं वो हर रोज उनसे बातें करते हैं उनके वचन को पढ़ते हैं वो हमेशा उनकी शिक्षाओं को मानते हैं। अनुसरण करते हैं यीशु उनके मार्ग दर्शक है और परमेश्वर का आत्मा जो उनके हृदय में रहता हैं उन्हे साम्थर्य प्रदान करता है। हमेशा उसे याद रखे जो यीशु ने उनके स्वर्ग पर उठाये जाते समय कहा। परमेश्वर ने मुझे समस्त स्वर्ग और पृथ्वी का अधिकार दिया है। विश्वास रखे कि मैं हमेशा तुम्हारे साथ इस जगत के अंत तक हूँ।
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