रिवका।
जन्म।
इसमें इतना समय क्यों लग रहा है?
ये बातें समय लेती हैं बेटा।
आओ। बैठो।
वह ठीक हो जाएगी।
जब तक उसमें बात करने की ताकत है,
तो सोच लो सब ठीक चल रहा है।
बात करने की ताकत वो रो रही हैं!
वो बहुत मज़बूत महिला है।
वो ठीक हो जाएगी।
हां
क्या वो...
वो ठीक है, अय्यूब। चिंता मत करो। हमें बहुत जल्दी एक बच्चा मिलने वाला है।
मुबारक हो, अय्यूब।
तुम्हारे एक सुंदर बेटी हुई है।
बेटी! एक छोटी बेटी, अंदर आऊं?
ओह, अभी नहीं। जब वे मिलने के लिए तैयार हो जाएंगी तब तुम्हें बता दूंगी।
आह! हा, हा, हा।
मुबारक हो, अय्यूब! हा, हा, हा, हा, हा।
नोआ!
अब सब हो गया। आ जाओ।
तुम अब मामा हो नोआ!
ये क्या है?
बेटी है!
ओह।
आपको मुबारक हो,
नाना जी।
हा, हा, हा, हा, हा, हमारी नई बच्ची अभी अभी पैदा हुई है।
ओह! मुबारक हो!
बेटी है! हा, हा, हा , हा, हा ।
तुमने उसे देखा ?
सारा कैसी है?
मुझे पता नहीं। मुझे मिलने नहीं दिया। तुम सोचते हो वो ठीक है?
मुझे यकीन है वो ठीक हो जायेगी अय्यूब।
पिताजी।
मुबारक हो!
आह, याकूब!
मूसा, याकूब, नोआ, अय्यूब। आओ देखो एक सुंदर छोटी लड़की!
आह, हा, हा, हा, हा, मुझे ले चलो, बच्चे।
अच्छा, तुम उसे उठाना चाहते हो?
हां!
पिताजी।
हां।
सुंदर लड़की हैं ना ।
अद्वभुत।
ये बिलकुल ठीक है।
पिताजी,
क्या इसे आशिष देंगे।
हां।
ये कठोर संसार है,
और ये कठिन समय है।
हमारे पूर्वजों के परमेश्वर
इस छोटी बच्ची को देखिये,
और जीवन में जो भी आये
उसमें इसकी मदद करों ।
प्रभु इसे स्वास्थ्य, प्रसन्नता,
और लम्बी आयु की आशीष दे।
और यह बहुत प्यारी हो
अपनी नानी जैसी।
जो इसे मुबारक कहने नहीं आ सकी।
तुम इसे क्या नाम दोगे?
लैला,
उसकी नानी के नाम पर।
लैला।
ये तो बहुत ही सुंदर है।
हां मेरी बच्ची।
दाऊद?
तुम यहां कैसे आए?
दाऊद!
तुम बाहर कैसे आए?
क्या तुम बच निकले?
बच निकला?
नहीं।
उससे भी ज़्यादा आश्चर्यजनक।
उन्होंने मुझे आज़ाद कर दिया।
तुम्हें चोट लगी है। तुम ठीक तो हो?
हां।
तुम्हें भूख लगी होगी।
दाऊद!
पिताजी!
दाऊद!
आह! आह !
ये कैसे हो सकता है?
उन्होंने मुझे आज़ाद कर दिया, पिताजी। मुझे आपसे बहुत कुछ कहना है।
ओह, तुम्हें अंदर आना चाहिए, और अपनी भांजी से मिलो।
और हमें बताओ क्या हुआ?
बच्ची यहां है?
हां।
ये अच्छी है।
मुझे दुख है मैं यहां नहीं था...
हम जानते हैं बेटा।
परन्तु अब तुम यहां हो ।
कितनी देर के लिए?
क्या वे तुम्हें फिर से ले जाएंगे? क्या तुम्हें भागना पड़ेगा?
नहीं, छोटी बहन।
अब भागना नहीं।
मैं बैठने में आपकी मदद करता हूं। पिताजी।
तुम्हारी बेटी सुंदर है।
तुमने घर आ कर इसे अच्छा
उपहार दिया है, दाऊद।
हमें बताओ हुआ क्या था।
चाची रिवका।
तुम इनमें से कुछ कहानी तो जानती होगी।
वापस आने पर स्वागत है दाऊद।
चाची रिवका के पति थे जिन्होंने बीच बचाव किया। और मेरी ज़मानत भी दी।
इस समय ऐसी बातें न करो, दाऊद।
मैं तो आपको धन्यवाद भी नहीं दे सकता।
आपका या आपके पति का पैसा चुकाऊंगा।
तुम पर हमारा कोई कर्ज़ नहीं हैं, दाऊद।
परन्तु मैं दबा हूं।
और सिर्फ़ यही नहीं।
बताओ।
जब रोमी मुझे ले गए तो रोज़ मुझसे पूछते,
कभी-कभी दिन में कई बार,
और रात में भी।
वे जानना चाहते थे कि मैं किनके साथ जुड़ा हूं।
मैं ने उन्हें नहीं बताया।
मैं जानता था मेरे बताते वो मुझे मार डालतें।
जितनी देर मैं पूछताछ को सहूंगा,
मैं जि़न्दा रहूंगा।
परन्तु आखिर में,
मैं ने जो वो चाहते थे दे दिया।
ओह, दाऊद।
वो जो करते हैं उसमें अच्छे हैं।
इसलिए पिटाई रुक गई।
बाद में मैंने जाना कि यह समय की बात थी।
बाद में उनके लिए मेरी कोई कीमत नहीं रह गई।
दो रात बाद उनकी पूछताछ बंद हुई,
मैं अपनी कोठरी में सोया था।
आधी रात बीतने पर
किसी ने मुझे जगाया।
मैंने अपने आसपास देखा, सब सोये हुए थे।
और पहरेदार हमें छोड़ कर जा चुके थे।
और जब मैं ने उसे देखा।
तुमने किसे देखा, दाऊद?
उसे।
मैंने तुम्हारे यीशु को देखा, सारा।
वह मेरे सामने ऐसे प्रकट हुआ...
बिल्कुल वैसे जैसे तुम मेरे सामने बैठे हो।
तो तुमने क्या किया?
मैं अपने घुटनों पर गिर गया।
वह बहुत अद्भुत था!
वह ऐसा वस्त्र पहने था जो उसके पैरों को छू रहा था।
उसके सीने पर सोने का पट्टा था।
उसका सिर और बाल सफ़ेद ऊन जैसे थे,
बर्फ़ जैसे सफ़ेद ,
और उसकी आंखें जैसे जलती हुई आग।
उसके पैर मानों भट्ठी में तपाए पीतल जैसे,
उसकी आवाज़ जैसे लहरों का शोर हो।
दलाया को यह सुनना चाहिए!
ओह, ठीक है।
धन्यवाद।
मैं बिलकुल डर गया था!
पहले
उसने मुझे बस देखा।
और उसकी आंखों में
मैंने वह सब देखा जो मैंने किया था।
दलाया, मैं बस तुम्हें ढूंढने जा ही रही थी!
ये क्या है? क्या गड़बड़ है?
गड़बड़? गड़बड़ नहीं। कुछ हुआ है इसीलिए...ठीक है!
सारा को आज बेटी हुई है ।
बहुत अच्छी बात है!
हां, एक प्यारी बच्ची। उसने उसे अपनी मां का नाम दिया है। परन्तु इससे भी ज़्यादा।
क्या?
दाऊद घर आया है!
वो घर पे है?
उन्होंने...
तुम जानती हों...
नहीं। वो जीवित है! और उसने प्रभु को देखा!
क्या मतलब है तुम्हारा, मरियम?
आओ। क्या तुम अभी आ सकती हो?
आह, आह, हां, मैं आ सकती हूं।
जल्दी चलों!
पता नहीं मैंने कितनी देर आराधना की,
परन्तु आखिरकार मैं सो गया।
जब मैं दूसरे दिन जगा,
मैं साथी कैदियों को बताने लगा कि मेरे साथ क्या हुआ,
कि मैंने प्रभु को देखा।
मैं जानता था कि मैं मरने को हूं।
परन्तु अब मैं डरा हुआ नहीं था।
मैंने उनसे बातें कीं
और कुछ लोगों ने तो प्रभु यीशु से क्षमा भी मांगी।
उनमें से एक को अगले दिन ले जाया गया,
उसे क्रूस पर चढ़ाया गया।
परन्तु वह डरा हुआ नहीं था।
ओह, दाऊद।
फिर अगली सुबह,
वो मुझे लेने आए।
मैं समझ गया कि मेरा समय आ गया।
मैं ने दूसरे कैदियों को अलविदा कहा।
मैं तुम्हें अपने पिता के घर में देखूंगा। यीशु पर विश्वास रखो।
परन्तु मुझे कोड़े मारने के बजाय उन्होंने मेरी हथकड़ी खोल दी
और मुझसे कहा कि तुम आज़ाद हों ।
उन्होंने कहा कि मेरा जुर्माना भर दिया गया है, और राज्यपाल ने मुझ पर दया की है।
मैं घर की तरफ़ चला,
मैने आपके पति को देखा, रिवका चाची, अदालत से निकलते हुए।
वह मुड़े और मेरी ओर देखा,
मैं जान गया कि उन्होंने ही मेरा जुर्माना भरा है।
क्या यह नहीं हुआ?
वो ये ही करना चाहते थें।
परन्तु जब तक तुम यहां न आए, मुझे तो पता ही नही चला कि वो ये सब कर गए।
ओह, दाऊद, मैं बहुत ख़ुश हूं कि तुम अपने परिवार में लौट आए।
परन्तु उससे भी कही ज़्यादा,
मैं ख़ुश हूं कि तुम अपने स्वर्गीय पिता से जुड़ गए।
इसका कोई अंत नहीं है!
अब मैं इस महिला के कर्ज़ में डूब गया हूं।
जिसने अपने झूठ से मेरे बेटे पर कब्ज़ा कर लिया है!
मूसा,
तुम मेरे कर्ज़दार नहीं हो, न ही मेरे पति के।
क्या हम सब शांति से नहीं रह सकते, और उसके आश्चर्यकर्मों के लिए जो उसने हमारे बीच किए हैं धन्यवाद दे सकते हैं?
और परिवार के लोग क्या कहेंगे?
हमारे बुज़ुर्ग, हमारे पड़ोसी?
राज्यपाल दाऊद को सताने के लिए नए बहाने ढूंढेगा!
यीशु के चेले
हमेशा मुसीबत में रहते हैं!
लोग क्या कहते हैं मैं परवाह नहीं करता, पिताजी।
मैंने देखा है। प्रभु को।
वो ही है जो मरा और फिर जी उठा। पिताजी, वह जीवित है,
और उसने मुझे क्षमा किया और आज़ाद किया!
ये सुसमाचार है!
सुसमाचार ये है कि तुम यहां जीवित और सुरक्षित हो।
परन्तु, बेटे, अब तुम्हें अपना बचाव करना चाहिए।
तुम अब
किसी सिरफिरे दल में शामिल मत हो जाना!
तुम्हें बस जो अच्छा है वही करना है।
संभल जाओ। और अपने परिवार की देखभाल करो।
क्या ऐसा लगता है कि मेरे दिल को और दुख की जरुरत हैं?
मैं तुम्हें एक जि़म्मेदार लड़का देखना चाहता हूं। मेरी खातिर इसे अपने तक रखो!
पिताजी,
मैं समझता हूं,
मैं वो नहीं कर सकता।
मुझे सुसमाचार फैलाना ही है!
ओह, क्या मुसीबत है!
मेरा बेटा पागल हो गया है।
पिताजी,
अगर आपने देखा होता...
नहीं तुम पागल हो गए हो! पिटाई ने तुम्हें पागल बना दिया है!
मूसा! पवित्र आत्मा जो तुम्हारे घर में कर रहा है उसके विरुद्ध मत बोलो।
परमेश्वर ने तुम्हारे बेटे को जीवित लौटा दिया है!!
ओह, यह सब रहस्य है, मूसा।
नोरा,
तुमने काफ़ी लम्बा समय जिया है।
निश्चय ही तुम देख सकती हो
कि दाऊद के पास जि़म्मेदारियां हैं, यहां।
यीशु के शब्द मेरे कानों में गूंजते हैं, मूसा।
तुम्हारी अपनी पत्नी,
परमेश्वर उसकी आत्मा को शांति दे, उसने मुझे यह सब सिखाया।
मसीह के पीछे चलने की बुलाहट में परिवार भी दूसरे स्थान पर आता है। वह हमसे कहता है कि उसके पीछे चलें।
यीशु मुझे बुला रहा है कि मैं अपना क्रूस उठा कर उसके पीछे चलूं।
अपना क्रूस उठा के?
यीशु ने अपना क्रूस उठाया था,
और क्रूस पर वो मर गया ताकि हमें मृत्यु से छुटकारा मिले।
और अब हमें, उसके शिष्यों को दुख उठाने और अपने आसपास
के लोगों तक सुसमाचार फैलाने के लिए कोई भी कीमत चुकाने को तैयार रहना है।
उसके शिष्यों पतरस और अन्यों को देखों। उन सबने दुख उठाया।
और कुछ तो अपने विश्वास के कारण मारे गए।
मूसा,
प्रभु के पीछे चलने का एक ही रास्ता है। और वो है तुम्हारे पूरे दिल से और जीवन से।
मैं उससे शर्मिन्दा नहीं होता पिताजी।
उसने जो किया है उसे मैं कैसे भूल सकता हूं?
मैं सारी दुनिया को बताना चाहता हूं।
पिताजी, दाऊद,
इस बात को फिर कभी खत्म करेंगे।
सारा थकी हुई है।
हमें उसे आराम करने देना चाहिए।
अब आइयें खुशियां मनाते है।
मैं आपकी मदद करूंगा पिताजी।
अपना हाथ दीजिए ।
हां पिता जी।
भाई।
हा, हा, हा, हा।
ओह, माफ़ करना। मैं तुम्हारे सुसमाचार को सुन कर बहुत ख़ुश हूं।
हर कोई नहीं होगा।
परन्तु
मुझे परवाह नहीं।
तुम बहादुर आदमी हो, दाऊद।
नहीं,
ये सच नहीं।
मैं बहादुर आदमी नहीं हूं।
परन्तु
मुझे क्षमा किया गया है।
याकूब मैंने ऐसा आनन्द कभी अनुभव नहीं किया।
आप आराम किजिए। मैं आपको कुछ खाने को देती हूं।
सब कुछ अच्छा हो जाएगा। आप देखना।
दलाया, तुम कहां जा रही हो?
मुझे अभी जाना है, मरियम।
परन्तु हम खाना खाने जा रहे हैं और दाऊद हमें कुछ और भी बताएगा।
यह सब
मेरे लिए बहुत ही ज़्यादा है।
मैं सचमुच, नहीं जानती क्या सोचूं। मैं बस, मैं, जाना चाहती हूं।
परन्तु...
अलविदा।
दलाया।
दलाया!
इस कहानी में किन पात्रों से आप मेल खाते हैं?
दाऊद के साथ कैद में क्या हुआ था?
मूसा और दलाया दाऊद की कहानी से क्यों प्रभावित हुए?
दाऊद के जीवन में अब आप क्या परिवर्तन देखने की अपेक्षा करते हैं?
आपके विश्वास की क्या कहानी है,