खंड
यीशु और जकई
2 मि॰FHD
यीशु·33 / 61क्लिप 33 / 61
यीशु और जकई
जब यीशु ने नगर में प्रवेश किया तो भीड़ उनकी तरफ उमड़ पड़ी। उस नगर में, जक्कई, एक छोटे कद का व्यक्ति, यीशु को देखने की कोशिश करता है। वह भीड़ के ऊपर से नहीं देख सकता था और ना ही उनके बीच जा सकता था। यीशु को देखने वह एक पेड़ पर चढ़ता है। यीशु उसे पेड़ पर देख कर उसे उसके नाम से पुकारते है। वह जक्कई से कहते हैं की पेड़ से नीचे उत्तर आओ क्योंकि यीशु उसके साथ भोजन करना चाहते हैं। लोग चकित हो गए। जक्कई उस नगर का चुंगी लेने वाला है। मगर जक्कई अत्यंत प्रसन है। वह तुरंत पेड़ से उतरा और यीशु को अपने घर की ओर ले चला।
प्रश्नसंबंधित प्रश्न
अपना प्रश्न पूछेंबाइबल उद्धरण
साझा करेंLuke 19:1-10
प्रतिलेख
Hindi (हिंदी)
यरूशलेम जाते समय हर जगह प्रभु यीशु को भारी भीड़ मिली.
लोग उनसे उद्धार का मार्ग और परमेश्वर के राज्य के बारे में और जानना चाहते थे।
ये मनुष्य भविष्यवक्ता है.
मेरे प्रभु और स्वामी, मुझे बचाईये!
हे प्रभु हमें बचाये, हमें बचाये!
प्रभु की स्तुति हो.
हमें सच्ची राह दिखाइयें, प्रभु !
लोगो ने प्रभु यीशु को अपने प्रभु और स्वामी के रूप में स्वीकार करना प्रारंभ कर दिया।
दर्शन को उत्सुक यरीहो नगर में जक्कई नाम का चुंगी लेने वाला यीशु को देखने की उत्सुकता में पेड़ पर चढ़ गया।
ये तो चुंगी लेने वाला है.
आहा हा हा जक्कई जल्दी नीचे उतरो
क्योंकि आज मुझे तुम्हारे घर ठहरना है.
मेरे घर
उसके घर कौन ठहरेगा ?
जक्कई यीशु को कैसे जानता है ?
सुनो
मैं अपनी
सम्पत्ति का आधा भाग
गरीबों को दे दूगाँ.
अगर मैंने
किसी को ठगा है
तो मैं उसे
चार गुना लौटा दूगाँ.
मैं नहीं मान सकता कि एक चुंगी लेने वाला पैसा वापस करे. असम्भव!
आज इस घर में मुक्ति आयी है.
ये मनुष्य भी इब्राहिम के वंश से ही है.
मैं खोये हुओं को ढूँढने और उनका उद्धार करने आया हूँ।