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प्रतिलेख
Hindi (हिंदी)
क्या कभी आपने विचार किया है कि यीशु का हमारे लिए मरने के बाद फिर जी उठना क्यों महत्वपूर्ण है?
एक क्षण के लिए सोच कर देखें कि एक मृतक व्यक्ति हमें क्या दे सकता था।
क्या वह हमें जीवन दे सकता था?
नहीं, वह तो मर चुका है।
दोस्ती कैसी रहेगी?
हम्म, शायद नहीं।
हमारे जीवन को बदलने की शक्ति देने के बारे में क्या सोचते हैं?
देखो, आपने समस्य देख ली।
शुभ समाचार यह है कि यीशु फिर से जी उठे
और आज भी जीवित हैं, वह सबकुछ बदल सकते हैं।
लेकिन वह फिर से कैसे जी उठे?
यीशु पूरी तरह निष्कलंक थे।
जिसका अर्थ है कि जो बुराई हमें मारती है
वह उन्हें कब्र में जकड़ कर न रख सकी
वह ही एकमात्र ऐसा भले व्यक्ति हैं जिन्होंने वास्तव में मृत्यु को हरा दिया!
जिससे न केवल हमारा टूटा जीवन ठीक हो, वरन हमारी बुराई दूर करके हमें उनके साथ रहने वाला जीवन दिया जा सके।
अर्थात एक शांति और आनंद से भरा जीवन, जो उनकी सेवा व प्रेम में उंडेला जाता है।
क्योंकि वह अंतहीन जीवन देते हैं।