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प्रतिलेख
Hindi (हिंदी)
इस धर्मगुरु ने यीशु को रात्रि भोज पर बुलाया। यीशु उनके घर गये और भोजन करने बैठे।
चलो बच्चों , यहाँ से चले जाओ ।
तुमने सुना नहीं,
जाओ
बड़े शरारती हैं ये बच्चे।
ये यहाँ क्या, कर रही है ?
मुझे नहीं पता.
ये कर क्या रही है ?
यदि ये मनुष्य सचमुच कोई भविष्यवक्ता होता तो जान लेता कि ये स्त्री कैसी है. जो उसे छू रही है.
वो जानता कि वो कैसा पापमय जीवन जी रही है.
मैं जानता हूँ कि ये स्त्री कौन है, शिमौन !
मैं तुम्हें एक बात बताता हूँ
किसी महाजन के दो कर्जदार थे.
एक पर पाँच सौ और दूसरे पर पचास रूपये का कर्ज था.
दोनों ही कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं थे,
उसने दोनों का कर्ज माफ कर दिया
उससे अधिक प्रेम कौन करेगा ?
मेरे ख्याल से जिसका अधिक कर्ज माफ हुआ हो.
तुमने ठीक कहा !
इस स्त्री को देखो,
मैं तुम्हारे घर आया, तुमने मुझे पैर धोने के लिये पानी भी नहीं दिया, पर इसने आँसुओं से मेरे पैर धोकर अपने बालों से पोछा .
मैं तुम्हारे घर आया, तुमने मुझे पैर धोने के लिये पानी भी नहीं दिया, पर इसने आँसुओं से मेरे पैर धोकर अपने बालों से पोछा .
तुमने चुंबन से मेरा अभिनंदन नहीं किया
पर जब से मैं आया हूँ तब से इसने मेरे पाँव चूमना न छोड़ा,
तुमने मेरे सिर पर तेल नहीं मला
पर इसने मेरे पाँव पर इत्र उण्डेला है.
मैं तुमसे कहता ह
कक इस स्री का अत्यधिक प्रेम लसद्द करता है कक इसके पाप जो बहुत थे, क्षमा हुए
पर जिसे थोड़ी क्षमा मिली
वह थोड़ा ही प्रेम करेगा।
तुम्हारे पाप क्षमा हुए.
ये कौन होता है पाप क्षमा करने वाला ऐसे कैसे कह सकता है? ये कैसे पाप क्षमा कर सकता है?
तुम्हारे विश्वास ने बचा लिया। शांति से जाओ.