रिवका।
आंधी और कुएं।
हमें जाना है।
मैं लौटूंगी।
हम वापस आएंगे।
मैं सोचती हूं इतना काफ़ी है, नोआ।
मां, क्या तुम ठीक हो?
थोड़ा थक गई हूं।
उन्हें आराम चाहिए।
आओ मां। घर चलते हैं, वहां आराम करना।
क्या परेशानी है।
मुझे अफसोस है। मुझे जाना नहीं चाहिए था।
अब उसकी चिंता मत करो, लैला। हम तुम्हें बिस्तर पर लिटा देंगे।
मां? क्या हुआ?
हम फिर अमीरा के घर जा रहे थे। लगता है तुम्हारी मां के लिए चलना बहुत ज़्यादा हो गया था ।
मां को इतना नहीं करना चाहिए। तुम उनकी जगह क्यो नहीं चली जाती?
मैं कपड़े धो रही थी, मुझे तो पता ही नहीं कि वे जा रहे हैं!
लड़कियों झगड़ना बंद करो। मैं जाना चाहती हूं।
वो बार-बार अमीरा के पास क्यो जाती रहती है?
वो उनकी मदद कर कर के खुद मर जाएगी।
उनकी बीमारी तो खत्म नहीं होगी, परन्तु वे खुद मरने के बजाय, इसे ही मार देंगे।
सारा,
ऐसी बातें मत कहो।
ये सच है तुम जानती हो।
किसी को तो इसे रोकना होगा।
वैसे अमीरा के परिवार को हुआ क्या है?
सारा ठीक कहती है। वे हर समय बीमार रहते हैं।
तुम्हारी मां ने सोचा कि उनके कुएं का पानी गंदा है।
उसने उनसे कहा कि शहर से आ कर पानी लेलें।
और उन्होंने उसकी सलाह मानी।
उन्होंने उस कुएं का पानी कुछ महीने पहले ही पीना बंद कर दिया था,
इसलिए उनके स्वास्थ्य में तुरन्त सुधार हुआ।
परन्तु फिर...।
परन्तु फिर उन्होंने कहा कि यह बहुत दूर है और काफ़ी परेशानी भी होती है...
और उन्होंने फिर अपने कुएं का पानी पीना शुरू कर दिया।
और वे सब फिर बीमार पड़ गए।
क्यों
क्या तुम्हें अपना समय और शक्ति उन जैसे मूर्खों और बेअक्लों पर लगाना चाहिए?
वह नहीं समझती।
ये उसका प्रेम है तुम्हारे लिए...। जो
उसे अंधा कर देता है। सारा की चिंता मत करो।
बस आराम करो।
थोड़ा पानी पियो।
अब सो जाओ।
सो जाओ।
आओ बच्चे।
ये तुम्हारी जिम्मेदारी है मां को वहां जाने से रोकने की।
मां को रोकना होगा?
क्या तुम्हें विश्वास है कि वह मेरी सुनेगी?
यदि वह सोचती है कि परमेश्वर ने उसे कुछ करने को कहा है, तो वो वही करेगी मैं कुछ भी कहूं ।
यह सच नहीं है, मां तुम्हारी सुनती हैं।
मैं ने उसे मना किया कि रिवका के घर साप्ताहिक सभा में न जाया करें, परन्तु...।
लाओ मैं तुम्हारी मदद कर दूं।
वो कही भी चली जाती हैं ।
और वैसे ही तुम और मरियम भी।
वो अलग बात है।
ओह, तुम ऐसा सोचती हो?
मझे बहुत दुख है दाऊद ने जो कहा।
मुझे याद है जब
मेरे पति के भाई ने उनसे रोमियों के लिए कर-अधिकारी बनने की बात की थी।
हारून चिंता कर रहा था कि इस नौकरी से उनके सम्मान का क्या होगा?
इसीलिए तिबिरियास में हमारे घर में रहने के बजाय वह यहां काम करने आ गया,
तुम्हारे भाई के पास मुझे नापसंद करने के कारण हैं।
सारा ने कहा तुम यहां मिल सकती हों।
ओह, नोरा!
कैसी हो?
अच्छी हूं। और तुम?
ठीक हूं।
और तुम मरियम?
मां फिर से बीमार हो गई।
ओह मुझे दुख है।
परन्तु हम सब ठीक हैं।
धन्यवाद।
मैं तुम से कुछ सवाल पूछने आई हूं रिवका।
सवाल? किस बारे में...।
पवित्र आत्मा के बारें में ।
आह! आसान सवाल।
तुम जानती हो कि मैं तुमसे कभी आसान सवाल नहीं करती। मैं हर आसान चीज़ को पहले ही समझती हूं।
बिल्कुल ।
तुम यहां क्यों नहीं बैठती
तब तक मरियम के कपड़े टांगने में मदद कर दूं
अच्छी हवा चल रही है।
ये,
ये पवित्र आत्मा है जिसके बारे में तुमने बात की।
इसका क्या मतलब है?
ओह,
अच्छा...
यीशु ने स्वर्ग जाने से पहले,
अपने शिष्यों से कहा कि वो हमेशा उनके साथ रहेगा जो उस पर विश्वास करते हैं।
शारीरिक रूप से नहीं, परन्तु उसका आत्मा, पवित्र आत्मा, हमारे साथ रहेगा। और इसलिए
चाहें हम उसे देख नहीं पाएं, उसकी उपस्थिति का आभास कर सकते हैं।
जैसे हम हवा को अनुभव करते हैं।
उन कपड़ों को देखो...कैसे हवा के चलने से हिल रहे हैं और उड़ रहे हैं?
और तुम हवा को अपने बदन पर अनुभव करती हो।
और और तुम हवा को देखती हो औैर पत्तों को हिलता हुआ देखती हो।
कपड़ों की वजह से और मैदान में पेड़ों की वजह से और अपने बदन की वजह से...
हमें हवा चलने का पता लग जाता है।
हम हवा को
देख नहीं सकते,
परन्तु हम हवा को अनुभव कर सकते हैं।
इसी तरह, हम पवित्र आत्मा को देख नहीं सकते,
परन्तु उसकी उपस्थिति को अनुभव कर सकते हैं।
और हम उसके प्रभाव को देख सकते हैं, संसार पर और उन लोगों पर जो हमारे जीवन में हैं।
और अपने खुद के जीवन पर भी।
मैं अनुभव करती हूं कि वो मेरे साथ हैं,
परन्तु हमेशा नहीं,
यदि हम उसे हमेशा ही अपने साथ अनुभव करें,
तो हम विश्वास से नहीं जी रहे हैं।
ये सच है, मरियम।
हम विश्वास से जीते हैं, अपनी भावनाओं से नहीं।
परन्तु हम पवित्र आत्मा के सामर्थ में जीने का चुनाव कर सकते हैं... सारे समय।
इसका अर्थ है जैसे पाल की नाव में हवा को नियंत्रित किया जाता है वैसे ही?
मैं सोचती हूं ऐसा ही है।
तुम्हें। पाल को मस्तूल तक चढ़ा कर हवा को पकड़ना है।
और ये विश्वास का एक कार्य है।
और जब हम परमेश्वर से मांगते हैं कि
हमें पवित्र आत्मा से भरे,
उस सामर्थ से जो हमारे जीवन का मार्गदर्शन करती है,
ये विश्वास की प्रार्थना है।
और
उस बारे में क्या
जब हम कुएं से पानी निकालते हैं?
क्या ये पवित्र आत्मा से भरते जाने जैसा नहीं है?
क्या मतलब है तुम्हारा मरियम?
साफ़ पानी पीना, जैसे लगा के कुएं से, हमें ताज़गी और जि़न्दगी देता है।
अमीरा के कुएं में गंदा पानी है, जैसे मेरी ही बात करें।
मेरा मतलब है, कभी-कभी मैं जो परमेश्वर मुझसे चाहता है करने के लिए वो नहीं करना चाहती।
और कभी नफ़रत वाली और नीच बनना चाहती हूं।
ये गंदे कुएं में बर्तन डुबोने जैसा नहीं है?
मैं सोचती हूं है, मरियम।
और अमीरा का कुआं?
मरियम अभी कह रही थी अमीरा के कुएं का गंदा पानी हमारे पुराने पापी स्वभाव के समान है,
जिसका झुकाव स्वार्थी, नीच, या कपटी बनने की ओर रहता है।
और साफ़ पानी जो यहां शहर में है वो परमेश्वर के आत्मा के समान है।
उसे इस तरह से सोचो।
जब हम यीशु के बलिदान को स्वीकार करते हैं और परमेश्वर से संबंध बनाते हैं,
हम अपने दिल में और जीवन में पवित्र आत्मा को ग्रहण करते हैं।
परन्तु परमेश्वर अपनी आज्ञा मानने के लिए हमें मजबूर नहीं करता।
हम अपने पुराने शारीरिक स्वभाव को चुन सकते हैं जो हमें गलत काम करने के लिये उकसाता है,
या पवित्र आत्मा में जिएं परमेश्वर की सामर्थ और उपस्थिति में
जो हमें सही काम करने और उसे प्रसन्न करने का मार्गदर्शन देता है।
परन्तु कभी-कभी पवित्र आत्मा में जीवन जीने का चुनाव करना कठिन होता है।
जैसे अमीरा के परिवार के लिए साफ़ पानी के लिए शहर तक का रास्ता तय करना
परेशानी ही थी।
हम अपने पुराने तरीकों और आदतों के पुराने कुएं के आदी हो गए हैं।
परन्तु
जब कभी भी हम पुराने रास्तों का चुनते हैं, या पुरानी आदतों में पड़ जाते हैं,
हम परमेश्वर के सामने अपने पापों को मान सकते हैं।
और उससे कह सकते हैं कि हमें दुख है।
और तब हम नए सिरे से जीवन का पानी पी सकते हैं और पवित्र आत्मा से शक्ति पा सकते हैं।
और तब सारी चीज़ें फिर से ठीक हो जाती हैं।
हां, प्रिय,
हमारा संबध परमेश्वर से साफ़ और प्रगाढ़ हो जाता है।
परन्तु हमारे पापों के कुछ परिणाम भी हैं।
और
बहुत बार
हमें उन परिणामों के साथ रहना पड़ता है।
मैं सोचती हूं कि आज मैंने पुराने गंदे कुए से थोड़ा पानी लिया है।
क्या मतलब?
जब मैं मां पर अमीरा के घर जाने पर गुस्सा हुई थी,
उस समय तो अच्छा लगा। मैं मां पर गुस्सा नहीं हो सकती क्योंकि वो बीमार है, सो मैं ने वो गुस्सा तुम पर उतार दिया।
वो अच्छा नहीं था।
मैंने सोचा, मैंने सोचा कि परमेश्वर को ये अच्छा नहीं लगेगा, फिर भी मैं तुम पर बरस पड़ी।
क्या तुम मुझे माफ़ करोगी मरियम?
ओह, सारा।
कुछ समय पहले कभी-कभी मैं पुराने कुएं पर जाती थी।
हवा?
कुआं?
मुझे कुछ समझ मे नही आया ।
परमेश्वर कौन है और वो दुनिया में क्या कर रहा है ये बहुत बड़ा विषय है
और हमारी समझ के बाहर है।
तुम्हारे लिए ये याद रखना ज़रूरी है
कि पवित्र आत्मा परमेश्वर हमारे साथ है
हर दिन के
हर पल में। यीशु ने वादा किया कि वो सदा हमारे साथ रहेगा।
कि वो न कभी हमें छोड़ेगा न त्यागेगा।
और अपने पवित्र आत्मा के द्वारा वो अपने वचन में सच्चा है।
हम कभी अकेले नहीं हैं।
हम हमेशा उसके सामने अपने पापों को मान सकते हैं
और उसकी योग्य करने वाली सामर्थ के साफ़ कुएं से पानी भर सकते हैं।
परमेश्वर मेरे साथ है।
यह शुभ समाचार है।
हां, हां ये है!
मुझे मां को देखना चाहिए।
और मुझे घर जाना चाहिए।
कुएं के बारे में तुम्हारी सारी बातें।
मैं सोचती हूं... एक बार लैला ने मुझसे कहा था
यीशु किसी को जीवन जल दे रहा था।
क्या वो पवित्र आत्मा के बारे में बात कर रहा था?
हां,
हां।
यीशु सामरिया में एक स्त्री से मिला जो कुएं से पानी भर रही थी।
मरियम मगदलीनी वहां थी।
ओह!
मरियम ने कहा कि उस स्त्री का चेहरा अद्भुत दिखाई देता था।
वो यीशु के वचनों से पूरी तरह बदल चुकी थी।
यीशु ने उसे जिस जीवन जलके बारे में बताया था उसने वो पी लिया था।
मैं उसके बारे में कुछ जानती हूं।
मैं ने अपने अन्दर स्वच्छता का एहसास किया जब मैंने अपना जीवन उसे दिया।
यह एकदम साफ़, ठण्डे पानी पीने जैसा है और अंदर से पूरी तरह साफ़ होने जैसा है।
इस पानी को पीते रहिए, चाची।
और जब कभी आप को लगे कि आप उससे दूर जा रही हैं,
तो वापस आइए और जिस किसी कारण से दूर जा रही थीं उसे स्वीकार करें।
और
सांस लें,
पिएं, पवित्र आत्मा को।
ये अनुभव केवल एक बार नहीं होता;
ये बार-बार हो सकता है।
इन सारे वर्षों में,
मैंने कभी नहीं जाना कि मैं इस तरह रह सकती हूं।
हो सकता है तुम इस जीवन जल की अधिक प्रशंसा करो क्योंकि अभी तक तुमने इसके बिना जीवन बिताया है।
अब,
मुझे जाना होगा। मैने अमीरा को दुबारा मिलने का वचन दिया था।
सोचती हूं कि देख लूं कि लैला कैसी है।
मैं भी तुम्हारे साथ चलूं, चाची?
बिल्कुल ।
चाची रिवका, क्या आपने कभी पुराने कुएं से पानी निकाला है?
बिलकुल निकाला है, मरियम।
कब?
अच्छा,
मैं उन कुछ बातों से खुश नहीं हूं जो मैंने अपने पति को कहीं।
मैं उन बातों से खुश नहीं हूं जो मैंने सारा और दाऊद को कहीं।
सच ये है कि ऐसा करने को उन्होंने मुझे उकसाया भी है!
उन्होंने मुझे हमेशा एक छोटी बच्ची समझा।
ओह,
लोग हमें उकसाएंगे।
ऐसा तो होगा ही।
परन्तु हम सदा एक चुनाव कर सकते हैं।
अपने सामने उन दो रास्तों को देखो।
किस रास्ते जाना है ये चुन सकते हैं।
हम प्रार्थना में प्रभु की ओर मुड़ सकते हैं
और उससे मांग सकते हैं कि वो हममें वो कार्य करे जिन्हें हम नहीं कर सकते।
हमें सामर्थ दे कि जो प्रेम करने के योग्य नहीं हैं उनसे प्रेम कर सकें,
या जब हमें उकसाया जाता है तो हमें धीरज दे।
या
अपने अंदर उठने वाली उस शांत आवाज को अनसुनी कर दें ।
जो परमेश्वर की ओर हमें ले जाती है
या हम किसी पर गुस्सा होने को चुन सकते हैं
या कोई घृणित या नीच कार्य करें।
क्या ये बड़े होने पर आसान होता जाता हैं?
अच्छा,
मैं विश्वास करती हूं कि हम आदतें बना लेते हैं... अच्छाई के लिए या बुराई के लिए।
परन्तु जितना हम धन्यवाद और परमेश्वर के प्रति समर्पित होने की भावना के साथ जीते हैं,
हमें उसकी आवाज़ सुनना, और उसे उत्तर देना आसान हो जाता है।
परन्तु रास्तों को चुनने की परीक्षा हमेशा सामने रहती है।
मैं ये रास्ता चुनूंगी।
ठीक है, ये रास्ता मुझे अमीरा की तरफ़ नहीं ले जाएगा।
जानती हूं।
मेरे साथ चलने के लिए धन्यवाद।
पवित्र आत्मा हवा के समान कैसे है?
अमीरा और कुएं की कहानी हमें परमेश्वर के साथ नए जीवन के बारे में क्या बताती है?
तुम कब अंतिम बार अपने पुराने स्वभाव से हार जाने के लिए परखी गई थी? परिणाम क्या था?
हम कितने प्रभावशाली तरीके से अपनी पुरानी आदतों को बदल सकते हैं?
आपने पवित्र आत्मा के बारे में क्या सीखा?