खंड
अच्छे सामरी का दृष्टान्त
2 मि॰FHD
यीशु·31 / 61क्लिप 31 / 61
अच्छे सामरी का दृष्टान्त
एक आदमी ने यीशु से कहा की उसे क्या करना चाहिए। यीशु ने पूछा, "पवित्र शास्त्र क्या कहता है"? आदमी ने उत्तर दिया, "कि तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी शक्ति और अपनी साड़ी बुद्धि के साथ प्रेम रख; और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।" यीशु उन्हें बताते हैं की यदि वह यह करेंगें तो वह जीवन पाएंगे। तभी कोई पूछता है कि "मेरा पड़ोसी कौन है?"
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प्रतिलेख
Hindi (हिंदी)
हम क्या करें?
धर्मशास्त्र क्या कहता है ?
इसका क्या अर्थ है ?
तुम अपने प्रभु परमेश्वर को
सम्पूर्ण हृदय,
सम्पूर्ण प्राण,
सम्पूर्ण साम्थर्य,
सम्पूर्ण मन से प्रेम करो
पड़ोसी को अपने समान प्रेम करो.
तुमने ठीक कहा.
यही करो तो जीवित रहोगे.
मेरा पड़ोसी कौन है ?
वे सैनिक तो नहीं
क्या राजा होगा ?
एक बार एक मनुष्य यरूशलेम से यरीहो जा रहा था,
तब डाकूओं ने हमला किया
और लूटकर उसे अधमरा छोड़कर चले गये.
तब एक धर्मगुरू वहाँ से गुजरा और उसे देखकर वहाँ से कतरा कर चला गया.
इसी प्रकार एक पुरोहित भी वहाँ से निकला, पास आया और उस व्यक्ति को देखा और मुंह फेर कर चला गया.
परन्तु एक दलित ने मार्ग से गुजरते समय
उस घायल मनुष्य को देखा और उसका हृदय दया से भर गया.
उसने घायल के पास जाकर घावों को साफ किया,
फिर उसे अपनी सवारी पर बैठाकर वो एक सराय में ले गया. जहां उसकी सेवा टहल की.
दूसरे दिन मालिक को कुछ रुपयें देकर उसकी देखभाल करने को कहा।
और कहा जो कुछ खर्च आयेगा मैं लौटने पर तुम्हें दे दूंगा.
इन तीनों में से किसने डाकुओं द्वारा लूटे व्यक्ति से अच्छे पड़ोसी का फ़र्ज निभाया ?
जिसने उस पर दया की
फिर तुम भी यही करो
आह !