खंड
प्रार्थना और विश्वास के बारे में शिक्षा
2 मि॰FHD
यीशु·26 / 61क्लिप 26 / 61
प्रार्थना और विश्वास के बारे में शिक्षा
यीशु ने उन्हें सिखाया, कैसे प्राथना करें। यीशु कहते हैं "मांगो तो तुम पाओगे।" उन्होंने याचना भरे स्वर में कहा "ढूँढो" और आश्वासन दिया की वह पाएंगे। यीशु अपने अनुयायियों को याद दिलाते है कि उनमें से कोई भी अपने बच्चों को जब वह उनसे अच्छी वस्तुएं मांगे तो बुरी वस्तुएं नहीं देगा। उन्होंने कहा चाहे यह मानव जाती कितनी भी बुरी हो अपने बच्चों को अच्छी वस्तूएँ देना जानते है। फिर हमारे स्वर्गीय पिता जो उनसे मागेगा उन सब को पवित्र आत्मा क्यों ना देंगे ।
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साझा करेंLuke 11:9-13
Luke 12:22-31
प्रतिलेख
Hindi (हिंदी)
माँगो तो तुम्हे दिया जायेगा.
ढूँढो तो तुम पाओगे,
खटखटाओ तो तुम्हारे लिये द्वार खोला जायेगा
क्योंकि जो माँगता है उसे दिया जाता है
और जो ढूँढता है वो पाता है
और जो खटखटाता है उसके लिये द्वार खोला जाता है.
(हँस)
तुममें से ऐसा कौन पिता होगा जो अपने पुत्र को
रोटी मांगने पर पत्थर देगा
या पानी मांगने पर उसे जहर देगा.
जब तुम बुरे होकर अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएं देना जानते हो
तो तुम्हारा परमपिता परमेश्वर अपने मांगने वालों को पवित्र आत्मा क्यों न देगा !
मैं कहता हूँ.
अपने प्राणों की चिन्ता न करो कि हम क्या खायेंगे
और न ही अपने शरीर की कि क्या पहनेंगे
क्योंकि प्राण भोजन से बढ़कर है और शरीर वस्त्र से बढ़कर
पक्षियों पर ध्यान दो
वे न बोते हैं न काटते हैं और न ही उनके कोई भण्डार हैं
फिर भी परमेश्वर उन्हें खिलाता हैं
और तुम तो पक्षियों की तुलना में कही बढ़कर हो.
तुममें से कौन चिन्ता करके
अपनी आयु बढ़ा सकता है.
जब तुम यह छोटा सा काम नहीं कर सकते
तो बाकी चिन्ता क्यों करते हो ?
इन फूलों को देखो,
ये कैसे बढ़ते हैं,
वे किसी तरह का परिश्रम नही करते,
राजा सुलैमान इनमें से एक के समान भी सुन्दर वस्त्र न पहन सका.
यदि परमेश्वर
मैदान की घास को सजाते जो आज है और कल आग में झोंकी जायेगी
तो निश्चय ही वो तुम्हें भी वस्त्र पहनायेंगे.
हे अल्प विश्वासियों !
हमारे विश्वास को बढ़ाये !
यदि तुम्हारा विश्वास राई के दाने के बराबर भी होता तो तुम
इस पेड़ से कहते
के जड़ से उखड़कर समुन्द्र में जा लग तो ये तुम्हारी बात मान लेता.