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2. यीशु का लहू
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2 / 10क्लिप 2 / 10नये विश्वासी पाठ्यक्रम · 10 अध्याय
2. यीशु का लहू
क्षमा और जीवन केवल तभी संभव है जब शुद्ध रक्त बहाया जाए। यही कारण है कि यीशु, एकमात्र सच्चा शुद्ध मनुष्य, स्वेच्छा से हमारे लिए मरना चाहता था।
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प्रतिलेख
Hindi (हिंदी)
यीशु के लहू में ऐसा क्या ख़ास है कि केवल उसी से हमें अनंत जीवन मिल सकता है?
परमेश्वर ने हमें बताया कि हमारा जीवन हमारे लहू में होता है
उन्होंने हमें चेतावनी दी कि यदि हम आज्ञा उल्लंघन करेंगे तो मर जाएंगे।
लेकिन हमने अपनी मनमानी की।
हमने पूरी ताकत से अपने आप को बदलने का प्रयास किया,
लेकिन सफल नहीं हुए।
इसलिये बुराई फैल गई, और उसने हम पर कब्ज़ा कर लिया।
उपद्रव ने और अधिक उपद्रव को बढ़ाया
बुराई से बुराई में बढ़ौत्तरी होती रही।
जब परमेश्वर ने हमें देखा, तब अन्याय और उपद्रव को देखकर उन्हें गुस्सा आया,
और उनका हृदय टूट गया।
इसलिये, उन्होंने प्रतिज्ञा की कि एक दिन एक विशेष व्यक्ति आकर सब चीज़ों को ठीक करेगा।
कई लोगों ने एक सामर्थी राजा के आने कि अपेक्षा की।
कई लोगों ने सोचा वह आकर सारे पापियों का नाश कर देगा।
लेकिन, प्रेम के चलते, परमेश्वर ने एक असहाय बालक का रूप धारण किया और संसार में आ गए।
उन्होंने हमारे साथ पल-बढ़कर, जीवन व्यतीत किया,
हमारे बदले मरने के लिए, हमारे ही द्वारा मार डाले जाने के लिए
क्योंकि एक शुद्ध और निर्दोश मनुष्य के लहू में ही अनन्त जीवन पाया जाता है जो हमारी बुराई को धो सकता है।
जब हम अपना जीवन देकर उस पर भरोसा करते हैं जैसे उन्होंने हमारे साथ किया,
तो उनके लहू मे मौजूद जीवन हमारे जीवन की जगह लेकर
हमारी बुराईयों से हमें आज़ाद कर देता है।
तब हम उनके साथ हमेशा के लिए जीवन का आनंद उठा सकते हैं।