परिवार·22 / 42

जातकु लिबा का थंबनेल
अध्यायजातकु लिबा
ला बस्केदा - एक खोज का थंबनेल
अध्यायला बस्केदा - एक खोज

कठिन समय

मरियम से इस बात से परेशान है क्योंकि लोग कह रहे हैं उन पर यह आक्रमण इसलिए हुआ कि वे यीशु के अनुयायी है। सभी को उस जवान प्रशासक की तरह ही चुनाव करना चाहिए। उसने यीशु से पूछा- कि अनन्त जीवन का वारिस होने के लिए उसे क्या करना चाहिये? तब यीशु ने उससे कहा- अपना सब कुछ बेचकर मेरे पीछे हो ले। नूरा कहती है कि उसने सुना है कि सारा शहर क्या कह रहा है, परन्तु वो घोषणा करती है कि वह अपने परिवार के साथ ही खड़ी रहेगी। मरियम कहती है कि चाहे कुछ भी हो जाए, वह लगातर प्रभु यीशु के मार्ग पर चलने का ही चुनाव करेगी। तब रिवका और नूरा आँगन में बातें करती है। नूरा कहती है कि वह हमेशा यीशु के विषय ही सोचती रहती है और अपने को यह विश्वास करते हुए पाती है कि यीशु ही मसीह है। तब रिवका उससे पूछती है कि क्या वह यीशु को अपना जीवन देने के लिए और उसके पीछे चलने को तैयार है।

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प्रतिलेख

Hindi (हिंदी)
रिवका। मुश्किलों का समय सारा! क्या हुआ? डाकू आए। उन्होंने भेड़ें चुराली। उन्होंने इसे बुरी तरह मारा हैं। अय्यूब! अय्यूब! ओह! ओह! वे तुम्हारी कुछ भेड़ों को ले गए, पर ज़्यादातर भेड़ें भाग गई हैं। आओ। उसे हमारे घर में लाओ। आराम से। हम उसे यहां रख सकते हैं। मैं उन्हें मार ही चुका था। खड़ी मत रहो, जाओ और कुएं से पानी लाओ। जाओ! सारा! दाऊद कहां था? वो वहां... नहीं था। क्या? तुम भेड़ें चराने में उसकी मदद करते हो, उसके लिये अपना आरामदायक बिस्तर छोड़ कर मैदान में सोते हो और वो तुम्हें अकेला छोड़ गया? सारा। धन्यवाद, याकूब। मैंने ऐसा कुछ नहीं किया जो अय्यूब मेरे लिए नहीं करता। तो मैं बाकी भेड़ों को इक्कट्ठा करता हूं। मैं ने दलाया को कुएं पर देखा। उसने कहा नगर में हर कोई जानता है। चुप रहो! उसकी बांह बुरी तरह ज़ख्मी है! दलाया ने कहा कि वे कह रहे हैं कि ये इसलिए हुआ क्योंकि हम मसीह को मानते हैं। और हमने अपने पूर्वजों का मार्ग छोड़ दिया। हो सकता है मुझ पर मेरे विश्वास के कारण हमला किया गया हो। आह! बस। अय्यूब। ये ये असंभव है। है न? परन्तु सारे नगर का हमारे विरुद्ध हो जाना? यीशु भी अपने लोगों से ठुकराया गया था। वो जानता था कि वे उसे मार डालेंगे, फिर भी परमेश्वर की आज्ञा मानी। आप आराम करिए जी। उसने कहा था हमे आशा रखनी चाहिए जैसा उसके साथ हुआ था वैसा हमारे साथ भी होगा। मैं समझती हूं। तुम आराम करो। ये भी उसके पीछे चलना है। आप शांत रहिए! अय्यूब। इस तरह या उस तरह... आह! हमें, कुछ नहीं पता कब चुनना पड़ जाए, जैसे, जैसे वो धनी युवक। सब्र करो। मैं जानती हूं तुम क्या कहना चाहते हो। कुछ भी हो जाए हमें यीशु को ही चुनना है। घनी युवक ने पूछा कि अनन्त जीवन पाने के लिए हमें क्या करना चाहिए। उसने दावा किया कि वो पमेश्वर की आज्ञाएं मानता है, अपने बचपन से ही। तब यीशु ने कहा, अभी भी कुछ है जो तुम्हें करना है। अपना जो भी है उसे बेच दो, अपने पैसें गरीबों में बांट दों तब तुम्हें स्वर्ग में धन मिलेगा। तब आ कर मेरे पीछे चलो। उस व्यक्ति पर चुनने के लिए दबाव था। और अपने धन की ख़ातिर उसने यीशु का छोड़ दिया । क्या वो हमसे अपना सम्मान...अपनी सुरक्षा छोड़ने के लिए कह सकता है? कह सकता था। वो अपने पीछे चलने के लिए हमें विवश नहीं करता। परेशान न हो मेरे पति। याद रखो, यीशु ने आहं... यीशु ने कहा...एक तरह से हमें चेतावनी दी कि यदि... तुम उसके वचनों को न सुनो। या न मानो तो तुम बालू पर बने घर के समान हो। जब बाढ़ आती है तो वो बह जाता है। परन्तु जो घर चट्टान पर बना है।। परन्तु जो घर चट्टान पर बना है। वह जीवन यीशु में है। चाहें उस पर बारीश पड़े या आंधियां चलें... परन्तु वह घर कभी नहीं गिरेगा। बस, बस, आप आराम किजिए। अय्यूब! क्या हुआ? तुमने इन्हें पिटने के लिए अकेला छोड़ दिया! क्या! ये जिंदा हैं दिलासा नही चाहिए। अगर अब्राहम का बेटा याकूब वहां न होता... इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता तुम वहां होते या नहीं... । वे बहुत ज़्यादा थे। मुझे दुख है, अय्यूब। मुझे तुम्हारे साथ रुकना चाहिए था। तुम कहां थे? मुझे किसी से मिलना था। इतनी सुबह? मैं तुम्हें बताने आई थी । वे तुम्हारे बारे में क्या क्या कह रहे हैं परन्तु मैं परवाह नहीं करती। धन्यवाद। धन्यवाद। तुम मेरे पड़ोसी हो और मित्र हो, मैं तुम्हारा साथ दूंगी। मैं यीशु के पीछे चलने जा रही हूं... शहर के लोग क्या कहते हैं मुझे परवाह नहीं। तुम्हारे घर के बुज़ुर्ग विरोध करें तब भी? मैं हमेशा अपने बुजुर्गों का सम्मान करती हूं। परन्तु अपने जीवन के लिए मुझे परमेश्वर को जवाब देना है। हां, मैं सोचती हूं हम सबको देना हैं, मरियम। अभी-अभी अय्यूब के बारे में सुना। चाची रिवका, अच्छा किया आप आ गईं। आने के लिए धन्यवाद। कैसे हो अय्यूब, कुछ टूटा? मैं ठीक हूं। लगता है इनकी बांह टूट गई है। अच्छा, यदि हम...। यदि हम जल्दी करें, तो सूजन शुरू होने से पहले इसे सही बिठा देंगे। मरियम, हमें कुछ साफ़ चिथड़े चाहिए; क्या तुम मेहरबानी से ला सकती हो? मेरा यूशा हड्डी बिठा सकता था। क्या मैं मदद करूं। मैं सोचती हूं हमें किसी मज़बूत आदमी की ज़रूरत है। दाऊद? अब, अगर तुम बस... उसके कंधे को इस तरह पकड़ो। काटो इसे। धन्यवाद प्रिय। अय्यूब एक अच्छा जवान लड़का है। हां, हां वो है। मुझे आशा है कि बांह ठीक हो जाएगी। तुमने इसे ठीक बिठाया है, रिवका। मैं... खुश हूं कि बहुत बुरी तरह नहीं टूटी थी। क्या आप घर जाने के पहले आराम करना चाहेंगी? हां प्रिय। ये तो बहुत अच्छा होगा। कभी-कभी हमें गुज़रना होता है कुछ पीड़ाओं से इसलिये हम टूटे हुए नहीं रह जायेंगे। और हम अच्छी तरह ठीक हो जाते हैं। मुझे लगता है तुम्हारे मन में कोई बात है अय्यूब से ज़्यादा। मैं सोच रही थी... नासरत के यीशु के बारे में... और उसकी कहानियों के बारे में जो तुमने मुझे सुनाई थीं। हां? उसके वचन सामर्थी हैं। मैं सारा दिन उन्हीं विचारों में डूबी रही और मैं बहुत उत्साहित हूं। मैं विश्वास करने लगी कि यही वो पवित्र है जिसे परमेश्वर ने भेजा है । ओह, नोरा, ये कितना अद्भुत है! क्या तुम उसके पीछे चलने के लिए, अपना जीवन उसके हाथ सौंपने के लिए तैयार हो? मेरा जीवन इतना कीमती नहीं है। यह लगभग बीत चुका है। परन्तु जो मेरे पास बचा है, अगर वो इसे लेता है, तो मैं ख़ुशी-ख़ुशी उसे दे दूंगी। बिलकुल वो इसे ले लेगा। यीशु ने एक बार एक कहानी सुनाई एक आदमी की जिसके पास अंगूर का बगीचा था। उस आदमी ने बहुत सवेरे जा कर मज़दूरों को दिहाड़ी पर लिया, हर एक मज़दूर के लिये एक सिक्का तय हुआ। जो दिन भर की मज़दूरी थी। और दिन चढ़ने पर उसने कुछ और मज़दूर लिए। और फिर सूरज डूबने के थोड़ा पहले उसने अपने अंगूर के बगीचे के लिए और मज़दूर लिए। तब... जब मज़दूरी देने का समय आया... तो उसने हर एक को पूरे दिन की मज़दूरी देदी! जिन मज़दूरों ने पूरे दिन काम किया था वे नाराज़ हो गए। 'ये लोग जो आखिर में लिये गये हैं इन्होंने सिर्फ़ एक घण्टा काम किया', उन्होंने कहा, जबकि हमने तपते सूरज के नीचे सारा दिन मेहनत की। फिर भी तुमने उनको उतना ही दिया जितना हमें! ठीक है, स्वामी ने कहा, मैंने तुम्हें धोखा नहीं दिया। आखिरकार, तुम एक चांदी के सिक्के की दिहाड़ी पर पूरा दिन काम के लिए तैयार हुए थे। क्या मैं अपने पैसे को अपनी इच्छा से खर्च करने को आज़ाद नहीं हूं, या तुम्हें जलन है क्योंकि मैं उदार हूं? यीशु ने कहानी को ऐसे समाप्त किया, जो अंतिम हैं वे प्रथम होंगे, और जो प्रथम हैं वो अंतिम होंगे। तुम्हारे पास कुछ ही घंटे हैं परमेश्वर के बगीचें में काम करने के लिए परन्तु ये तुम्हारे सबसे अच्छे दिन हो सकते हैं। और यीशु ने हमसे ये वादा किया कि वो अपने चेलों को या हमें कभी अकेला नहीं छोड़ेगा। वो हमारे साथ यहां है। और जब हम इन शरीरों को पीछे छोड़ जायेंगे... वो अपनी उपस्थिति में हमें ले लेगा। वो बहुत ही आनन्द और महिमा से भरी जगह होगी! ओह, मैं जानती हूं इससे मेरे परिवार में मुझे परेशानी हो जाएगी। परन्तु स्वस्थ होने के लिए दर्द सहना ठीक है? हां है। मेरे लिए प्रार्थना करोगी रिवका? हां। तुम उन लोगों को क्या जवाब देती हो जो तुमसे असहमत होते हैं या तुम्हें नापसंद करते हैं? हम दूसरों से असहमत होते हुए भी उनको सम्मान कैसे दे सकते हैं? मरियम ने धनी युवक की कहानी से क्या सीखा? चट्टान पर बने घर और बालू पर बने घर की कहानी का तुम्हारे लिए क्या अर्थ है? यदि तुम अंगूर के बाग वाली कहानी में होते तो कौन सा मज़दूर होते और क्यों?
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