खंड
यीशु को व्यक्तिगत रीतिसे जानने के लिए निमंत्रण
6 मि॰FHD
यीशु·61 / 61क्लिप 61 / 61
यीशु को व्यक्तिगत रीतिसे जानने के लिए निमंत्रण
वचक परमेश्वर को व्यक्तिगत रूप से जानने का न्यौता देता है । यह न्यौता सभी के लिए समान रूप से है। इसका अर्थ यह है कि परमेश्वर की ओर फिरें और यीशु पर विश्वास करो अपनी जिंदगी के लिए और पापों की क्षमा के लिए। जब हम यीशु के अनुयायी बनने के लिए तैयार है तब हम प्रार्थना के माध्यम से उन से बात कर सकते हैं।
प्रश्नसंबंधित प्रश्न
अपना प्रश्न पूछेंबाइबल उद्धरण
साझा करेंप्रतिलेख
Hindi (हिंदी)
हजारों साल पहले पवित्र शास्त्र में भविष्यद्वक्ताओं ने लिखा कि परमेश्वर
पापियों को बचाने और अपने साथ मेल मिलाप करने के लिए
मसीह को भेजेगें। यीशु का जीवन स्पष्ट रीती से ये बताता है कि वो
वही उद्धारकर्ता है, जिन्हे भेजने के लिए परमेश्वर ने वचन दिया भविष्यद्वक्ता यशायाह ने कहा कि
एक कुँवारी गर्भवती होगीं और एक पुत्र को उत्पन्न करेंगी और ऐसा ही हुआ भी। परमेश्वर की साम्थर्य से मरियम
जो एक कुँवारी थी गर्भवती हुई और उन्होंने यीशु को जन्म दिया।
जैसा शास्त्र वचन में लिखा है उनका अद्धभुत रीति से जन्म लेना परमेश्वर की ओर से ये चिन्ह है
कि वो बालक जो जन्मा है मसीह है जिसे परमेश्वर अपना पुत्र कहते है।
जब लोगों ने यीशु को देखा तो उन्होंने उनमे परमेश्वर के चरित्र और साम्थर्य को देखा।
उन्होंने लोगों को चंगाई दी और उनके पापों को क्षमा किया। उन्होंने लोगो से वादा किया कि उन्हे अनंत राज्य में स्थान मिलेगा।
यीशु ने अपना जीवन बलिदान किया और सब मनुष्यों दण्ड स्वयम सहा।
उन्होने मृतकों में से जी उठने के द्धारा ये प्रकट किया कि उनकी साम्थर्य मृत्यु की साम्थर्य से कही ज्यादा है।
यीशु जो मसीह है कहा कि मेरे पास अपने प्राण देने की भी साम्थर्य है और साथ ही उसे वापस लेने की भी।
उनका जीवन बिल्कुल ऐसा था जैसा भविष्यद्वक्ताओं ने मसीह के विषय में लिखा था।
इस बात का पक्का प्रमाण कि परमेश्वर का वचन पूर्णतया पवित्र, सत्य और कभी न बदलने वाला है।
यीशु ही परमेश्वर का वचन है। परमेश्वर यीशु के द्वारा अपने आप को लोगों पर प्रगट करते है। यीशु हमें परिपुर्ण जीवन देने आए,
आदि में परमेश्वर ने आदम और हव्वा की रचना की थी,
ताकि वे उनकी उपस्थिति में आनंद से रह सके लेकिन उन्होने परमेश्वर पर अविश्वास किया
और उनकी आज्ञा को नही माना। उस लज्जा जनक कार्य ने उन्हे परमेश्वर से दूर कर दिया।
पवित्र शास्त्र में लिखा है कि सभी मनुष्यों ने पाप किया है और पाप का परिणाम मृत्यु है।
जो लोग पाप करते है वो परमेश्वर के साथ संगति नही कर सकते।
जिस प्रकार परमेश्वर ने एक मेढ़ा अब्राहम के पुत्र की जगह मरने के लिए उपलब्ध कराया
इसी प्रकार परमेश्वर ने यीशु को आदम के वंशजों की जगह मरने के लिए भेजा।
उन्होने ये ये इसलिए किया कि जो कोई भी यीशु पर विश्वास करते हैं वो उनकी उपस्थिति में आ सकते हैं।
इसलिये जो यीशु के पीछे चलते हैं वे पाप के दंड से छुटकारा पाकर सदैव परमेश्वर के साथ रहेंगे।
जब यीशु मुर्दों में से जी उठे तो उन्होने अपने चेलों से कहा,
हर राष्ट्र में मेरे नाम से लोगों में ये प्रचार किया जाएगा
कि परमेश्वर उनके अपराध क्षमा करते है जो अपने पापों को छोड़कर उनकी ओर फिरेंगे।
यीशु ने ये भी कहा कि परमेश्वर पवित्र आत्मा को भेजेगें कि वे उनके चेलों के साथ रहे और उन्हें साम्थर्य दे
कि वे परमेश्वर के मार्ग पर चल सकें। जब एक पापिन स्त्री ने अपने पापों से मन फिराया और यीशु के पीछे चलना शुरू किया,
तब यीशु ने उससे कहा तेरे पाप क्षमा हुए। तेरे विश्वास ने तुझे बचा लिया।
यीशु ने कहा जब लोग पूर्ण सच्चाई से परमेश्वर से प्रेम करते हैं तो उसका प्रमाण है कि परमेश्वर ने उनके अपराध क्षमा किए।
जो यीशु के शिष्य बनने का निर्णय लेते हैं वे यीशु के साथ अपने सबंध की शुरूआत इन शब्दों के इस्तेमाल से कर सकते हैं।
पिता परमेश्वर आप धर्मी हैं मैं धन्यवाद करता हूँ कि आप मुझसे प्रेम करते हैं।
मुझे इस बात का पछतावा है कि मैंने आपकी आज्ञाओं को नहीं माना और आपके विरुद्ध पाप किया।
मैं धन्यवाद देता हूँ कि आपने यीशु को मेरी जगह क्रूस पर मरने के लिए भेजा और वो तीसरे दिन जी उठें।
मैं धन्यवाद देता हूँ कि उन्होने मेरे पापों का दंड सहा।
मैं आपके मार्ग पर चलना चाहता हूँ और यीशु को अपने उद्धारकर्ता और प्रभु के रूप में ग्रहण करना चाहता हूँ।
ममैं धन्यवाद देता हूँ कि आपने मेरे पापों को क्षमा किया
और हमेशा के लिए अपने साथ अपने राज्य में रहने के लिए द्वार खोल दिये।
मैं विन्नती करता हूँ कि अपना पवित्र आत्मा मुझे दें ताकि वो मेरे साथ रहे और मुझे आपका मार्ग दिखाए।
वो मुझे साम्थर्य दे ताकि मैं अपने पूरे मन से आपसे प्रेम रख सकूँ ताकि मैं ऐसा जीवन जीऊँ जो आपको पसंद हो।
और इस दुनिया में हर जगह लोग आपकी स्तुति करें आमीन।
यीशु ने अपने शिष्यों के बारे में कहा मेरी भेड़े मेरा शब्द सुनती हैं
और मैं उन्हें जानता हूँ और वो मेरे पीछे चलती हैं। यीशु के शिष्य आपस में मिलते हैं वो हर रोज उनसे बातें करते हैं
उनके वचन को पढ़ते हैं वो हमेशा उनकी शिक्षाओं को मानते हैं।
अनुसरण करते हैं यीशु उनके मार्ग दर्शक है और परमेश्वर का आत्मा जो उनके हृदय में रहता हैं
उन्हे साम्थर्य प्रदान करता है। हमेशा उसे याद रखे
जो यीशु ने उनके स्वर्ग पर उठाये जाते समय कहा।
परमेश्वर ने मुझे समस्त स्वर्ग और पृथ्वी का अधिकार दिया है। विश्वास रखे कि मैं हमेशा तुम्हारे साथ इस जगत के अंत तक हूँ।