रिवका।
समाचार बांट रही है।
पिताजी, आज आप कैसे हैं?
जैसा मैं कल था और उसके एक दिन पहले।
अंधा और बेकार।
आप बेकार नहीं हैं पिताजी।
नहीं मैं भूल गया।
मैं जानवरों के साथ अद्भुत हूं।
कोई मुझसे बेहतर नहीं है।
भेड़ो की देखभाल करने में
पत्थरों की कटाई करने वाले के समान,
मैं साहुल-रेखा किसी से भी अच्छा देख सकता हूं!
हमारे इस बेकार आदमी के लिए और भी कुछ है
शारीरिक कार्य, पिताजी।
परमेश्वर के प्रेम का आधार यें नहीं कि आप क्या करते हैं।
मुझे तुम्हारी सहानुभूति नहीं चाहिए लड़के।
जाओ अपना काम करो!
मैं आप पर तरस नहीं खा रहा था।
पिताजी,
मैं अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से बात करना चाहूंगा जब वे छोटी लैला के जन्म की खुशी मनाने के लिए जमा होंगे।
ओह और तुम बात करना चाहोगे।
मैं तो जैसे मरा हुआ हूं?
नहीं।
आपकी जगह नहीं ले रहा, पिताजी।
परन्तु बड़ा बेटा होने के नाते, मैं अपने कैद से छूटने की बात बताना चाहता हूं।
ओह, नहीं
तुम वो बेकार कहानी पूरे परिवार को सुनाना चाहते हो?
मैं सोचा यह अच्छा होगा कि वे इसे मुझसे ही सुनें।
तुम मुझसे पूछ रहे हो या बता रहे हो?
मैं तो आपसे आशीष मांग रहा हूं
जो मैं समझता हूं... कि परमेश्वर मुझसे करने के लिए कह रहा है।
मैं तुम्हें कब से रोकने लगा?
धन्यवाद पिताजी।
आप सबको आने के लिए धन्यवाद।
मेरे बड़े बेटे, दाऊद ने,
कुछ कहने के लिए पूछा है।
मैं उससे सहमत नहीं हूं, परन्तु
वह मेरा बेटा है।
मेरे पिताजी भले आदमी हैं
वो मेरे साथ बहुत धीरजवंत रहे।
उन्होंने मुझे इजाज़त दी है कि आपको
अपनी कैद से छूटने की कहानी सुनाऊं।
मैं जानता हूं कि आप सब याकूब और मरियम के विवाह में हमारे साथ थे।
मुझे दुख है कि मेरी परेशानी से आपकी शाम ख़राब हुई।
तो मैं सोचा अच्छा है कि मैं आपको बाकी कहानी सुनादूं।
और मैं आज की शाम आपके साथ यहां क्यों हूं।
मेरी भांजी, छोटी लैला के जन्म की ख़ुशी मनाने के लिए।
मुझे यकीन है कि आपने मेरी मां, लैला से, सुना होगा,
यीशु पर उनके विश्वास के बारे में।
वो हमेशा मसीह के बारे में बात करती थीं।
ज़ाहिर है उन्होंने मुझे भी बताया हैं।
मैनें उनका विश्वास नहीं किया।
मैं ने सोचा कि वो हमारे पूर्वजों के विश्वास से भटक गई हैं।
जब मुझे बंदी बनाया गया, मैं जानता था कि रोमी मुझे सज़ा देंगे। और मैं डर गया,
दर्द से डरा,
मरने से डरा।
परन्तु मैं जानता था कि मेरी मां मेरे लिए प्रार्थना कर रही है और आप भी।
इसलिए मैं आप सबको धन्यवाद देता हूं।
एक रात
मुझे एक रौशनी ने जगा दिया,
जो अंधेरी कोठरी में एक गर्माहट के साथ चमक रही थी।
मैंने अपनी आंखें खोली और एक आदमी को अपने सामने देखा।
वो शुद्ध
और पवित्र था
और उसकी आंखें आग जैसी थीं।
और फिर वह मुझसे बोला।
मैंने अपने जीवन में जो कुछ किया था उसने बता दिया।
मुझे लगा मेरा दिल टूट गया और मैं रोने लगा।
मेरे आसपास के कैदी सो रहे थे, और इधर मैं, ओंधे मुंह पड़ा था,
प्रभु यीशु के कदमों पर रो रहा था।
और मैं... मैं...मैं पहले कुछ समझ ही नहीं पाया।
परन्तु पिछले ही महीने मैं ने सीखा था।
उनसे जो मुझसे ज़्यादा बुद्धिमान थे।
शास्त्र कहते हैं
कि जब परमेश्वर ने दुनिया बनाई,
उसने आदमी और औरत को बनाया
उसकी उपस्थिति और आनन्द में रहने के लिए।
यह उसकी योजना थी।
परन्तु उन्होंने उसकी आज्ञा पर न तो विश्वास किया न माना।
और उस लज्जित कार्य ने उन्हें परमेश्वर से अलग कर दिया
और आदमी औरत के संबंधों को बिगाड़ दिया।
और हम भी उसकी आज्ञा नहीं मानते हैं।
शास्त्र कहते हैं कि इस पाप का अंजाम मृत्यु और परमेश्वर से अलग होना है।
परन्तु परमेश्वर नहीं चाहता कि आप उससे और उसके प्रेम से अलग हो जाएं,
लज्जा और डर में रहें।
तो जैसे उसने
अब्राहम के बेटे के बदले मरने के लिए मेढ़ा दिया था,
वैसे ही परमेश्वर ने यीशु को हमारे बदले मरने को भेजा।
आप जानते हैं यह क्रूरता है!
हमारे रिवाज, शास्त्र, और भविष्यवक्ताओं के बारे में क्या?
भाई,
यीशु के आने से सैकड़ों साल पहले,
भविष्यवक्ताओं ने शास्त्रों में कहा कि प्रतिज्ञा किया हुआ मसीह दुख उठाएगा।
यशायाह ने लिखा,
वो हमारे पापों के कारण छेदा गया, हमारे अपराधों के कारण कुचला गया;
हमारी शांति के लिए उसने दण्ड सहा, और उसके घावों के द्वारा हम स्वस्थ हुए।
भविष्यवक्ता मूसा ने कहा,
जो ऊंचे पर चढ़ाया जाता है वो श्रापित है।
जब यीशु क्रूस पर मरा,
उसने अपने ऊपर हमारे पाप और मृत्यु का श्राप ले लिया।
उसके बलिदान और पुनरुत्थान ने
हमें बुराई की शक्ति से मुक्त किया,
और अंधकार से बचाया और डर और शर्मिन्दगी के जीवन से छुटकारा दिया।
इस आशीष की प्रतिज्ञा परमेश्वर द्वारा हमारे पूर्वज अब्राहम से की गई थी।
जब उसने कहा कि उसके द्वारा
सारे संसार के लोग आशीष पाएंगे।
सब लोग सुनें,
यही वो यीशु है जो मुझे बंदीगृह में दिखाई दिया था।
मैं विश्वास करता हूं, नहीं,
मैं जानता हूं वही प्रतिज्ञा किया हुआ मसीह है।
वह मेरे बदले मरा और उसने मुझे नया जीवन दिया।
उससे मिलने के बाद,
मैनें यह पाया कि अब मुझे मरने का डर नहीं रहा। परन्तु, जैसा कि आप देख सकते हैं, उसने मुझे कैद से छुड़ा लिया।
मैं जानता हूं मेरे लिए उसके पास बहुत कुछ होगा। नियमों के अनुसार,
मुझे बाकी कैदियों के साथ मर जाना चाहिए था जिन्हें क्रूस पर चढ़ा दिया गया था।
तुम कैद में एक ज़ीलत जैसे थे; एक लड़ाकू।
तुम कह रहे हो कि तुमने रोमियों के बारे में अपना मन बदल लिया है।
मैं ने देखा है कि हमारी सबसे बड़ी आवश्यकता राजनीति नहीं है।
हमारी वास्तविक आवश्यकता है परमेश्वर से मेल-मिलाप और क्षमा।
मैं लोगों की राजनीति बदलने की कोशिश कर रहा था।
परमेश्वर लोगों का दिल बदलना चाहता है।
हम क्यों विश्वास करें कि ये यीशु परमेश्वर का चुना हुआ है?
क्योंकि परमेश्वर ने उसे मृतकों में से जीवित कर दिया।
रिवका, जो हमारे साथ आज शाम यहां है,
यीशु के पुनरुत्थान के गवाहों में से एक की अच्छी मित्र है।
चाची रिवका,
क्या आप बताएंगी कि मरियम मगदलीनि ने आप को क्या बताया था?
मरियम मगदलीनि ने इस बारे में कई बार बताया।
उसने यीशु को मरते हुए देखा,
और उसने उसका शरीर कब्र में भी पड़ा देखा।
और तब,
सप्ताह के पहले दिन, भोर को
यीशु को क्रूस पर चढ़ाए तीसरा दिन था,
मरियम और अन्य महिलाएं
उसके शरीर पर लगाने के लिए मसाले लेकर उसकी कब्र पर आईं।
परन्तु जब वे पहुंचीं,
उन्होंने देखा कि जो पत्थर कब्र पर रखा था वो एक ओर लुढ़का पड़ा है।
उन्होंने सोचा कि यीशु का शरीर चुरा लिया गया है।
परन्तु तब उन्होंने दो स्वर्गदूतों को ख़ाली कब्र पर बैठे देखा।
और स्वर्गदूतों ने उनसे कहा
कि यीशु मरे हुओं में से जी उठा है।
तब वे महिलाएं भाग कर यह बताने दूसरे चेलों के पास गईं,
और तब पतरस और यूहन्ना भाग कर इन महिलाओं के साथ कब्र पर पहुंचे,
और सब लोगों के वहां से जाने के बाद,
मरियम
अकेली बाहर खड़ी रह गई।
वो समझ नहीं पाई कि क्या हो रहा है
और वो रोने लगी। ये सब बहुत गड़बड़ा देने वाला था।
और तब अचानक उसे लगा कि वो अकेली नहीं है।
एक आदमी ने उससे बातें कीं,
उसने कहा,
हे स्त्री,
तू क्यों रो रही है?’
वो कौन हैं जिसे तू ढूंढ रही है?
उसने सोचा कि बगीचे का माली है,
इसलिए उसने कहा,
श्रीमान,
यदि आपने उसकी लाश ली है
कृप्या मुझे बताएं आपने कहां रखी है, मैं जाकर उसे ले लूंगी।
तब यीशु ने उसे नाम से पुकारा,
मरियम!
और
जैसे ही उसने ऊपर देखा, उसने जाना कि वो यीशु से ही बातें कर रही थी!
वो उसके सामने खड़ा था । वो दौड़ कर उसके चरणों में गिर पड़ी।
मरियम मगदलीनी ने खुद यह गवाही मुझे दी।
और यीशु कई बार
अपने चेलों को अगले चालीस दिनों तक दिखाई देता रहा।
और उसने उन्हें कई बातें सिखाईं।
तब,
ज़ैतून के पहाड़ पर,
वो उनकी आंखों के सामने स्वर्ग पर उठा लिया गया।
हमारे लिए इसका क्या मतलब है?
मेरे लिए?
यीशु पर विश्वास रखो
और उसके नाम में बपतिस्मा लो।
उस पर भरोसा रखो।
तुम अपने पाप और शर्मिन्दगी से बचाए जाओगे
यीशु के साथ नया जीवन जीने के लिए।
मैंने भी मसीह को जाना है!
उसने मेरा जीवन बदल दिया
और मेरे बुढ़ापे में मुझे आनन्द दिया है।
और उसने मेरा भी जीवन बदल दिया।
और मेरा भी।
और मेरा भी।
परमेश्वर ने हर एक के लिए नया जीवन बना दिया है जो उसके नाम को पुकारेगा।
यही वो सु-समाचार है जो यीशु आज रात हमें देता है।
वह जीवित है
और यहां हमारे बीच में है, अभी।
ये काफ़ी है।
क्या तुम यीशु की शिक्षा और उसके जीवन के बारे में और अधिक जानना चाहोगी।
मैं तुम्हारे यीशु के बारे में सोच रही थी।
ओह?
और दाऊद की कहानी।
मैं ये
सब नहीं समझती, परन्तु मैं विश्वास करना चाहती हूं कि जो तुमने मुझसे कहा है वो सच है। मैं विश्वास करना चाहती हूं, परन्तु...।
तो कौन रोक रहा है तुम्हें?
मेरे मां और पिताजी क्या कहेंगे
अगर मैं तुम्हारे
जैसी बन जाऊं?
मैं बस सोचती हूं कि मेरा विश्वास काफ़ी नहीं है।
मैंने यीशु को ऐसे नहीं देखा जैसे दाऊद ने देखा है।
मैंने भी तो वैसे नहीं देखा।
वो विभिन्न् तरीकों से अपने आप को ।
हमें दिखाता हैं।
परन्तु तुम हमेशा उससे मांग सकती हो।
उससे क्या मांगें?
विश्वास और ।
साहस मागों ।
परमेश्वर से मांगो कि तुम्हें बताए सच क्या है।
हम एक साथ प्रार्थना करें?
बिल्कुल ।
बस
हम उससे अपने शब्दों में बात करें,
अपने दिल से।
ज़ोर से?
प्रभु,
मैंने इन कुछ सप्ताहों मे बहुत कुछ सुना है, और सब अच्छा लगता है।
मैं तुझे जानना चाहती हूं... जैसे मेरे मित्र तुझे जानते हैं
तुझ पर विश्वास और भरोसा करना चाहती हूं।
मुझे वो दे जो मेरे पास नहीं है।
मुझे
विश्वास
और साहस दे ।
सच जानने मे मेरी मदद कर।
धन्यवाद, प्रभु।
मैं सोचती हूं
उसने मुझे सुना है।
मैं जानती हूं कि सुना है।
अगर मैं यीशु की अनुयायी बाद में बनना चाहूं,
तो मुझे क्या करना होगा?
परमेश्वर से कहो
कि तुम विश्वास करती हो... कि यीशु ही प्रभु और मसीह है
और वो तुम्हारे पापों के लिए क्रूस पर मरा।
स्वीकार करो
यीशु का बलिदान, और उससे
और अपने पापों की क्षमा और अपनी सारी शर्मिन्दगी से आज़ादी पाओ।
अपना जीवन उसे दे दो।
और तब तुम जानोगी कि तुम्हारे पास अनन्त जीवन है।
अगर मैं ऐसा करूं,
तो मेरे मां-पिता?
परमेश्वर चाहता है कि तुम
उनके लिए सबसे अच्छी बेटी बनो।
परन्तु
तुम्हें, सबसे पहले,
उसकी बेटी बनकर उसके पीछे चलना है।
ओह कितनी सुंदर बच्ची है।
मां और मैं यहां आया करते थे और डूबते सूरज को देखते थे।
तुम उनकी याद आती हैं?
हर रोज़।
कभी-कभी मैं सोचती हूं कि परमेश्वर कैसे उसकी सारी प्रार्थनाओं का उत्तर देता था
दाऊद और बच्चे के लिए।
परन्तु उसने उसे हमसे छीन लिया।
परमेश्वर के रास्ते हमारे रास्ते जैसे नहीं है।
हा, नहीं।
परन्तु वो हमारे साथ है।
इन सबमें, मैं जानती हूं कि वो मेरे साथ है।
मैं उससे हर बात, कोई भी बात कर सकती हूं।
ये हमेशा दुख दर्द तो दूर नहीं करता, परन्तु उसे सहने में मेरी मदद करता है।
ये वैसे ही है जैसे कि मैं किसी रेगिस्तानी से जा रही हूं, और किसी तरह,
क्योंकि वो वहां है, वही रेगिस्तान को बनाता है, सबसे सूखी, सबसे कठोर जगहों को भी, आनन्द करो!
इस कहानी में कौन सा चरित्र आपसे ज़्यादा मेल खाता है?
क्या आप दाऊद को पसंद करेंगे जिसने अपनी कहानी दूसरों को बताई? क्यों और क्यों नहीं?
यीशु के पुनरुत्थान की कहानी जो रिवका ने मरियम मगदलीनि से सुनी थी उसे दुबारा कहें।
मरियम और दलाया की बर्तन धोते समय की बातचीत पर आपका क्या कहना है?
मरियम और रिवका की अंतिम बातचीत परमेश्वर के साथ आपके चलने के बारे में क्या कहती है?