35 / 61यीशु · 61 अध्याय

यीशु का विजयी प्रवेश

यीशु यरूशलेम की ओर चल पड़ा। यरूशलेम के बाहर खजूर की डालियाँ लिए भीड़, एक गधी के बच्चे के साथ खड़ी थी। तब वह उस गधी के बच्चे पर सवार होकर यरूशलेम की ओर चल पड़ा। तब भीड़ के लोग जोर-जोर से नारे लगाने और जयजयकार करने लगे। उन्होंने यीशु के स्वगत में अपने वस्त्र और खजूर की डलियाँ मार्ग में बिछा दी। कुछ फरीसियों ने आकर उनका रास्ता रोक कर कहा कि तू अपने चेलों से कह कि वह शांत रहे। तब यीशु ने हँसकर कहा कि अगर ये चुप हो जाएँगे तो पत्थर बोल पड़ेगें।

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Luke 19:35-40
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प्रतिलेख

Hindi (हिंदी)
और प्रभु यीशु दृढ़ निश्चय के साथ यरुश्लेम की ओर चल दिये हालांकि वे जानते थे कि उन्हे मानव जाति के पापों के लिए अपने प्राण देने होगें, फिर भी वे यरुशलेम की ओर बढ़ते गये। बहुत से लोग उनके आगमन पर आन्दिंत हुए और उन्हे अपना राजा मान लिया। गुरु!, अपने शिष्यों को आज्ञा दे कि वे शांत रहें. मैं कहता हूँ यदि ये चुप रहें तो स्वंयम ये पत्थर चिल्ला उठेगें. सबको आशीष मिले!
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