यीशु का विश्वासघात और गिरफ़्तारी
यीशु ·44 / 61क्लिप 44 / 61
यीशु का विश्वासघात और गिरफ़्तारी
तब यहूदी याजको के समूह में से पुरनिय आपस में मिलकर बाते करने लगे कि किस प्रकार यीशु से छुटकारा पाया जाए। उसी वक्त यीशु ने अपने शिष्यों से कहा - कि प्रार्थना करो ताकि परीक्षाओं में न पड़ो। तब यहूदा उन यहूदी पुरनुयों के पास गया और यीशु को पकड़वाने के लिए चाँदी के सिक्के लिए। तब यीशु अकेले होकर प्रार्थना करने गया। तब उसने प्रार्थना में अपने पिता परमेश्वर से कहा- कि यदि हो सके तो यह प्याला उसके सामने से टल जाए। परन्तु मेरी नहीं तेरी इच्छा पुरी हो। जब यीशु प्रार्थना कर रहा था तब उसका पसीना खून की बूँदों के रूप में टपक रहा था। तब वह प्रार्थना करके वापस अपने चेलों के पास आया किन्तु उन्हें साते हुए पाया। तभी यहूदियों का बड़ा झण्ड जहाँ यीशु था पहुँचा। तब यहूदा जो झण्ड की अनुवाई कर रहा था यीशु के पास आया और उसके गालों को चूमा। तब चेले उनसे युद्ध करने के लिए आगे बड़े। तब पतरस ने आगे बढ़कर उस भीड़ में आए हुए एक व्यक्ति का कान काट लिया। लेकिन यीशु ने तुरन्त उस व्यक्ति का कान जोड़ दिया और झगड़े को शांत किया। यीशु ने उनसे पूछा, तुम मुझे भाले के साथ कयों ढूंढ़ते हो। तब उन्होंने यीशु को पकड़ लिया।