वीडियो लोड हो रहा है
प्रतिलेख
Hindi (हिंदी)
दोपहर हो चुकी थी और तीन घंटे तक सारे देश में अंधकार छाया रहा.
और मंदिर का पर्दा उपर से लेकर नीचे तक फट गया
हे पिता
आपके हाथों में
मैं अपनी आत्मा
सौंपता हूँ.
सौनिकों के सूबेदार ने ये देखकर परमेश्वर की बड़ाई करते हुए कहा
परमेश्वर की महिमा हो! निश्चय ही ये एक धर्मी मनुष्य थे।