रिवका।
शांति खोज रही है
दाऊद, तुम यहां क्या कर रहे हो?
चुप रहो!
भेड़ों को कौन देख रहा है?
याकूब।
तुम क्या कर रहे हो?
मैं कुछ देर के लिए गायब होना चाहता हूं: छुपना चाहता हूं।
क्या?
तुम ऐसा कैसे कर सकते हो। तुम्हारी ज़रूरत है यहां
रोमी मुझे ढूंढ रहे हैं।
रोमी तो पिताजी के जाने के पहले से तुम्हें ढूंढ रहे हैं।
तुमने क्या किया है, दाऊद?
तुम्हें हमें इसके लिए धन्यवाद देना चाहिए।
यरूशलेम को उसके दमनकर्ताओं से छुड़ाना होगा।
मां जाग रही है क्या?
मुझे नहीं मालूम। वो अभी भी काफ़ी बीमार है।
तुम ऐसा नहीं कर सकते, दाऊद।
मुझे उन्हें बताना है कि मैं थोड़ी देर के लिए जा रहा हूं।
तुमने पिताजी से वादा किया था।
मुझसे पिताजी के बारे में बात मत करों।
वह रोमियों की मदद करने गए हैं। वे कौन होते हैं मेरा
इंसाफ़ करने वाले?
मुझे जो करना है वह कर रहा हूं।
तुम ठीक हो जाओगी।
सारा और अय्यूब यहां हैं
और याकूब ने पशुओं की देखभाल करने का वादा किया है
परन्तु अय्यूब की बांह...
आह!
तुम रुक क्यों नहीं जाते?
यह सब के लिए सुरक्षित रहेगा।
मैं लौटूंगा
जल्दी ।
तुम आराम करो
और ठीक हो जाओ।
परमेश्वर
तुम्हारे साथ हो।
तुम ऐसा कैसे कर सकते हो, तुम हमें कैसे छोड़ सकते हो?
क्या सोचती हो मेरी ये योजना थी?
खोलो!
खोलो! पीछे हटो!
हम यहां दाऊद बर मूसा को पकड़ने आए हैं। तलाशी लो घर की! ऊपर के कमरे भी देखो!
इसका क्या मतलब है?
अय्यूब!
तुम कौन हो?
मैं दाऊद का जीजा हूं। और मैं एक जि़म्मेदार आदमी हूं।
तुम्हें मिला वो?
नहीं श्रीमान।
हा, हा, ।
मुझे ये मिला, परन्तु ये काफ़ी छोटा है।
छोड़ो उसे। उसके बदले हम इसे ले जाएंगे।
क्या?
चलो।
मैने कुछ गलत नहीं किया! आह!
मैंने कहा चलो!
अय्यूब!
अय्यूब!
उसे छोड़ दो, उसे जाने दो! अय्यूब! अय्यूब! अय्यूब!
नहीं!
नहीं, सारा! सारा!
बच्चे के बारे में सोचो। नहीं। तुम इस तरह उसकी मदद नहीं कर सकती। अपनी मां के पास आओ।
चाची?
वो बेहोश हो गईं हैं।
हमें शांत हो कर प्रार्थना करनी चाहिए।
अब भी परमेश्वर के नियंत्रण में सब कुछ है।
वो सैनिक,
क्या वो दाऊद के पीछे थे?
हां मां, परन्तु वो उसे ढूंढ नहीं पाए।
वो चला गया।
परन्तु अय्यूब!
उसके बदले अय्यूब को ले गए!
हे परमेश्वर हमारी मदद कर!
आओ प्रार्थना करें।
पिता,
हम अपने प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु के नाम से तेरे पास आते हैं।
हम तेरी स्तुति करते हैं।
हम तुझे महिमा देते हैं।
हम धन्यवाद देते हैं कि इस मुश्किल के समय में भी तू कार्य करता है।
अब हम अय्यूब के लिए प्रार्थना करते हैं।
उन सैनिकों से अय्यूब को बचा, प्रभु।
उसे अपनी बुद्धि दे। अपने अनुग्रह में बनाए रख।
उसके दिल में अपनी शांति भर जो हमारी समझ से बाहर है।
अय्यूब को सुरक्षित रख, हम प्रार्थना करते हैं।
हम नहीं समझ पा रहे कि यहां क्या हो रहा है,
परन्तु हम तेरी स्तुति करते हैं
और तुझे धन्यवाद देते हैं
क्योंकि हमारा भरोसा तुझ पर है, केवल तुझ पर।
धन्यवाद पिता।
मुझे तुझमें
भरोसा है, प्रभु।
चाची, जब सारी बातें गड़बड़ हो रही हों तो तुम इतनी शांत कैसे रह लेती हो?
हमारी शांति केवल परमेश्वर ही से आती है।
मुझे याद है मरियम मगदलीनी ने कहा था कि जब वो डरी हुई और दुखी रहती थी।
वो हमेशा यीशु को याद करके उसके समान जीने की कोशिश करती थी।
उसने कहा, कि जब वो दबाव में या व्यस्त रहता,
या
दुश्मनों से परेशान होता,
यीशु सुबह जल्दी उठता और किसी शांत जगह अकेले प्रार्थना के लिए जाता।
कभी-कभी वो सारी रात ही प्रार्थना करता। बारह चेलों को चुनने से पहले उसने सारी रात प्रार्थना की।
और असल में वो प्रार्थना ही कर रहा था …। जब सैनिकों ने आ कर उसे पकड़ा ।
वो सचमुच प्रार्थना करने वाला व्यक्ति था।
एक बार,
जब यीशु पतरस, याकूब और यूहन्ना के साथ पहाड़ पर था,
तो एक आदमी अपने बेटे को उसके अन्य चेलों के पास चंगाई के लिए ले गया ।
लड़के को मिर्गी आती थी और वो कभी कभी आग में भी गिर जाता था।
हां हालांकि उस आदमी ने चेलों से विनती की कि वे दुष्टात्मा निकाल दें, परन्तु वे नहीं निकाल पाए।
यीशु ने इस कम विश्वास के लिए चेलों को डांटा
और उसने कहा,
ये जाति केवल प्रार्थना और उपवास के द्वारा ही बाहर निकलती है।
परन्तु उसने उसी समय प्रार्थना और उपवास नहीं किया, क्योंकि वो पहले ही प्रार्थना और उपवास कर चुका था।
यीशु ने दुष्टात्मा को डांटा... और लड़का ठीक हो गया।
यीशु ने दिखाया कि प्रार्थना जीवन का एक तरीका है,
हमें रोज़ प्रार्थना करनी चाहिए,
परमेश्वर के साथ समय बितायें,
उसकी आराधना करें,
उसकी इच्छा को जानें,
उसके वचनो पर मनन करें,
और इस तरह,
जब जीवन कठिन हो जाये,
जैसा कि हम सबके साथ होता है,
किसी न किसी तरह,
हम पाते हैं कि हमारे पास पहले से ही सहारा और शांति है कि हर हाल का सामना कर सकें।
क्या तुम सुबह
जल्दी उठती हो प्रार्थना के लिए?
कोशिश करती हूं।
हां, कुछ दिन हो सकते हैं जब मुझे कुछ रोकता है।
परन्तु ये मेरी आदत है
और ये दिन का वो हिस्सा है जो मुझे पसंद है।
मेरे प्रभु के साथ प्रार्थना में समय बिताना मेरी मजबूरी नहीं है,
ये एक सौभाग्य है।
कभी सोचती हूं कि परमेश्वर को मेरी प्रार्थनाएं मूर्खता की लगती होंगी।
मूर्खता की?
ओह नहीं। मरियम।
जब भी तुम अपनी हर एक छोटी-छोटी बातों के लिए, या बड़ी बातों के लिए उसके पास आते हो तो परमेश्वर इसे पसंद करता है।
याद करो जब परमेश्वर ने आदम और हव्वा को बना के बगीचे में रखा था।
परमेश्वर उनके साथ चलता था।
उसने उन्हें पुकारा, तुम कहां हो?
ऐसा है परमेश्वर का दिल तुम्हारे लिए!
वो तुम्हारे साथ रहना चाहता है।
और वो किसी से भी ज़्यादा अच्छी तरह समझता है कि तुम किस दौर से गुज़र रही हो।
परन्तु कैसे... इतनी ज़्यादा कैसे निश्चित हो?
यीशु मनुष्य बना, बिल्कुल हमारे जैसा।
उसने वो सब कुछ सहा जो हम सहते हैं।
वो ऐसे ही परखा गया जैसे हम परखे जाते हैं।
उसने सिद्ध जीवन जीया, बिना पाप के।
परन्तु क्योंकि वो यहां धरती पर हमारे बीच रहा,
वो हमें समझता है।
हमने ऐसा कुछ अनुभव नहीं किया जो उसने न सहा हो।
और उसका प्रेम हमारे लिए बहुत गहरा है।
वो पूरे जीवन में एक सिद्ध साथी है।
सो जब तुम प्रार्थना करती हो, तो उसे हर बात बताती हो?
हर बात,
एक निश्चित ज्ञान के साथ कि वो वास्तव में मुझसे सुनना चाहता है।
और मुझसे भी ?
हां।
हमें अपना जीवन राजाओं के राजा, और प्रभुओं के प्रभु के साथ बांटना है।
सारा!
अय्यूब! ओह!
हा हा!
तुम ठीक हो?
हां। एक सूबेदार ने आकर सैनिकों से कहा मुझे जाने दें।
परमेश्वर की स्तुति हो!
एक गलत आदमी को पकड़ने पर वो उनसे बहुत गुस्सा हुआ।
आओ,
मुझे हर बात बताओ।
परमेश्वर प्रार्थना का उत्तर देता है।
हां।
हां वो देता है प्रिय।
और अब मुझे घर जाना चाहिए।
अलविदा चाची रिवका।
हां याकूब।
जी।
आशा है कि तुम और तुम्हारा परिवार ठीक होंगे।
बिलकुल ठीक हैं धन्यवाद।
और आप?
मैं ठीक हूं। परन्तु मुझे जाना है।
अलविदा।
अलविदा।
याकूब।
तुम्हारी मदद करूं?
उंह, मैं थोड़ी देर के लिए आऊं?
बिल्कुल।
मेरा परिवार है यहां आओ।
दाऊद ने मुझे मैदान में ढूंढा।
वो चाहता था कि कहूं
कि वो बाहर निकल गया है।
उसने ये भी कहा कि
तुम चिंता मत करना वो सुरक्षित जगह पर है।
क्या तुम ठीक हो?
तुम्हें कोई मदद चाहिए?
दाऊद ने मुझे बताया कि
तुम हमारी भेड़ों को भी चराने में अय्यूब की
मदद करना चाहते हो।
बहुत बहुत धन्यवाद।
ये बहुत बड़ी मदद है।
मुझे यकीन है कि मां,
नोआ और मैं ठीक होंगे ।
यदि तुम्हें कुछ चाहिए तो बता देना।
हम,
मैं तुम्हारे और मां के लिए प्रार्थना कर रहा हूं।
मैं हाथ के काम में भी
बहुत कुशल हूं।
मैं सब ठीक कर सकता हूं। तुम जानती हो।
कुछ भी?
हां, सब कुछ नहीं।
धन्यवाद याकूब।
मैं तुम्हारा प्रस्ताव याद रखूंगी।
ठीक है
अच्छा,
अलविदा।
अलविदा याकूब।
आप किस पात्र से मेल खाते हैं और क्यों?
आपकी प्रतिक्रिया क्या होती जब आप या जिससे आप प्रेम करते हैं उसके साथ कोई नाइंसाफ़ी हो जाए?
परमेश्वर किस तरह हमारी प्रार्थना का उत्तर देता है?
यीशु के उदाहरण से हम प्रार्थना के बारे में क्या सीख सकते हैं?
आपने इन महिलाओं से प्रार्थना के बारे में क्या सीखा?