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रोज़ी-रोटी
22 मि॰FHD
3 / 12क्लिप 3 / 12रिवका · 12 अध्याय
रोज़ी-रोटी
मरियम दाऊद के साथ खाना खा रहीं है जब वापस आती है लो एक जवान पुरूष याकूब को बैलो के साथ संधर्ष करते देखती है। लेकिन घर पर मूसा उसे बताता है कि उसका चचेरा भाई उससे शादी करने का इच्छुक है। उसने कहा एनोश के साथ विवाह करना ठीक नही होगा। लेकिन यह बात उसकी समझ में नहीं आई। जब मूसा ने पूछा क्यों तब उसने कहा कि एनोश यीशु मसीह के वचनों पर नहीं चलता। मूसा का मन खराब हो जाता है वह कहता है कि की वो भी यीशु मसीह के वचनों पर नहीं चलता। क्या वह उसे भी अपनाने से इनकार कर देगी? तब लैला मरियम से कहती है कि वचन ही हमारी आशा और भोजन है। मरियम सोचती है विश्वास से कैसे जीवन वयतीत कर सकते हैं। लकिन लैला उसे बताती है की परमेश्वेर ही वो करेंगे।
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प्रतिलेख
Hindi (हिंदी)
रिवका।
रोज की रोटी।
पिता जी कल जाएंगे।
मैं जानता हूं।
धन्यवाद।
आओ आओ चलों।
ठहरों!
रुकों।
आह।
आओ जवानों ।
मरियम कहां है?
वो आ रही है।
तुम आ गई मरियम।
आज रेवड़ कैसा था?
दाऊद कहता है सब ठीक है।
अच्छा, अच्छा।
मरियम,
जब मैं जाऊंगा,
तो तुम्हारी बड़ी जि़म्मेदारी होगी अपनी मां और बहन के लिए।
मैं जानती हूं, पिता जी।
मैं जो भी ज़रूरत हो उसे करने को तैयार हूं।
और तुम बड़ी हो रही हो।
और हम तुम्हें यहां हमेशा नहीं रख सकते, तुम जानती हो।
मुझे जाने की कोई जल्दी नहीं है पिताजी।
हां।
मेरे भाई,
योना ने,
कल शाम को आकर मुझसे बातें कीं।
किस बारे में, पिता जी?
तुम्हारे और अपने बेटे एनोक के बारे में।
शादी की बात कर रहा था।
शादी?
आपने उससे क्या कहा?
उनका एक
अच्छा परिवार है और
उनका बेटा एनोक अच्छा जवान है, जि़म्मेदार है।
परन्तु मैं उससे कैसे शादी कर सकती हूं?
तुम क्या कह रही हो, लड़की?
वो वो मेरे जैसा नहीं है, हम दोनों
एक जैसा नहीं सोचते।
एक जैसा नहीं सोचते?
कुछ ऐसा है जो मुझे नहीं बता रही हो।
क्या इस लड़के ने कोई बदतमीज़ी की?
नहीं, बिलकुल नहीं पिताजी। ऐसा कुछ नहीं है।
ठीक है। तो मैं अपने जाने से पहले इसे निपटा के जाऊंगा।
ओह, मां, मैं एनोक से शादी नहीं कर सकती। यह ठीक नहीं होगा।
ठीक नहीं होगा?
यह सब चीजें समय की शुरुआत से ही ठीक हैं।
मेरा भाई योना, एक अच्छा परिवार, एक अच्छा बेटा एनोक,
और मेरी सुन्दर बेटी मरियम।
क्या अच्छा नहीं है?
परन्तु
वो यीशु का अनुयायी
नहीं है, पिताजी।
मेरे साथ हंसी कर रही हो।
मैं इस नासरी का शिष्य नहीं हूं! तो क्या तुम मुझे पिता कहने से इन्कार कर दोगी?
तुमने और तुम्हारी सहेली ने इस लड़की के दिमाग में क्या भर दिया है?
मरियम, अपनी बहन के पास जाओ ।
तुम्हारी बेटी
मना कर रही है
एनोक से शादी के लिए क्योंकि वो यीशु का शिष्य नहीं है?
मैं जानती हूं तुम मरियम के लिए अच्छा करना चाहते हो, मूसा।
पर क्या इस मामले में उसे कोई और पसंद नहीं दोगे?
पसन्द?
एनोक एक अच्छी पसन्द है।
वह एक सम्मानित जवान लड़का है, और उसका पिता...मेरा भाई है, रिश्तेदार है।
वो मेरे पास आया।
और उन्होंने हमारी बेटी में रुचि दिखाई।
इसलिए तुम्हारे लिए किसी और के बजाय योना के साथ बात करना आसान है?
हां, ये आसान है।
मेरे जीवन में, क्या कुछ आसान नहीं हो सकता?
तुम्हारे लिए आसान, मूसा,
परन्तु मरियम का क्या?
यह उसके पूरे जीवन के लिए होगा।
क्या अकेला जीवन अच्छा होगा?
तो तुम कल जा रहे हो?
वो अभी भी जवान है।
तुम्हारे आने पर बात करेगें।
शायद मैं कभी न भी लौटूं।
नहूम के बारे में सोचो।
ओह ऐसी बातें मत करो।
मैं कमाता हूं,
परिवार का मुखिया हूं।
मुझे ये सब सोचना पड़ता है।
अय्यूब और दाऊद कल यहां होगें।
दाऊद
कल गिरिफ़्तार हो सकता है।
मैं यहां हूं संभालने के लिए।
क्या तुम?
तुम भूल गई
तुम कितनी बीमार रही हो?
मैं नहीं भूल सकता।
परमेश्वर पर भरोसा रखों।वो ही सब देगा।
जैसा कि उसने दिया है?
जैसा कि उसने हमेशा दिया है।
यह
सब उसी ने दिया है।
और मैं यहां नहीं होऊंगा।
मरियम के बारे में सोचो, मूसा, उसकी भावनाओं को समझो।
अभी तो इस मामले को यहीं छोड़ो।
परमेश्वर सब करेगा।
मैं अपने भाई योना को क्या कहूंगा?
तुम कुछ और सोचो।
उसने क्या कहा?
चिंता मत करो।
मुझे विश्वास ही नहीं कि वो जाने से पहले भी कुछ करेगा।
मैं नहीं चाहती कि मैं और मेरा पति बैल जैसे हो जाएं।
क्या मतलब है तुम्हारा?
आज सुबह
मैं ने याकूब को अपने बैलों के साथ जूझते देखा।
हालांकि वो एक साथ जुते हुए थे, फिर भी अलग दिशा में खींच रहे थे,
और कहीं नहीं पहुंच रहे थे।
और वो तुम और एनोक होगे?
नहीं होंगे?
अगर मैं यीशु को मानती हूं और वो नही?
बिलकुल ठीक कहा मरियम।
तो, तुम्हारी बहन कैसी है?
थकी हुई
और बीमार,
परन्तु आशा से भरी।
हां।
अच्छा। जब तक वो बीमार महसूस करती है वो बच्चे के साथ है।
मुझे उसकी कमी लगेगी।
हां।
पिताजी अच्छे इन्सान हैं।
लेकिन वो यीशु को नहीं मानते।
हर बात का अपना समय होता है, प्रिय।
कभी-कभी मैं दुविधा में पड़ जाती हूं।
मैं एनोक का इन्कार करके पिताजी को परेशान कर रही हूं
और मुझे आशा है मैं सही हूं।
अगर गलत हूं तो क्या होगा?
अगर हम ही गलत हैं तो क्या होगा?
मैं कैसे जान सकती हूं कि यीशु ही मार्ग है?
मैं कैसे जान सकती हूं कि उसके वचन सच्चे हैं?
हां, उनके बारे में पहले ही कह दिया गया था
हज़ारों साल पहले।
जब परमेश्वर ने दुनिया बनाई, और आदम और हव्वा ने उनके विरुद्ध पाप किया,
परमेश्वर ने स्त्री से कहा कि तेरी संतान सांप का सिर कुचलेगी।
और एक दिन उसके वंशजों में से एक
पाप और शैतान की शक्ति को नष्ट कर देगा।
और परमेश्वर ने यीशु के आने के सैकड़ों साल पहले नबियों द्वारा बातें कीं।
नबी यशायाह ने
भविष्यवाणी की कि मसीह एक कुंआरी से जन्म लेगें ।
नबी मीका ने भविष्यवाणी की
कि वो बैतलहम में पैदा होगें,
जो रोटी का घर है।
यीशु हमारी आशा है
और हमारा भोजन है।
नबी यशायाह ने यह भी बताया
कि मसीह से नफ़रत की जाएगी उन्हे ठुकराया जाएगा; उन्हे पीटा जाएगा और वो हमारे लिए मरेगें,।
और वे सहे
वही यातना जो हमारे लिए थी
और वो दर्द सहे जिन्हें हमें सहना था।
हमारे पापों के कारण उन्हे घायल किया गया।
हमारी कुकर्मों की वजह से उन्हे पीटा गया।
परन्तु
उनके दण्ड भोगने से हम चंगे हो गए
और उनके घूंसे खाने से हम पुर्ण हुए।
यीशु ने हमारी शर्मिन्दगी अपने ऊपर लेली।
और जब वो जी उठे, उन्होने शैतान और मृत्यु की शक्ति को कुचल दिया,
जैसा परमेश्वर ने हव्वा से वादा किया था।
यीशु ने परमेश्वर की वो सारी भविष्यवाणियाँ अपने जीवन और मृत्यु द्वारा पूरी की
और पुणः जी उठे।
हम शास्त्रों पर भरोसा कर सकते हैं, मरियम, क्योंकि... वे सच्चे साबित हो गए हैं।
वे परमेश्वर के वचन हैं।
जो सर्व-शक्तिमान ने उन्हें प्रेरित किया और उनकी रक्षा की।
वह उन्हें शुद्ध रखने में उत्साही था।
और उन्होंने हमें तृप्त किया,
इस रोटी के समान।
परन्तु वो इससे भी अधिक पौष्टिक हैं।
प्रेरित पौलुस ने लिखा कि सभी शास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचे गए... और धर्म की
शिक्षा देने में,
समझाने में, सुधारने में,
सही जीवन जीने का निर्देश देने में लाभदायक हैं।
जब तुम इस तरह से यीशु के और शास्त्रों के बारे में बात करती हो,
मैं आश्वस्त हो जाती हूं।
परन्तु अपने दिल में पूरे समय यह आश्वासन कैसे रख पाऊंगी?
मैं अपने विश्वास को कैसे जी पाऊंगी, मां?
यह तुम्हारा साहस होगा, मरियम।
हम जब परमेश्वर पर भरोसा रखते है और उनकी आज्ञा मानने लगते हैं, अपने विश्वास में बढ़ते जाते हैं।
और जब तुम हर-रोज़ उसको समर्पित होते हो,
तो वह तुम्हें वह सब विश्वास और बुद्धि देते है जिसकी तुम्हें ज़रूरत है।
दाऊद,
तुम ठीक तो हो?
मैं कैसे ठीक हो सकता हूं,
जबकि मेरे अपने पिता अग्रिप्पा के लिए महल बनाने जा रहे हैं ?
दाऊद,
तुम जानते हो कि मुझे जाना ही है।
और तुम्हें अपनी मां, भाई, और बहनों की देखभाल करनी है।
मेरे बेटे वादा करो मुझसे।
जो हो सके मैं करूंगा।
मैं तुम पर भरोसा रखूंगा।
अलविदा पिताजी।
परमेश्वर तुम्हारे साथ हो।
इस कहानी के समान कोई स्थिति हो तो तुम कैसे निपटोगे?
मरियम ने कैसे किसी अहम बात पर असहमत होते हुए भी पिता का आदर किया?
मरियम की मां ने उसके संदेहों में उसकी मदद कैसे की।
हम कैसे फ़ैसला करेंगे कि सही क्या है?
इस घटना से तुम्हें संदेह और विश्वास के बारे में क्या पता चलता है?