1 / 12रिवका · 12 अध्याय

परिवार में

रिवका जो कि एक परिवार की खास दोस्त और सदस्या है जो की सामाजिक और राजनैतिक संधर्षाे से जूझ रहा है। मरियम जो कि एक जवान स्त्री है और उसका भाई नोआ दौड़कर रिवका के पास मदद के लिए आते है। मरियम की माँ लैला बीमार है। तब रिवका यीशु के नाम लैला की चंगाई के लिए प्रार्थना करती है। रिवका मरियम को यह एहसास कराती है कि परमेश्वर ने हमारे पापों से हमें छुड़ा लिया है यीशु की मृत्यु और उसके जी उठने के द्वारा। जो यीशु को ग्रहण करता है वह परमेश्वर में शांति पाता है। मूसा, जो मरियम का पिता है वह रिवका को वहाँ देखकर निराश होता है। वह मरियम को कहता है कि रिवका को यहाँ से चले जाना चाहिए। तब मरियम यह सोचकर आश्चर्य करती है कि ईश्वर कैसे एक स्वीर्थी जन का कबूल कर सकता है। जब रिवका उसे उडाऊ पुत्र की कहानी सुनाती है कि ईश्वर किसी खोए हुए व्यक्ति को अपने बाँहे फैलाकर ग्रहण करता है। रिवका मरियम को ये आश्वासन देती है कि उम्मीद की किरण हमेशा कायम रहती है।

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प्रतिलेख

Hindi (हिंदी)
रिवका परिवार में किसी सुबह पूरा शहर ही शांत होता है। दुकानदारों ने अभी अपनी दुकानें नहीं खोली हैं। रोमियों ने सड़कों पर मार्च करना शुरू नहीं किया। लेकिन जैसे सुबह की ठण्डी हवा दोपहर की गर्म हवाओं में बदल जाती है वैसे ही सुबह की खामोशी शोर-शराबा और परेशानी में तबदील हो सकती है। मैं बिल्कुल नहीं जानती थी कि आज का दिन क्या ले कर आएगा। नोआ! किनारे हो जाओ! तुम, अलग खडे़ हो! हम छुप क्यों रहे हैं? रास्ते से अलग हटो! श्श्श! नोआ, हमें मां की सहेली से मिलना ही है! पीछे हटो। पीछे हटो! तुम्हें जाना चाहिए। मरियम! क्या बात है? मां ठीक नहीं है। क्या बात है बच्चे? उन्हें खूनी खांसी हो रही है। नोआ! बताओ मुझे, उन्हें कितनी देर से खांसी में खून आ रहा है आज ही शुरू हुआ है। सारा कह रही थी उन्हें बहुत बुखार है आने के लिए धन्यवाद चाची। तुम्हारी मां कैसी है? ठीक नहीं है। तुम्हें पूछ रही थीं। तभी तो मैं ने मरियम को भेजा था अब मैं उन्हें जगा नहीं सकती। तुम जा सकते हो नोआ। समझ नहीं आता क्या करूं। तुमने मुझे बुला के अच्छा किया। इन्हें तो बहुत बुखार है। हमें पानी, तौलिया और तसला चाहिए मरियम क्या तुम जल्दी ला सकती हो? दाऊद? तुम क्या कर रहे हो? कुछ नहीं। मैं बाहर जा रहा हूं। यहां कपड़े पे थोड़ा ख़ून है। इसका क्या? दाऊद? दाऊद? इससे उनका बुखार उतर जाएगा। हमें इनके लिए प्रार्थना करनी चाहिए, मरियम। पिता, मैं धन्यवाद देती हूं कि मैं और मरियम यीशु के नाम में तेरे पास आ सकते हैं। मैं धन्यवाद देती हूं कि जब हम पुकारते हैं तो तू हमारी सुनता है। हम अपनी... प्रिय लैला को तेरे पास लाते हैं। हम प्रार्थना करते हैं कि तू इसे... दर्द से और दुखों से छुटकारा दे। इसे स्वस्थ कर प्रभु। हम धन्यवाद देते हैं कि तू इससे बहुत ज़्यादा प्रेम करता है और हम इसे यीशु के नाम में तेरे हाथों में सौंपते हैं। आमीन। जब मैं मां के लिए प्रार्थना की कोशिश करती हूं, मुझे नहीं लगता कि परमेश्वर मेरी सुनेगा । क्यों नहीं? मैं नहीं जानती। मुझे शर्म महसूस होती है। मैं क्या हूं जो परमेश्वर से कुछ मांगूं? लेकिन मरियम, यीशु ने तुम्हारी सारी शर्म क्रूस पर अपने ऊपर ले ली। तुम्हें अपने नाम में परमेश्वर के पास जाने का अधिकार दिया। परन्तु मैं तुम्हारी तरह अच्छी नहीं न मां की तरह। कोई भी इतना अच्छा नहीं कि परमेश्वर के सामने आ सके। लेकिन उसने हमारे लिए यीशु के बलिदान द्वारा रास्ता निकाला। इस बर्तन के पानी को देखो। एक बूंद खून की या किसी भी गंदगी की इस पूरे बर्तन को गंदा कर सकती है। यही बात पाप के साथ होती है, प्रिय, चाहे वो कितना ही छोटा हो या बड़ा। महान परमेश्वर शुद्ध और पवित्र है। वो कोई भी पाप सहन नहीं कर सकता। परन्तु जैसे जूफा पानी साफ़ करता है, वैसे ही परमेश्वर यीशु की मृत्यु और जी उठने के द्वारा हमें शुद्ध करता है। हालांकि वो शुद्ध और निष्पाप था... उसने हमारे पापों और भ्रष्टता का दण्ड अपने ऊपर ले लिया। वो हमारे लिए मरा ताकि हम शुद्ध हो जाएं। और वो हमारे लिए जी उठा, हमारे पाप और मृत्यु के बंधन को तोड़ते हुए, हमारी शर्मिन्दगी को दूर करते हुए। ऐसे परमेश्वर ने हमारे साथ मेल किया। और हम इस मेल को ग्रहण करते हैं जब हम प्रतिज्ञा किए हुए मसीह को और हमारे लिए उसके बलिदान को ग्रहण करते हैं। जैसा तुमने किया है मरियम। वो तुम्हारी सुनता है और तुमसे प्यार करता है। मरियम, तुम्हारी मां कैसी है? आह, रिवका, मुझे आशा है तुम ठीक होगी। हां, मूसा, और मुझे आशा है कि तुम भी ठीक होगे। उनका बुखार उतर रहा है पिताजी। चाची रिवका ने उनकी मदद की है। यह औरत यहां क्यों है हमारे घर में? क्या मैं ने तुमसे नहीं कहा था कि मैं इसे या इसके पति को पसंद नहीं करता? लेकिन, पिताजी, वो मां की सहेली है। वो अच्छी औरत है और बुद्धिमान है। परन्तु हमारे हिसाब से नहीं। उसका पति कर अधिकारी है! रोमियों के लिए! और वो शिष्या है नासरत के यीशु की। मां ने कहा था उसे बुला लाऊं, पिताजी। अच्छा। क्या परेशानी है? रात में हमारे दो सैनिकों पर हमला किया गया। हमें शक है उसमें तुम्हारे घर का कोई शामिल है। इस घर से? यह तो सम्भव नहीं है। हम अच्छे परिवार से हैं। कानून को मानते हैं। तुमने अपराधी को पनाह दी है। अलग हटो। यहां कोई अपराधी नहीं है। घर की तलाशी लो। तुम अपना समय नष्ट कर रहे हो। घर में सिर्फ़ औरतें हैं। मैं सारी रात घर पर ही था, और मेरा बेटा और मेरा दामाद भी। अंदर खोजो। भेड़ों के साथ मैदानों में थे। नहीं। मत करो! मेरी पत्नी बुरी तरह बीमार है। आओ। हम बाद में आएंगे। ओह मेरा बेटा। अब उसने क्या किया है? सब ठीक है, मां। वे चले गए। मैं उसके लिए प्रार्थना करती हूं। उसके लिए प्रार्थना करती हूं। मुझे उसकी भी चिंता है। वह बहुत हठी और मनमानी करने वाला है। जब मां इतनी बीमार है, तो उसे घर की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए, घर की मदद करनी चाहिए। परन्तु ऐसा करने के बजाए वो हमें मुसीबत में डाल रहा है। वो सिर्फ़ अपने बारे में सोचता है। परमेश्वर उससे कैसे प्रेम कर सकता है जो हर महत्वपूर्ण चीज को फेंकने पर तुला हो? यीशु ने एक बार एक जवान के बारे में बताया जिसने स्वार्थ से काम किया, जिसने सिर्फ़ अपने बारे में सोचा था। एक बेटा अपनी जायदाद पहले ही से हासिल करना चाहता था। उसके पिता को यह पसंद नहीं था, परन्तु फिर भी उसने उसे दे दी। और फिर वो लड़का विदेश में किस्मत आजमाने चला। और ज़्यादा समय नहीं हुआ कि उसने अपना सबकुछ अय्याशी में उड़ा दिया। वो जल्दी ही कंगाल, और बिना दोस्तों के हो गया, और भूखों मरने लगा। फिर उसने क्या किया? उसने अपने पिता को याद किया। उसने याद किया अपने पिता की दयालुता और सामर्थ को और कैसे उसके पिता के घर में नौकरों तक की देखभाल होती है और उन्हें अच्छा खाना मिलता है। उसने फ़ैसला किया कि घर लौटेगा और पिता से कहेगा, मैंने परमेश्वर के और तेरे विरुद्ध पाप किया है। मैं तेरा बेटा कहलाने लायक भी नहीं हूं। मेहरबानी करके बस अपने नौकर जैसे ही रखले। परन्तु जब बेटा दूर ही था, उसका पिता दौड़ कर उसके पास गया। उसे गले लगाया, और उसे चूमा। और अपने नौकरों से कहा, जल्दी! सबसे अच्छे कपड़े लाओ और इसे पहनाओ। इसकी उंगली में अंगूठी और पांव में जूते पहनाओ। और फिर।। एक पला हुआ बछड़ा काटो और आओ हम दावत करें। क्योंकि ये मेरा बेटा मर गया था, परन्तु अब जीवित है ; वो खो गया था, परन्तु अब मिल गया है। उसके पिता ने उसे अपना लिया? ओह! वह उसके सुरक्षित लौटने की राह देख रहा था। तुम सोचती हो परमेश्वर दाऊद का इंतजार कर रहा है? ओ हां प्रिय, बल्कि उसके पीछे भाग रहा है। मुझे आश्चर्य होगा कि कोई बाप अपने बेटे को ऐसे अपनाता है जबकि उसका बेटा इतना कुछ कर जाए। उसके बेटे ने शर्मिन्दगी का काम किया, और पिता ने माफ़ कर दिया। मैं सोचती हूं बेटे को घर लौटने के लिए और पिता का सामना करने के लिए बहुत साहस की ज़रूरत पड़ी होगी। अब मुझे घर जाना चाहिए, वरना मेरा पति मुझे खोजता हुआ यहां आ जाएगा। तुमने सारा दिन ही लगा दिया। तुम्हारे और तुम्हारे परिवार के लिए ये मुश्किल का दौर है। परन्तु मैं ने देखा है कि बहुत मुश्किल के दौर में भी हम परमेश्वर की उपस्थिति और उसके वचन में आशा रख सकते हैं। मरियम? ये तुम्हारे लिए हैं। यशायाह नबी ने इस आशा का बहुत अच्छा चित्रण किया है कि जब परमेश्वर आता है तो रेगिस्तान भी आनन्द मनाते हैं। मां को ज़रूरत हो तो मेरे पास ज़रूर आ जाना। ज़रूर। धन्यवाद इतना सब करने के लिए। तुम अपने को किस पात्र के निकट पाते हो और क्यों? कोई क्यों आश्चर्य करेगा यदि परमेश्वर उसकी प्रार्थना सुनता है? मरियम के अनुसार, रिवका और लैला दोनों ही अच्छी महिलाएं हैं। तुम्हारी नज़र में कौन सी बात किसी को अच्छा बनाती है? हमें क्या करना चाहिए कि हम परमेश्वर की दृष्टि में ग्रहणयोग्य बन जाएं और जान सकें कि वह हमारी प्रार्थना सुनता है? उड़ाऊ पुत्र की कहानी से हमें अपने प्रति परमेश्वर की किस भावना का पता चलता है?
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