यीशु·10 / 61

प्रेरितोंका चुना जाना

यीशु ने मत्ती लेवी नमक चुंगी लेने वाले को फाटक के पास खड़े देखा। वह सीमाकर विभाग के लिए वहाँ से गुज़रने वाले लोगों से कर वसूलता था। जैसे ही यीशु ने उसे देखा, वह भाप गया और ऊपर देखा। यीशु ने उससे कहा ‘‘मेरे पिछे हो ले’’। मत्ती थोड़ी देर उन्हें जाते देखता है। फिर वह धीरे से खड़ा हुआ और सब कुछ छोड़ यीशु के पीछे हो लिया। कुछ समय बाद यीशु पहाड़ पर प्रार्थना करने को जाते हैं। वह सारी रात परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं। अगली सुबह जब वह पहाड़ से नीचे उतरते हैं, तो वह अपने अनुयाईयों को इकट्ठा करते हैं। उनमें से वह 12 प्रेरितों को चुनते हैं। शमौन (जिसका नाम पतरस रखा) और उसका भाई अन्द्रियास जो कि एक मछुआ था जिसने बहुत से मछलीयों को पकड़ने के आश्चर्यकर्म का अनुभव किया था। फिर यीशु ने याकूब, यूहन्ना, फिलिप्पुस और बरतुल्मै को चुना। फिर उन्होंने चुंगी लेने वाले मत्ती को चुना जिसे यीशु ने फाटक पर से बुलाया था। और आखरी में यीशु ने थोमा, हलफै का पुत्र याकूब, शमौन जिलौत, याकूब का बेटा यहूदा और यहूदा इस्करियोती जो उसे पकड़वाएगा।

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Luke 5:27-28
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Hindi (हिंदी)
उसके बाद उसने चुंगी लेने वाले मत्ती लेवी को चुंगी स्थल पर बैठे देखा. मेरे पीछे आओ और येशु प्रार्थना करने पहाड़ी पर गये. जहाँ वे सारी रात परमेश्वर से प्रार्थना करते रहे. और अगले दिन उन्होंने बारह शिष्यों का अभिनंदन कर उन्हे प्रेरित कहा। शिमौन जिसे उन्होंने पतरस नाम दिया और उसका भाई अन्द्रियास याकूब और यूहन्ना, फिलिप्पुस और बरतुलमय और मत्ती और थोमा याकूब हलफई का पुत्र और शिमौन जो जेलोतेस कहलाता था. यहूदा जो याकूब का भाई था. और यहूदा इस्करयोति जो विश्वासघाती निकला.
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