फरीसी और टैक्स कलेक्टर का दृष्टान्त
यीशु ·7 / 61क्लिप 7 / 61
फरीसी और टैक्स कलेक्टर का दृष्टान्त
यीशु लोगों को गन्नेसरत नामक झील के किनारे लगी नाव पर सिखाते है। वह दृष्टान्तो में बात करते है, वह फरीसी और चुंगी लेने वाले का मंदिर में प्रार्थना के जोने का उदाहरण लेते है। वह दोनो व्यक्ति विभिन्न् तरिके से प्रर्थना करते है। इस कहानी मे फरीसी अपने गुणो का गुणगान करते हुए आदर योग्य पहलुओं को बताता है। वह परमेश्वर का धन्यवाद करता है कि वह दूसरों की तरह लालची, कपटी या व्यभिचारी नहीं है। वह खासतौर पर चुंगी लेने वाले की ओर ध्यान देकर परमेश्वर का धन्यवाद करता है कि वह उसके जैसा नहीं है। फरीसी बेधड़क होकर प्रभु से जो कुछ वह करता है, कहता है, वह हफ्ते में दो दिन उपवास करता है और अपनी आय का दश्मांश भी देता है। चुंगी लेने वाल वेदी से दूर खड़ा होता है। सिर झुकाए, अपनी छाती पीटता है। वह सिर्फ यह प्रार्थना करता है, ‘‘परमेश्वर, मुझ पापी पर दया कर’’।